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जिला सचिवालय, डीसी कैंप, पुलिस, खेल समेत 62 विभाग 14 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स दबाए बैठे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 01:51 AM IST
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jila sachivaalay, deesee kaimp, pulis, khel samet 62 vibhaag 14 karod ka propartee taiks dabae baithe
यमुनानगर। जनता पर प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर नोटिस पर नोटिस भेजने वाला सरकारी अमला खुद करोड़ों रूपये का टैक्स न जमा कर अपनी कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। 62 सरकारी भवनों पर नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 14 करोड़ 10 लाख 81579 रुपये कई सालों से बकाया दबाए हुए है।
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अधिकारी इन विभागों को कई बार टैक्स भरने का अदायगी पत्र जारी भी कर चुके हैं। परंतु अधिकारी हैं कि इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। यह स्पष्ट है कि प्रॉपर्टी टैक्स भरने को लेकर आमजन व सरकारी विभागों के अधिकारी संजीदा नहीं है। डीसी, एडीसी, एसपी, डीएसपी, एसडीएम समेत दर्जनों अधिकारी जिस सचिवालय में बैठते हैं उस पर भी 15 लाख 91 हजार 496 रुपये तथा जिस कैंप ऑफिस में डीसी रहते हैं उसका भी 17 लाख 61 हजार 480 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा गया है। नियमित रूप से संपत्ति कर अदा न किए जाने पर निगम की ओर से 18 प्रतिशत सलाना ब्याज लगाया जाता है।
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सरकार ने शहरी क्षेत्र के संपत्ति कर दाताओं को वर्ष-2010-11 से लेकर वर्ष 2020-21 तक के लंबित संपत्ति कर पर ब्याज की एकमुश्त छूट देने की घोषणा 18 दिसंबर को की थी। योजना के अनुसार लोग यदि अपना सारा प्रॉपर्टी टैक्स एक साथ भरते हैं तो उनका ब्याज माफ कर दिया जाएगा। सरकारी विभागों पर 14 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। इसमें छह करोड़ 44 लाख 69537 रुपये तो ब्याज का ही है। फिर भी अधिकारी इस छूट का फायदा नहीं उठा रहे। छूट मिलने के बाद उन्हें करीब साढ़े सात करोड़ रुपये ही भरने होंगे। सबसे अधिक फायदा खेल विभाग को होगा जिस पर दो करोड़ 90 लाख 62509 रुपये बकाया है। इसमें 1.37 करोड़ रुपये ब्याज का है।
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निजी संस्थानों पर 40 करोड़ बकाया
निजी संस्थानों पर करीब 40 करोड़ रुपये बकाया है। बकायादारों में, व्यावसायिक भवन मालिक, निजी अस्पताल, माल, शिक्षण संस्थान और धार्मिक संस्थाएं भी शामिल हैं। अधिकारियों की मानें तो प्रॉपर्टी टैक्स बकायादारों को नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद वे कुछ रकम जमा करा देते हैं, लेकिन किसी भी बकायादार ने अपना पूरा टैक्स जमा नहीं कराया है। बता दें कि नगर निगम आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत जैसी जरूरी सुविधाएं और कर्मचारियों का वेतन निगम प्रशासन अपनी आय से मुहैया कराता है। प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का एक बड़ा जरिया है।
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इन सरकारी विभागों पर बकाया है प्रॉपर्टी टैक्स
विभाग प्रॉपर्टी टैक्स रुपये में
खेल विभाग 29062509
पुलिस विभाग 1704047
जिला जेल 2286705
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर 36628943
कैनाल कॉलोनी 491116
शहरी संपदा 1015091
जिला सचिवालय 1591496
डीसी कैंप ऑफिस 1761480
उपभोक्ता फोरम 70444
एचएसआईआईडीसी 273662
बीडीपीओ जगाधरी 651578
जिला परिषद 2412934
मार्केट कमेटी जगाधरी 34733212
लक्कड़ मंडी मानकपुर 6673892
एक्सईएन पब्लिक हेल्थ 19523310
डीएफएससी 223214
बिजली निगम 227158
पंचायत भवन 214246
हरियाणा रोडवेज 971802
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सभी विभागों को पत्र लिख रहे: अशोक कुमार
नगर निगम के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर अशोक कुमार का कहना है कि कमिश्नर की मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई थी। जिसमें सीएम ने कहा है कि वह सभी विभागों को पत्र लिख कर प्रॉपर्टी टैक्स भर कर छूट का फायदा उठाने को कहें। इसलिए निगम की तरफ से सभी विभागों को इस बारे में पत्र लिखा जा रहा है। एक-दो दिन में सभी को पत्र पहुंच जाएंगे।

विभाग के मुखिया पर कार्रवाई होनी चाहिए: देवेंद्र सिंह
वार्ड चार से नगर निगम के पार्षद देवेंद्र सिंह का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति टैक्स या किराया नहीं देता तो अधिकारी उस पर तुरंत कार्रवाई कर देते हैं। परंतु जिन विभागों पर लाखों, करोड़ों रुपये टैक्स बकाया है उन पर कार्रवाई नहीं होती। अधिकारियों को चाहिए जिस विभाग पर टैक्स बकाया है उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। जब कार्रवाई का डर होगा तभी वह टैक्स देंगे।
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