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नहीं बंद होगा एक जून को रेल यातायात
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
Updated Thu, 29 May 2014 01:01 AM IST
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रेलवे की ओर से एक जून को लिया जाने वाला ब्लॉक अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया गया। 18 मई को अंबाला रेलवे मंडल अधिकारियों और रेलवे कंट्रोल की ओर से पत्र जारी करके 13 घंटे के लिए रेलवे लाइन ब्लॉक करने की सूचना जारी की थी। यह ब्लॉक कलानौर यमुना नदी पर पुल निर्माण के लिए लिया जाना था।
जानकारी के अनुसार यात्रियों की सुविधा और सीजन को देखते हुए रेलवे ने फिलहाल अपना फैसला बदल दिया है। जो आगामी ब्लॉक की सूचना आने तक जारी रहेगा।
बता दें कि कलानौर यमुना नदी पर बना रेलवे पुल गत वर्ष आई बाढ़ में बह गया था। इस कारण रेल यातायात तीन दिन तक पूरी तरह बंद रहा था। जिसके बाद रेलवे ने यहां अस्थायी पुल का निर्माण करवा यातायात सुचारु किया था।
इसी पुल को स्थायी रूप देने के लिए रेलवे कंट्रोल ने पहली जून को सुबह सात बजे से शाम आठ बजे तक 13 घंटे का ब्लॉक लेने की सूचना सभी रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को जारी की थी। लेकिन रेलवे ने यह ब्लॉक लेना अभी कैंसल कर दिया है, जो आगामी सूचना तक जारी रहेगा।
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ब्लॉक के दौरान सहारनपुर से अंबाला और अंबाला से सहानपुर जाने वाली उक्त 13 घंटे के बीच की सभी गाड़ियां रद्द कर कुछ के रूट में परिवर्तन किया था। लेकिन ब्लॉक रद्द होने के कारण सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर अपने-अपने गंतव्य को रवाना होगी।
सीजन को देख किया ब्लॉक कैंसिल
छुट्टी सीजन को देखते हुये रेलवे की ओर से ब्लॉक लेना कैंसिल कर दिया है। बता दें कि मई माह के अंतिम दिनों में स्कूल, कॉलेजों में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाते है। जिस कारण ट्रेनों में अधिक भीड़ रहती है। पहली जून को यात्रा करने वाले सैकड़ों लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए रेलवे ने अपना यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। यदि लंबे रूट की कुछ ट्रेनों की आरक्षण सूची पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलता है कि इस दिन स्लीपर और वातानुकूलित सभी ट्रेनों की सभी बोगियों में जहां सीटें बुक हैं, वहीं लंबी वेटिंग लिस्ट भी है। इस दिन ट्रेनें रद्द की जाती तो यात्रियों को उनके आरक्षण का पूरा पैसा वापस लौटना पड़ता, जिससे रेलवे को भारी नुकसान होता।
होता करोड़ों का नुकसान
13 घंटे के लंबे समय तक रेल यातायात बंद रहने से रेलवे को करोड़ों को नुकसान होना था। रेलवे सूत्रों की माने तो केवल यात्री ट्रेनों के केवल आधे दिन न चलने से करीब छह करोड़ का नुकसान होता है। इसके अतिरिक्त मालगाड़ियों के पहिये थमने से भी रेलवे को करोड़ा का फटका पड़ता जो कुछ समय के लिए टल गया है।
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जानकारी के अनुसार यात्रियों की सुविधा और सीजन को देखते हुए रेलवे ने फिलहाल अपना फैसला बदल दिया है। जो आगामी ब्लॉक की सूचना आने तक जारी रहेगा।
बता दें कि कलानौर यमुना नदी पर बना रेलवे पुल गत वर्ष आई बाढ़ में बह गया था। इस कारण रेल यातायात तीन दिन तक पूरी तरह बंद रहा था। जिसके बाद रेलवे ने यहां अस्थायी पुल का निर्माण करवा यातायात सुचारु किया था।
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इसी पुल को स्थायी रूप देने के लिए रेलवे कंट्रोल ने पहली जून को सुबह सात बजे से शाम आठ बजे तक 13 घंटे का ब्लॉक लेने की सूचना सभी रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को जारी की थी। लेकिन रेलवे ने यह ब्लॉक लेना अभी कैंसल कर दिया है, जो आगामी सूचना तक जारी रहेगा।
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ब्लॉक के दौरान सहारनपुर से अंबाला और अंबाला से सहानपुर जाने वाली उक्त 13 घंटे के बीच की सभी गाड़ियां रद्द कर कुछ के रूट में परिवर्तन किया था। लेकिन ब्लॉक रद्द होने के कारण सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर अपने-अपने गंतव्य को रवाना होगी।
सीजन को देख किया ब्लॉक कैंसिल
छुट्टी सीजन को देखते हुये रेलवे की ओर से ब्लॉक लेना कैंसिल कर दिया है। बता दें कि मई माह के अंतिम दिनों में स्कूल, कॉलेजों में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाते है। जिस कारण ट्रेनों में अधिक भीड़ रहती है। पहली जून को यात्रा करने वाले सैकड़ों लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए रेलवे ने अपना यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। यदि लंबे रूट की कुछ ट्रेनों की आरक्षण सूची पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलता है कि इस दिन स्लीपर और वातानुकूलित सभी ट्रेनों की सभी बोगियों में जहां सीटें बुक हैं, वहीं लंबी वेटिंग लिस्ट भी है। इस दिन ट्रेनें रद्द की जाती तो यात्रियों को उनके आरक्षण का पूरा पैसा वापस लौटना पड़ता, जिससे रेलवे को भारी नुकसान होता।
होता करोड़ों का नुकसान
13 घंटे के लंबे समय तक रेल यातायात बंद रहने से रेलवे को करोड़ों को नुकसान होना था। रेलवे सूत्रों की माने तो केवल यात्री ट्रेनों के केवल आधे दिन न चलने से करीब छह करोड़ का नुकसान होता है। इसके अतिरिक्त मालगाड़ियों के पहिये थमने से भी रेलवे को करोड़ा का फटका पड़ता जो कुछ समय के लिए टल गया है।