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औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फैक्टरी का निरीक्षण कर तैयार की रिपोर्ट
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फैक्ट्री में हादसा होने के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस।
- फोटो : YAMUNA NAGAR
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इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एल्युमीनियम मिल्क केन बनाने बनाने वाली फैक्टरी में सिलिंडर लीकेज से लगी आग में झुलसे 13 श्रमिकों के मामले में मंगलवार को औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पहुंची। टीम में विभाग के डिप्टी डायरेक्टर व अन्य अधिकारियों की टीम ने पूरी फैक्टरी का निरीक्षण किया। विभाग की टीम ने फैक्टरी का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि जांच में जो खामियां मिलेगी, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सिटी एसएचओ कंवलजीत सिंह भी पुलिस कर्मियों के साथ फैक्टरी में पहुंचे। पुलिस ने बंद कमरे में फैक्टरी मालिकों से बातचीत की। उधर, फैक्टरी में आग से झुलसे श्रमिकों की हालत अभी स्थिर बनी हुई है। नौ श्रमिकों का पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है।
फैक्टरी का निरीक्षण कर सीए से ली जानकारी : विमल फैक्टरी में लगी आग की जांच करने के लिए मंगलवार सुबह औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहायक निदेशक सुमित साहनी, डिप्टी डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह, केमिकल के एडी नवीन सैनी व अन्य अधिकारियों की टीम फैक्टरी में पहुंची। टीम अधिकारियों ने आग लगने वाले स्थान से लेकर फैक्टरी के अंदर तक रखे हर सामान सिलिंडर व अन्य उपकरणों की जांच की। इस दौरान विभाग अधिकारियों ने फैक्टरी के सीए से आग लगने की घटना व फैक्टरी से संबंधित अन्य जरूरी जानकारियां ली। विभागीय अधिकारियों ने फैक्टरी के मालिकों से भी कई पहलुओं पर पूछताछ की। अधिकारियों ने जांच पूरी होने के बाद फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहीं।
बंद कमरे में पुलिस ने की फैक्टरी मालिकों से बातचीत : शहर पुलिस भी मंगलवार को फिर फैक्टरी में जांच करने पहुंची। हालांकि सोमवार देर शाम तक पुलिस मामले में जांच करती रही थी। दूसरे दिन भी पुलिस फिर फैक्टरी पहुंची और जांच की। इस दौरान पुलिस ने फैक्टरी के मालिकों से बंद कमरे में बात की। फैक्टरी मालिकों का कहना था कि वे पुलिस व विभाग की जांच में उनका पूरा सहयोग कर रहे है। वे हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है।
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यह था मामला : सोमवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एल्युमीनियम मिल्क केन बनाने वाली विमल एल्युमीनियम प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में आग लग गई थी। फैक्टरी में लगे 400 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर में अचानक लीकेज से आग भभक उठी। जिससे वहां काम कर रहे 13 श्रमिक चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गए थे। झुलसने वालों में फैक्टरी का जीएम व मालिक भी शामिल था। घायलों को एंबुलेंस की मदद से तुरंत पास के प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचाया गया। किंतु नौ की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया, जबकि पांच का शहर के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। दमकल कर्मचारियों ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
ऐसे लगी थी फैक्टरी में आग :
बतां दे कि फैक्टरी में एल्युमीनियम पिघलाकर मिल्क केन बनाई जाती है। इस स्क्रैप को रोटरी भट्ठी में पिघलाया जाता है और यह भट्ठी एलपीजी सिलिंडरों से चलती है। इसलिए वहां 400 किलोग्राम के गैस सिलिंडर लगाए गए हैं। किंतु आज सुबह से ही भट्ठी में कुछ दिक्कत चल रही थी। जिससे बार-बार सिलिंडर लीकेज हो रहा था। हालांकि इस लीकेज को रोकने के लिए ऊपर से पानी की बौछार (शॉवर) चलाया हुआ था। ताकि सिलिंडर ठंडा रहे। लेकिन सुबह करीब सवा 11 बजे अचानक से सिलिंडर लीकेज होकर तेजी भभक गया। जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और बुरी तरह से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास की फैक्टरियों में हड़कंप मच गया। फैक्टरी में भगदड़ मच गई।
फैक्टरी में आग लगने की घटना के बाद मंगलवार को औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई थी। हम मामले की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं। फैक्टरी में क्या खामियां है, दस्तावेज पूरे है या नहीं, आग बुझाने का क्या प्रबंध है, खामियां क्या क्या है। इन सबकी डिटेल रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस प्रकार के मामलों में समय लगता है। पूरी जांच होने के बाद जो जो खामियां सामने आएगी। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- सुमित साहनी, सहायक निदेशक, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग
