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इंस्पेक्टर बोला- बच्चों की फीस देने को रिश्तेदार से लिए थे रुपये
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यमुनानगर। शराब ठेकेदार से 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए एक्साइज इंस्पेक्टर वीरेंद्र का शनिवार को रिमांड खत्म हो गया। विजिलेंस इंस्पेक्टर जयपाल रोड ने बताया कि रिश्वत लेते जब आरोपी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया गया था, तो उसकी जेब से करीब 70 हजार रुपये नकद मिले थे।
जयपाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने टीम को बताया कि जो रुपये उसकी जेब से मिले थे, वह रुपये रिश्तेदार से लिए थे। ये रुपये उसने अपने बच्चों की फीस देने के लिए थे। उनका कहना है कि हालांकि इसकी अभी जांच की जाएगी। जांच में देखा जाएगा आठ जून को एक्साइज ऑफिस में कौन-कौन आया था। किस रिश्तेदार से कितने रुपये लिए उससे भी पूछताछ होगी। वे मामले की तह तक जाएंगे। रिमांड खत्म होने पर शनिवार को विजिलेंस ने उसे दोबारा अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था एक्साइज इंस्पेक्टर
पंचकूला से आई विजिलेंस की टीम ने वीरवार शाम को डीईटीसी एक्साइज इंस्पेक्टर वीरेंद्र को 20 हजार की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। रसूलपुर जोन के शराब ठेकेदार नरेंद्र शर्मा ने विजिलेंस को शिकायत देते हुए बताया था कि रसूलपुर जोन के गांव असगरपुर व पहाड़ीपुर में उसकी दो शराब की दुकाने हैं। इनकी साढ़े सात लाख सिक्योरिटी जमा है। विभाग से दुकान की क्लीयरेंस लेनी होती है। इंस्पेक्टर ने उनको क्लीयरेंस दे दी थी। 12 जून से इन दुकानों का नया टेंडर शुरू होना है लेकिन इंस्पेक्टर वीरेंद्र प्रति दुकान से 10 हजार रुपये यानी दोनों दुकानों के 20 हजार रुपये मासिक देने की मांग कर रहा था। आरोपी से फोन पर हुई बातचीत की उसके पास रिकॉर्डिंग भी है। इसके बाद उसने विजिलेंस में शिकायत दी। इस दौरान पंचकूला से विजिलेंस इंस्पेक्टर बलवान सिंह उसे मिले। योजना के तहत दो-दो हजार के नोटों पर पाउडर लगाकर ठेकेदार को दिए गए।
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नोटों के नंबर भी नोट किए गए। वीरवार दोपहर बाद को ठेकेदार डीईटीसी ऑफिस पहुंचे और इंस्पेक्टर वीरेंद्र को रुपये सौंप दिए। रुपये देने के बाद विजिलेंस की टीम ने इशारा मिलते ही डीईटीसी में दबिश देकर इंस्पेक्टर को दबोच लिया। तलाशी में उसकी पेंट की जेब से 20 हजार रुपये बरामद हुए थे जबकि दूसरी जेब से 70 हजार रुपये टीम ने उसके हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए थे।
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जयपाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने टीम को बताया कि जो रुपये उसकी जेब से मिले थे, वह रुपये रिश्तेदार से लिए थे। ये रुपये उसने अपने बच्चों की फीस देने के लिए थे। उनका कहना है कि हालांकि इसकी अभी जांच की जाएगी। जांच में देखा जाएगा आठ जून को एक्साइज ऑफिस में कौन-कौन आया था। किस रिश्तेदार से कितने रुपये लिए उससे भी पूछताछ होगी। वे मामले की तह तक जाएंगे। रिमांड खत्म होने पर शनिवार को विजिलेंस ने उसे दोबारा अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था एक्साइज इंस्पेक्टर
पंचकूला से आई विजिलेंस की टीम ने वीरवार शाम को डीईटीसी एक्साइज इंस्पेक्टर वीरेंद्र को 20 हजार की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। रसूलपुर जोन के शराब ठेकेदार नरेंद्र शर्मा ने विजिलेंस को शिकायत देते हुए बताया था कि रसूलपुर जोन के गांव असगरपुर व पहाड़ीपुर में उसकी दो शराब की दुकाने हैं। इनकी साढ़े सात लाख सिक्योरिटी जमा है। विभाग से दुकान की क्लीयरेंस लेनी होती है। इंस्पेक्टर ने उनको क्लीयरेंस दे दी थी। 12 जून से इन दुकानों का नया टेंडर शुरू होना है लेकिन इंस्पेक्टर वीरेंद्र प्रति दुकान से 10 हजार रुपये यानी दोनों दुकानों के 20 हजार रुपये मासिक देने की मांग कर रहा था। आरोपी से फोन पर हुई बातचीत की उसके पास रिकॉर्डिंग भी है। इसके बाद उसने विजिलेंस में शिकायत दी। इस दौरान पंचकूला से विजिलेंस इंस्पेक्टर बलवान सिंह उसे मिले। योजना के तहत दो-दो हजार के नोटों पर पाउडर लगाकर ठेकेदार को दिए गए।
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नोटों के नंबर भी नोट किए गए। वीरवार दोपहर बाद को ठेकेदार डीईटीसी ऑफिस पहुंचे और इंस्पेक्टर वीरेंद्र को रुपये सौंप दिए। रुपये देने के बाद विजिलेंस की टीम ने इशारा मिलते ही डीईटीसी में दबिश देकर इंस्पेक्टर को दबोच लिया। तलाशी में उसकी पेंट की जेब से 20 हजार रुपये बरामद हुए थे जबकि दूसरी जेब से 70 हजार रुपये टीम ने उसके हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए थे।