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पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी ने बजट बिगाड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 01:00 AM IST
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Increase in the prices of petroleum products spoiled the budget, Yamunanagar
माई सिटी रिपोर्टर
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यमुनानगर। डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी के बढ़ते दामों से लोगों की मुसीबत बढ़ गई। लगातार बढ़ रही कीमतों का सीधा असर खेती, उद्योग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर पड़ने लगा है। वहीं खाद्य सामग्री के दामों में इजाफा होने से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। । कोरोना काल के दौर में कई लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। ऐसे समय में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम उनके लिए मुसीबत और बढ़ा रहे हैं। किसान खेतों की जुताई और सिंचाई से लेकर अन्य कृषि कार्यों में डीजल से चलने वाले यंत्रों का उपयोग करते हैं। करीब दो महीने में डीजल 8 रुपये महंगा हुआ है। इससे फसल की लागत बढ़ती जा रही है।
केंद्र सरकार की ओर से रसोई गैस के दामों में लगातार वृद्धि किए जाने से बजट बिगड़ रहा है। जनता पिछले लगभग सवा साल से महामारी की मार झेल रही है। ऐसे में जनता को राहत पहुंचाने की बजाय रसोई गैस के दाम बढ़ाकर महंगाई बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इससे गरीब जनता की कमर टूट जाएगी। लोगों के लिए घर में चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो जाएगा। जनता आए दिन डीजल व पेट्रोल के दाम बढ़ने से तंग आ चुकी है।- डॉ. अमन पंजेटा खरकाली
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पेट्रोल व डीजल के दाम हर दिन बढ़ रहे हैं। सरकार को इस पर अंकुश लगाकर जनता को राहत देना चाहिए। आज के दौर में मोटरसाइकिल या अन्य वाहनों से ही आना-जाना होता है। ऐसे में सरकार को जनता की मजबूरी भी समझना चाहिए। रसोई गैस सिलिंडर के दामों में लगातार बढ़ोतरी होने से परेशानियां हर घर में उत्पन्न हो रही हैं। महंगाई से जनता त्रस्त है। वैश्विक महामारी में लोग दोहरी मार झेल रहे हैं। जमाखोरी भी एक समस्या है। -सतपाल कौशिक
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कोरोना काल में आय के साधन खत्म हो गए। आम लोगों के सामने घर चलाना मुश्किल हो रहा है। भले ही लॉकडाउन समाप्त हो गया है, फिर भी लोग काफी परेशान हैं। खाद्यान्न के साथ-साथ सरसों के तेल का दाम आसमान छू रहा है। इससे जरूरी खर्च में भी कटौती करनी पड़ रही है, जिससे पूरी व्यवस्था गड़बड़ा रही है। सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। महंगाई के चलते गरीब को रसोई पकाना मुश्किल हो गया है। -पूजा कांबोज
कोरोना काल में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार को सबसे अधिक जूझना पड़ रहा है। घरेलू उपयोग के सामान की कीमतें बढ़ जाने से रसोई का बजट और गड़बड़ा गया है। खाद्य सामग्री पर महंगाई की मार पड़ रही है। दाल, सरसों का तेल, रिफाइंड आदि खाद्य वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। महंगाई के कारण बजट संतुलित रखना मुश्किल हो रहा है। सरकार को मूल्य वृद्धि वापस लेनी चाहिए। -अवध बिहारी पांडे

कोरोना काल में लोग किसी तरह अपनी जीविका जुटाने में लगे हैं। इसके सीधे विपरीत सरकार दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ाकर लोगों की कमर तोड़ रही है। गरीब परिवारों के लिए जरूरी सामान की बढ़ती कीमतें परेशान करने वाली है। पहले से ही लोगों के सामने महंगाई मुंह फैला, खड़ी है। सरकार ने पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ा कर आग में घी डालने का काम किया है। महंगाई नियंत्रण के लिए प्रयास करने चाहिए। -अंजू गुलाटी
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