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Yamuna Nagar News: नए अस्पताल भवन की जगी आस
Wed, 08 Jan 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 08 Jan 2025 12:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रादौर में 33 करोड़ रुपये से होने वाले 50 बेड के अस्पताल का निर्माण विवादित जमीन की वजह से फंसा हुआ है। इससे अस्पताल का निर्माण करने की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। ऐसे में डीसी ने अस्पताल का निर्माण जल्द शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एसीएस को पत्र लिखा है।
डीसी के पत्र के अनुसार रादौर में मौके पर मौजूद डेढ़ एकड़ जमीन पर ही अस्पताल का नया भवन बनाया जाए। डीसी की ओर से पत्र लिखे जाने के बाद अस्पताल के निर्माण की उम्मीद काफी बढ़ गई है। अस्पताल के निर्माण को अधिकारी लंबा नहीं खींचना चाहते हैं, क्योंकि रादौर विधानसभा से इस वक्त रादौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्याम सिंह राणा प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
ऐसे में जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों तक सभी पर अस्पताल के भवन का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराने का दबाव है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। वहीं रादौर में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। क्षेत्र में सीएचसी व पीएचसी ही हैं। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए रादौर से मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर में आना पड़ता है। इसके लिए उन्हें कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग के निमानुसार 50 बेड का अस्पताल दो एकड़ से कम जमीन पर बनाने का प्रावधान नहीं है। इसमें बदलाव करने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत होती है। रादौर में स्वास्थ्य विभाग के पास कहीं और दो एकड़ जमीन उपलब्ध नहीं है। जबकि रादौर में डेढ़ एकड़ जमीन ही मौजूद है।
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वर्ष 2017 से अटका है मामला
रादौर में सीएचसी की कुल दो एकड़ एक कनाल जगह थी। पुराने भवन को तोड़कर 50 बेड के तीन मंजिला अस्पताल का भवन बनाने की प्रक्रिया वर्ष 2015 से चल रही है। इसके लिए 2017 में सरकार ने 17 करोड़ रुपये का बजट को स्वीकृति भी दी थी। दो एकड़ के हिसाब से भवन का नक्शा भी बन गया था। नक्शा फाइनल होने के बाद चहारदीवारी के अंदर बने डॉक्टरों व स्टाफ के क्वार्टरों को भी तोड़ दिया गया था। तब अस्पताल की आधा एकड़ जमीन को अपना बताते हुए एक व्यक्ति ने कोर्ट में केस कर स्टे ले लिया। इस तरह से बाकी बची डेढ़ एकड़ जगह पर निर्माण किया जाए या नहीं इसे लेकर मामला लटका हुआ है। ऐसे में अब बजट भी 17 करोड़ से बढ़कर 33 से 35 करोड़ रुपये हो गया है।
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यमुनानगर। रादौर में 33 करोड़ रुपये से होने वाले 50 बेड के अस्पताल का निर्माण विवादित जमीन की वजह से फंसा हुआ है। इससे अस्पताल का निर्माण करने की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। ऐसे में डीसी ने अस्पताल का निर्माण जल्द शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एसीएस को पत्र लिखा है।
डीसी के पत्र के अनुसार रादौर में मौके पर मौजूद डेढ़ एकड़ जमीन पर ही अस्पताल का नया भवन बनाया जाए। डीसी की ओर से पत्र लिखे जाने के बाद अस्पताल के निर्माण की उम्मीद काफी बढ़ गई है। अस्पताल के निर्माण को अधिकारी लंबा नहीं खींचना चाहते हैं, क्योंकि रादौर विधानसभा से इस वक्त रादौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्याम सिंह राणा प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
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ऐसे में जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों तक सभी पर अस्पताल के भवन का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराने का दबाव है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। वहीं रादौर में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। क्षेत्र में सीएचसी व पीएचसी ही हैं। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए रादौर से मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर में आना पड़ता है। इसके लिए उन्हें कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग के निमानुसार 50 बेड का अस्पताल दो एकड़ से कम जमीन पर बनाने का प्रावधान नहीं है। इसमें बदलाव करने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत होती है। रादौर में स्वास्थ्य विभाग के पास कहीं और दो एकड़ जमीन उपलब्ध नहीं है। जबकि रादौर में डेढ़ एकड़ जमीन ही मौजूद है।
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वर्ष 2017 से अटका है मामला
रादौर में सीएचसी की कुल दो एकड़ एक कनाल जगह थी। पुराने भवन को तोड़कर 50 बेड के तीन मंजिला अस्पताल का भवन बनाने की प्रक्रिया वर्ष 2015 से चल रही है। इसके लिए 2017 में सरकार ने 17 करोड़ रुपये का बजट को स्वीकृति भी दी थी। दो एकड़ के हिसाब से भवन का नक्शा भी बन गया था। नक्शा फाइनल होने के बाद चहारदीवारी के अंदर बने डॉक्टरों व स्टाफ के क्वार्टरों को भी तोड़ दिया गया था। तब अस्पताल की आधा एकड़ जमीन को अपना बताते हुए एक व्यक्ति ने कोर्ट में केस कर स्टे ले लिया। इस तरह से बाकी बची डेढ़ एकड़ जगह पर निर्माण किया जाए या नहीं इसे लेकर मामला लटका हुआ है। ऐसे में अब बजट भी 17 करोड़ से बढ़कर 33 से 35 करोड़ रुपये हो गया है।