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पराली जलाने के झूठे केस किए तो आंदोलन : सुभाष
Sun, 20 Oct 2024 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 20 Oct 2024 01:59 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसी किसान के खिलाफ पराली जलाने के झूठे मुकदमे दर्ज किए गए तो भारतीय किसान यूनियन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा धान को 3100 रुपये में खरीदने का दावा किया था। वह अनाज मंडियों में पूरा नहीं हो रहा है। मंडियों में सरेआम किसानों को धान में नमी बताकर लूटा जा रहा है। जबकि किसानों की 17 प्रतिशत से कम नमी वाली धान भी मंडियों में ऐसे ही पड़ी हुई है। जो औने-पौने दामो में बिक रही है। मंडियों मे धान का उठान भी नहीं हो रहा। मिलर्स और सरकार किसान की धान को 150 से 200 रुपये एमएसपी से कम में लूट रहे हैं।
अगर सरकार धान खरीद में आना कानी करेगी तो भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर उतरने पर मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के नाम पर सरकार किसानों को न डराए और न बदनाम करें जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि पराली जलाने के नाम पर किसानों के खिलाफ ऐसे कानून बनाकर सरकार किसानों को न डराए और न बदनाम करें।
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सरकार ने तुगलकी फरमान जारी किया है कि पराली जलाने पर किसान की दो साल तक फसल एमएसपी पर नहीं खरीदेंगे।कोई भी किसान खेत में पराली नहीं जलाता फिर भी सरकार किसानों को जलाने पर मजबूर कर रही है। यमुनानगर के आसपास हजारों फैक्ट्रियां है जो हर रोज इतना प्रदूषण करती हैं, लेकिन वह प्रदूषण सरकार को नहीं दिखता।
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यमुनानगर। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसी किसान के खिलाफ पराली जलाने के झूठे मुकदमे दर्ज किए गए तो भारतीय किसान यूनियन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा धान को 3100 रुपये में खरीदने का दावा किया था। वह अनाज मंडियों में पूरा नहीं हो रहा है। मंडियों में सरेआम किसानों को धान में नमी बताकर लूटा जा रहा है। जबकि किसानों की 17 प्रतिशत से कम नमी वाली धान भी मंडियों में ऐसे ही पड़ी हुई है। जो औने-पौने दामो में बिक रही है। मंडियों मे धान का उठान भी नहीं हो रहा। मिलर्स और सरकार किसान की धान को 150 से 200 रुपये एमएसपी से कम में लूट रहे हैं।
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अगर सरकार धान खरीद में आना कानी करेगी तो भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर उतरने पर मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के नाम पर सरकार किसानों को न डराए और न बदनाम करें जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि पराली जलाने के नाम पर किसानों के खिलाफ ऐसे कानून बनाकर सरकार किसानों को न डराए और न बदनाम करें।
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सरकार ने तुगलकी फरमान जारी किया है कि पराली जलाने पर किसान की दो साल तक फसल एमएसपी पर नहीं खरीदेंगे।कोई भी किसान खेत में पराली नहीं जलाता फिर भी सरकार किसानों को जलाने पर मजबूर कर रही है। यमुनानगर के आसपास हजारों फैक्ट्रियां है जो हर रोज इतना प्रदूषण करती हैं, लेकिन वह प्रदूषण सरकार को नहीं दिखता।