{"_id":"6ae10169f8faee94a50f7b3c","slug":"impact-of-changing-weather-rise-in-patients-with-colds-coughs-and-fevers-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-165297-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: बदलते मौसम का असर, बढ़ रहे सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: बदलते मौसम का असर, बढ़ रहे सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज
Wed, 28 Oct 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 28 Oct 2026 01:24 AM IST
विज्ञापन
सिविल अस्पताल की ओपीडी में लगी लोगों की भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बदलते मौसम के बीच सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। दिन में धूप के कारण गर्मी और सुबह-शाम ठंड का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इसके चलते जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकों के कक्षों के बाहर मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल में रोजाना 450 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों और चिकित्सकों के पास भी सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर लोग पहुंच रहे हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। दिन में धूप निकलने से मौसम सामान्य रूप से गर्म रहता है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंड महसूस होने लगी है। तापमान में इस अंतर के बीच दिनचर्या और पहनावे में सावधानी नहीं बरतने पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसमी बदलाव का असर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक दिखाई दे रहा है। बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, गले में खराश की शिकायतें सामने आ रही हैं। बुजुर्ग सर्दी, कमजोरी, बुखार, बदन दर्द, आंखों में दर्द व जलन इत्यादि परेशानियों के कारण चिकित्सकों से परामर्श ले रहे हैं।
विज्ञापन
बदलते मौसम में खानपान के प्रति लापरवाही और दिनचर्या में अनियमितता भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में परिवारों को बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
लक्षण दिखने पर खुद से न लें दवा : डॉ. दिव्या
कार्यकारी जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने कहा कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सुबह और शाम ठंड से बचना जरूरी है। तापमान के अनुसार कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और साफ-सफाई का ध्यान रखने से संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना भी जरूरी है। बुखार, खांसी या जुकाम लंबे समय तक बना रहे अथवा परेशानी बढ़े तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों में तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा को दिखाएं।
विज्ञापन
यमुनानगर। बदलते मौसम के बीच सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। दिन में धूप के कारण गर्मी और सुबह-शाम ठंड का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इसके चलते जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकों के कक्षों के बाहर मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल में रोजाना 450 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों और चिकित्सकों के पास भी सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर लोग पहुंच रहे हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। दिन में धूप निकलने से मौसम सामान्य रूप से गर्म रहता है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंड महसूस होने लगी है। तापमान में इस अंतर के बीच दिनचर्या और पहनावे में सावधानी नहीं बरतने पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
मौसमी बदलाव का असर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक दिखाई दे रहा है। बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, गले में खराश की शिकायतें सामने आ रही हैं। बुजुर्ग सर्दी, कमजोरी, बुखार, बदन दर्द, आंखों में दर्द व जलन इत्यादि परेशानियों के कारण चिकित्सकों से परामर्श ले रहे हैं।
विज्ञापन
बदलते मौसम में खानपान के प्रति लापरवाही और दिनचर्या में अनियमितता भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में परिवारों को बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
लक्षण दिखने पर खुद से न लें दवा : डॉ. दिव्या
कार्यकारी जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने कहा कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सुबह और शाम ठंड से बचना जरूरी है। तापमान के अनुसार कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और साफ-सफाई का ध्यान रखने से संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना भी जरूरी है। बुखार, खांसी या जुकाम लंबे समय तक बना रहे अथवा परेशानी बढ़े तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों में तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा को दिखाएं।