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Yamuna Nagar News: हथिनी कुंड बैराज पर पानी घटने से पनबिजली परियोजनाएं प्रभावित

Fri, 17 May 2024 05:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 17 May 2024 05:46 AM IST
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Hydroelectric projects affected due to decrease in water at Hathini Kund Barrage
संवाद न्यूज एजेंसी
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प्रतापनगर (यमुनानगर)। हथिनी कुंड बैराज पर पानी की मात्रा में कमी है। इससे पनबिजली परियोजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। बैराज पर उतार चढ़ाव के दौरान 3000 से 5000 क्यूसेक पानी ही बह रहा है। पनबिजली परियोजना चलाने के लिए ही 5400 क्यूसेक पानी की आवश्यकता होती है। वहीं पनबिजली परियोजना को मात्र 3000 क्यूसेक पानी मिल पा रहा है। ऐसे में पनबिजली परियोजना की आधी ईकाइयां बंद करके आधी पर बिजली उत्पादन किया जा रहा है।
हथिनी कुंड बैराज कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार ती सुबह 5 बजे यहां 5556 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। जबकि सुबह छह बजे यह 5650 क्यूसेक हो गया। वहीं सात बजे 5689 क्यूसेक, नौ बजे 5669 क्यूसेक, 10 बजे 5601 11 बजे 53 03, 12 बजे 3515, 1 बजे 10462 क्युसेक पानी दर्ज किया गया।
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वहीं 3 बजे यह पानी घटकर 4947, 5 बजे 3524, 6 बजे 4273 क्युसेक रह गया। शाम 6 बजे यूपी को 900, पश्चिमी नहर में 3021 व यमुना 352 क्युसेक पानी छोड़ा गया। जबकि वीरवार को सुबह पांच बजे हथिनी कुंड बैराज पर कुल 5986 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जबकि सात बजे यह 5958 क्यूसेक हो गया।
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वहीं दोपहर दो बजे कुल पानी 3500 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं शाम पांच यह 3714 क्यूसेक रहा। शाम सात बजे बैराज पर कुल 3031 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इस दौरान 482 क्यूसेक पानी उत्तरप्रदेश को, 2197 क्यूसेक पश्चिमी यमुना नहर में और 352 क्यूसेक यमुना में छोड़ा गया।



हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के अनुसार पहाड़ों में दिन में धूप से बर्फ पिघलती है। ऐसे में हथिनी कुंड बैराज पर पहुंचने में इस पानी को 10 से 12 घंटे लग जाते हैं। पहाड़ों से पानी लगभग 12 बजे के हथिनी कुंड बैराज पर पहुंचता है। जिसके बाद पानी में बढ़ोतरी दर्ज होती है। इसके बाद दिनभर पानी में उतराव चढ़ाव चलता रहा है। पानी बढ़ने पर यहां से जरूरत अनुसार उत्तरप्रदेश, डब्ल्यूजेसी के लिए छोड़ा जाता है।
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