फैक्टरी में लगी आग की वह अपने स्तर पर पूरी जांच कर रहे है। जांच में फैक्टरी मालिकों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। मजदूरों की शिकायत पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ लापरवाही का केस सोमवार को ही दर्ज कर लिया था। मामले की पूरी जांच की जा रही है।
- कंवलजीत सिंह, एसएचओ, शहर यमुनानगर
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फैक्टरी का निरीक्षण कर सीए से ली जानकारी : विमल फैक्टरी में लगी आग की जांच करने के लिए मंगलवार सुबह औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहायक निदेशक सुमित साहनी, डिप्टी डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह, केमिकल के एडी नवीन सैनी व अन्य अधिकारियों की टीम फैक्टरी में पहुंची। टीम अधिकारियों ने आग लगने वाले स्थान से लेकर फैक्टरी के अंदर तक रखे हर सामान सिलिंडर व अन्य उपकरणों की जांच की। इस दौरान विभाग अधिकारियों ने फैक्टरी के सीए से आग लगने की घटना व फैक्टरी से संबंधित अन्य जरूरी जानकारियां ली। विभागीय अधिकारियों ने फैक्टरी के मालिकों से भी कई पहलुओं पर पूछताछ की। अधिकारियों ने जांच पूरी होने के बाद फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहीं।
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बंद कमरे में पुलिस ने की फैक्टरी मालिकों से बातचीत : शहर पुलिस भी मंगलवार को फिर फैक्टरी में जांच करने पहुंची। हालांकि सोमवार देर शाम तक पुलिस मामले में जांच करती रही थी। दूसरे दिन भी पुलिस फिर फैक्टरी पहुंची और जांच की। इस दौरान पुलिस ने फैक्टरी के मालिकों से बंद कमरे में बात की। फैक्टरी मालिकों का कहना था कि वे पुलिस व विभाग की जांच में उनका पूरा सहयोग कर रहे है। वे हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है।
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यह था मामला : सोमवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एल्युमीनियम मिल्क केन बनाने वाली विमल एल्युमीनियम प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में आग लग गई थी। फैक्टरी में लगे 400 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर में अचानक लीकेज से आग भभक उठी। जिससे वहां काम कर रहे 13 श्रमिक चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गए थे। झुलसने वालों में फैक्टरी का जीएम व मालिक भी शामिल था। घायलों को एंबुलेंस की मदद से तुरंत पास के प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचाया गया। किंतु नौ की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया, जबकि पांच का शहर के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। दमकल कर्मचारियों ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
ऐसे लगी थी फैक्टरी में आग :
बतां दे कि फैक्टरी में एल्युमीनियम पिघलाकर मिल्क केन बनाई जाती है। इस स्क्रैप को रोटरी भट्ठी में पिघलाया जाता है और यह भट्ठी एलपीजी सिलिंडरों से चलती है। इसलिए वहां 400 किलोग्राम के गैस सिलिंडर लगाए गए हैं। किंतु आज सुबह से ही भट्ठी में कुछ दिक्कत चल रही थी। जिससे बार-बार सिलिंडर लीकेज हो रहा था। हालांकि इस लीकेज को रोकने के लिए ऊपर से पानी की बौछार (शॉवर) चलाया हुआ था। ताकि सिलिंडर ठंडा रहे। लेकिन सुबह करीब सवा 11 बजे अचानक से सिलिंडर लीकेज होकर तेजी भभक गया। जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और बुरी तरह से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास की फैक्टरियों में हड़कंप मच गया। फैक्टरी में भगदड़ मच गई।
फैक्टरी में आग लगने की घटना के बाद मंगलवार को औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई थी। हम मामले की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं। फैक्टरी में क्या खामियां है, दस्तावेज पूरे है या नहीं, आग बुझाने का क्या प्रबंध है, खामियां क्या क्या है। इन सबकी डिटेल रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस प्रकार के मामलों में समय लगता है। पूरी जांच होने के बाद जो जो खामियां सामने आएगी। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- सुमित साहनी, सहायक निदेशक, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग
फैक्टरी में लगी आग की वह अपने स्तर पर पूरी जांच कर रहे है। जांच में फैक्टरी मालिकों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। मजदूरों की शिकायत पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ लापरवाही का केस सोमवार को ही दर्ज कर लिया था। मामले की पूरी जांच की जा रही है।
- कंवलजीत सिंह, एसएचओ, शहर यमुनानगर