फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Jaundice confirmed in six people of Sharma Colony

Yamuna Nagar News: शर्मा कॉलोनी के छह लोगों में पीलिया की पुष्टि

Fri, 09 Aug 2024 03:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 09 Aug 2024 03:49 AM IST
विज्ञापन
Jaundice confirmed in six people of Sharma Colony
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। शहर की रणजीत काॅलोनी व शर्मा कालोनी में दूषित पेयजल की सप्लाई होने से लोग पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। यहां से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 19 लोगों के सैंपल लिए थे। वीरवार को रिपोर्ट आने पर शर्मा कालोनी के छह लोगों में पीलिया (हैपेटाइटिस-ए) की पुष्टि हुई है। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने काॅलोनी में सर्वे कर रही है।
वहीं दूसरी और जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेलों पर सोडियम हाइपोक्लोराइट सप्लाई करने का कोई पैमाना ही नहीं है। ठेकेदार अपनी मर्जी से जहां जैसा देखा वहां वैसी दवा सप्लाई करवा रहे हैं। यही वजह है कि ज्यादातर ट्यूबवेलों पर रिकॉर्ड ही नहीं है कि वहां पर कब और कितनी दवा सप्लाई की गई। टीम ने एक के बाद एक कई ट्यूबवेलों पर जाकर पड़ताल की तो एक को छोड़ कर कहीं पर भी सोडियम हाइपोक्लोराइट की सप्लाई का रिकॉर्ड नहीं मिला।
विज्ञापन

ट्यूबवेलऑपरेटरों ने बताया कि शहर में सोडियम हाइपोक्लोराइट अब लिक्विड में आ रही है। प्रत्येक ट्यूबवेल पर जनस्वास्थ्य विभाग ने 200 लीटर की टंकी रखी है। ऑपरेटरों का कहना है कि ठेकेदार टंकी में कभी भी एक समान दवा नहीं डलवाता। कई बार आधी से ज्यादा टंकी दवा से भर दी जाती है। दवा डालने के बाद ठेकेदार केन को भी साथ ले जाते हैं। कितनी दवा दी इसकी ट्यूबवेल पर रखे रजिस्टर में एंट्री नहीं की जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर की सरोजनी कॉलोनी, भगवती कॉलोनी, शिवपुरी-बी समेत कई ट्यूबवेलों पर जाकर देखा तो वहां रखे रजिस्टर में दवा की एंट्री नहीं मिली। बूटर विहार कॉलोनी में ही ट्यूबवेल के रजिस्टर में दवा की एंट्री लिखी मिली। हालांकि ठेकेदार के कर्मचारी अपना काम ठीक से कर रहे हैं। दवा खत्म होने से पहले ही ऑपरेटर फोन करते हैं तो कर्मचारी दवा उपलब्ध करवा देते हैं। कर्मचारी दवा सप्लाई करने के दौरान जीपीएस कैमरे से फोटो अधिकारियों के साथ शेयर करते हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कभी ट्यूबवेलों पर जाकर निरीक्षण ही नहीं करते। यदि दवा है तो वहां ट्यूबवेल चलाने के लिए रखे कर्मचारी डोजर को चलाते ही नहीं हैं। यमुनानगर क्षेत्र के एक ट्यूबवेल पर ताला लटका मिला। अंदर ट्यूबवेल चल रहा था। एक अन्य ऑपरेटर ने इस ट्यूबवेल के ऑपरेटर को फोन करके हमारे आने की सूचना लीक कर दी। उसने आनन-फानन ट्यूबवेल का दरवाजा खोला और डोजर का पाइप जल्दबाजी में टैंक से जोड़ने लगा। इस पर कर्मचारी ने तर्क दिया कि यदि पाइप को टंकी में रखते हैं तो बंद ट्यूबवेल सारी दवा को खींच लेता है।

रखा जाता है दवा का रिकॉर्ड : एक्सईएन
जनस्वास्थ्य विभाग यमुनानगर के एक्सईएन दिनेश गाबा ने बताया कि ठेकेदार को सभी ट्यूबवेलों पर नियमित रूप से दवा सप्लाई करने को कहा गया है। ट्यूबवेल पर सोडियम हाइपोक्लोराइड का रिकॉर्ड रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि पता लग सके कि कब कितनी दवा आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed