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जगाधरी पावंटा साहिब रेलवे लाइन का नए सिरे से होगा सर्वेक्षण
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यमुनानगर। तीन दिन पहले शिमला में रेलमंत्री पीयूष गोयल द्वारा जगाधरी-पावंटा साहिब रेलवे लाइन का नए सिरे से सर्वेक्षण किए जाने की घोषणा के बाद जिले के लोगों में इसके निर्माण की उम्मीद बन गई है। इस रेलवे लाइन के बनने से हरियाणा और हिमाचल के दो बड़े औद्योगिक शहर आपस में सीधे जुड़ जाएंगे। साथ ही हरियाणा के लोगों को देहरादून की तरफ जाने के लिए आसान और सस्ता साधन मिल जाएगा। वहीं यमुनानगर के जिन उद्यमियों ने हिमाचल की सीमा में फैक्ट्रियां लगा रखी है, उन्हें उत्पादन के लिए कच्चा और तैयार माल लाने ले जाने में सुविधा होगी। शिमला में आयोजित मीटिंग में रेलमंत्री ने कहा था कि इस रेलवे लाइन से औद्योगिक क्रांति आएगी और रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे।
उद्योगों को होगा फायदा
हरियाणा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने बताया कि करीब चार दशक पहले इस परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा और हिमाचल को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना था। पूरा प्रोजेक्ट पेहवा से लेकर देहरादून का बनाया गया था। बाद में सरकारों ने इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। दोनों प्रदेशों के उद्यमी लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर गंभीरता नहीं दिखाई। अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नए सिरे से सर्वेक्षण करने की बात कही है। जिसके बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद बनी है।
-फेस विनियर एसोसिएशन के पदाधिकारी सुमित गुप्ता का कहना है कि जगाधरी से देहरादून के बीच बड़ी संख्या में प्लाईवुड इंडस्ट्री भी हैं और बर्तन, दवाइयां, कपड़े, जूते समेत अन्य बड़ी इंडस्ट्री स्थापित है। खासकर हिमाचल के उद्यमियों को अपना तैयार माल सड़क मार्ग के जरिए देशभर में भेजना पड़ता है। जिससे समय के साथ-साथ खर्चा भी काफी हो जाता है। रेलवे कनेक्टिविटी होने के बाद कम समय और कम खर्चे पर देश भर में तैयार माल पहुंचाना आसान हो जाएगा।
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यात्री ट्रेन भी चल सकेंगी
नई रेलवे लाइन बिछाने के बाद इस महत्वपूर्ण ट्रैक पर यात्री गाड़ियां भी चल सकेंगी। जिससे हजारों की संख्या में रेल यात्रियों को फायदा होगा। ट्रेन चलने के बाद जगाधरी से छछरौली, प्रतापनगर, कलेसर और पावंटा साहिब के लोगों को काफी फायदा होगा। पिछले सर्वेक्षण में इस रूट पर 7 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव था
जगाधरी पावंटा साहिब रेलवे ट्रैक की नए सिरे से सर्वेक्षण करने के बारे में जानकारी मिली है। आदेशों की कॉपी मिलने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। फिलहाल अभी इसके कोई अधिकारिक आदेश नहीं आए हैं।
-करण सिंह, एडीआरएम, अंबाला मंडल।
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उद्योगों को होगा फायदा
हरियाणा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने बताया कि करीब चार दशक पहले इस परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा और हिमाचल को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना था। पूरा प्रोजेक्ट पेहवा से लेकर देहरादून का बनाया गया था। बाद में सरकारों ने इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। दोनों प्रदेशों के उद्यमी लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर गंभीरता नहीं दिखाई। अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नए सिरे से सर्वेक्षण करने की बात कही है। जिसके बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद बनी है।
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-फेस विनियर एसोसिएशन के पदाधिकारी सुमित गुप्ता का कहना है कि जगाधरी से देहरादून के बीच बड़ी संख्या में प्लाईवुड इंडस्ट्री भी हैं और बर्तन, दवाइयां, कपड़े, जूते समेत अन्य बड़ी इंडस्ट्री स्थापित है। खासकर हिमाचल के उद्यमियों को अपना तैयार माल सड़क मार्ग के जरिए देशभर में भेजना पड़ता है। जिससे समय के साथ-साथ खर्चा भी काफी हो जाता है। रेलवे कनेक्टिविटी होने के बाद कम समय और कम खर्चे पर देश भर में तैयार माल पहुंचाना आसान हो जाएगा।
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यात्री ट्रेन भी चल सकेंगी
नई रेलवे लाइन बिछाने के बाद इस महत्वपूर्ण ट्रैक पर यात्री गाड़ियां भी चल सकेंगी। जिससे हजारों की संख्या में रेल यात्रियों को फायदा होगा। ट्रेन चलने के बाद जगाधरी से छछरौली, प्रतापनगर, कलेसर और पावंटा साहिब के लोगों को काफी फायदा होगा। पिछले सर्वेक्षण में इस रूट पर 7 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव था
जगाधरी पावंटा साहिब रेलवे ट्रैक की नए सिरे से सर्वेक्षण करने के बारे में जानकारी मिली है। आदेशों की कॉपी मिलने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। फिलहाल अभी इसके कोई अधिकारिक आदेश नहीं आए हैं।
-करण सिंह, एडीआरएम, अंबाला मंडल।