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Yamuna Nagar News: यमुना घाट तक पहुंचने की आसान नहीं डगर
Tue, 03 Sep 2024 05:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 03 Sep 2024 05:41 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गणपति उत्सव सात सितंबर से शुरू होने जा रहा है। उत्सव के लिए यमुनानगर व जगाधरी करीब 150 जगह गणपति पंडाल लगेंगे, जहां स्थापित ज्यादातर गणपति की मूर्तियों का 17 सितंबर को विसर्जन होगा। इसी दिन घरों में स्थापित गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए भी हजारों लोग पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर जुटेंगे, जहां इस बार श्रद्धालुओं के पहुंचने की डगर आसान नहीं हैं।
नहर की पटरी के रास्ते उबड़-खाबड़ हैं और उस पर बारिश के बाद कीचड़ के हालात हैं। यही नहीं नहर के किनारे व घाटों के पास भी कचरे के ढेर व कई फीट घास-झाड़ लगे हैं। इन हालात पर संबंधित विभागों के अफसरों का ध्यान नहीं है। इसका खामियाजा 15 दिन बाद यहां गणपति विसर्जन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ सकता है।
विसर्जन के लिए सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ पश्चिमी यमुना नहर के घाट व किनारों पर चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक रहती है। यहां करीब 40 हजार लोग सुबह से शाम तक अलग-अलग टोलियों में गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। हर साल विसर्जन से पहले नगर निगम व सिंचाई विभाग पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के रास्ते मिट्टी गिराकर समतल करने से लेकर यमुना किनारे से घास व झाड़ियों सहित गंदगी साफ कराते हैं।
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इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया। हालात ये हैं कि चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक नहर की पटरी के कच्चे रास्ते उबड़-खाबड़ हो चुके हैं, जिस पर बारिश के जलभराव से जगह-जगह कीचड़ हो गया है। साथ ही पटरी के रास्ते कई जगह मलबा गिराया गया, पर उसे समतल नहीं किया गया। इससे यहां आवाजाही बाधित हो रही है। इसके अलावा नहर के किनारे व घाट समीप कई फीट घास-झाड़ व कचरे के ढेर लगे हैं।
शहर में सबसे पहले व पुराने समय से गणपति पंडाल लगाने वाले विश्वकर्मा क्लब के प्रधान लवली नंदा ने कहा कि गणपति विसर्जन से पहले यमुना घाट तक पहुंचने के रास्ते समतल कर दिए जाएं तो श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होगी। साथ ही यहां यमुना किनारे व पटरी सफाई का प्रबंध समय रहते हो तो असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यमुना की पटरी व किनारे सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वहां जो भी जरूरी कार्य होंगे, वो कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। गणपति उत्सव सात सितंबर से शुरू होने जा रहा है। उत्सव के लिए यमुनानगर व जगाधरी करीब 150 जगह गणपति पंडाल लगेंगे, जहां स्थापित ज्यादातर गणपति की मूर्तियों का 17 सितंबर को विसर्जन होगा। इसी दिन घरों में स्थापित गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए भी हजारों लोग पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर जुटेंगे, जहां इस बार श्रद्धालुओं के पहुंचने की डगर आसान नहीं हैं।
नहर की पटरी के रास्ते उबड़-खाबड़ हैं और उस पर बारिश के बाद कीचड़ के हालात हैं। यही नहीं नहर के किनारे व घाटों के पास भी कचरे के ढेर व कई फीट घास-झाड़ लगे हैं। इन हालात पर संबंधित विभागों के अफसरों का ध्यान नहीं है। इसका खामियाजा 15 दिन बाद यहां गणपति विसर्जन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ सकता है।
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विसर्जन के लिए सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ पश्चिमी यमुना नहर के घाट व किनारों पर चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक रहती है। यहां करीब 40 हजार लोग सुबह से शाम तक अलग-अलग टोलियों में गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। हर साल विसर्जन से पहले नगर निगम व सिंचाई विभाग पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के रास्ते मिट्टी गिराकर समतल करने से लेकर यमुना किनारे से घास व झाड़ियों सहित गंदगी साफ कराते हैं।
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इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया। हालात ये हैं कि चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक नहर की पटरी के कच्चे रास्ते उबड़-खाबड़ हो चुके हैं, जिस पर बारिश के जलभराव से जगह-जगह कीचड़ हो गया है। साथ ही पटरी के रास्ते कई जगह मलबा गिराया गया, पर उसे समतल नहीं किया गया। इससे यहां आवाजाही बाधित हो रही है। इसके अलावा नहर के किनारे व घाट समीप कई फीट घास-झाड़ व कचरे के ढेर लगे हैं।
शहर में सबसे पहले व पुराने समय से गणपति पंडाल लगाने वाले विश्वकर्मा क्लब के प्रधान लवली नंदा ने कहा कि गणपति विसर्जन से पहले यमुना घाट तक पहुंचने के रास्ते समतल कर दिए जाएं तो श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होगी। साथ ही यहां यमुना किनारे व पटरी सफाई का प्रबंध समय रहते हो तो असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यमुना की पटरी व किनारे सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वहां जो भी जरूरी कार्य होंगे, वो कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।