मलेरिया-डेंगू से बचाव की कवायद: घर-घर जाकर मच्छर पकड़ रहा स्वास्थ्य विभाग, लैब में की जाएगी ये जांच
बिलासपुर, छछरौली, सरस्वती कॉलोनी व औद्योगिक क्षेत्र से स्वास्थ्य विभाग ने 47 मच्छर पकड़ें हैं। मादा मच्छरों की पहचान की जाएगी। क्योंकि इन्हीं से डेंगू व मलेरिया फैलता है।
विस्तार
स्वास्थ्य विभाग की टीम मानसून सीजन में डेंगू व मलेरिया बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। इसके अलावा घर-घर जाकर मच्छर पकड़ रही है। इनकी हुडा सेक्टर-17 स्थित डिस्पेंसरी में जांच होगी। लैब में ये पता कराया जाएगा कि जो मच्छर पकड़े गए हैं उनमें नर व मादा कितने हैं। यदि मच्छर मादा हुई तो अलर्ट होने की जरूरत है, क्योंकि सबसे ज्यादा बीमारी मादा मच्छर से ही फैलती है। नर मच्छर काटता जरूर है लेकिन उससे बीमारी होने का खतरा नहीं है। अब तक स्वास्थ्य विभाग की कीट विशेषज्ञ टीम 100 घरों से 47 मच्छर पकड़ चुकी है।
बिलासपुर, छछरौली और सरस्वती कॉलोनी से पकड़े मच्छर
मच्छरों को पकड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कीट विशेषज्ञ टीम बनाई है। इस टीम की इंचार्ज अमिता बुद्घिराजा हैं। जबकि दीपक व विजेंद्र कीट संग्रहकर्ता के तौर पर टीम में शामिल हैं। ये टीम एस्पीरेटर की मदद से मच्छरों को पकड़ती है। मच्छरों को पकड़ना इतना आसान नहीं हैं। टीम को इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। जिले में अब तक टीम बिलासपुर, छछरौली के बालकुंज, सरस्वती कॉलोनी व इंडस्ट्रियल एरिया का सर्वे कर चुकी है। बालकुंज से टीम को मच्छर नहीं मिले। जबकि अन्य जगहों से 47 मच्छर मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
सुबह या शाम को काटता है मलेरिया का मच्छर
कीट विशेषज्ञ टीम की इंचार्ज अमिता बुद्घिराजा ने बताया कि अगस्त से अक्टूबर तक मच्छरों का प्रजनन काल रहता है। मलेरिया मादा मच्छर एनाफिलीज के काटने से होता है। जबकि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। इन दोनों मच्छरों के काटने का समय अलग-अलग है। मलेरिया का मच्छर सुबह व शाम के वक्त काटता है। डेंगू का मच्छर सिर्फ दोपहर के समय काटता है। डेंगू का मच्छर रुके हुए पानी में ही पनपता है।
मलेरिया व डेंगू के लक्षण
मलेरिया और डेंगू से पीड़ित होने पर शरीर में कंपकंपी पैदा होना, तेज बुखार होना, शरीर में तेज दर्द होना और बहुत ज्यादा पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में लोग अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से मलेरिया की जांच तुरंत करवाएं।
मलेरिया व डेंगू से बचाव के उपाय
डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि अपने घर या आसपास पानी जमा न होने दें। इसके अलावा पानी को ढक कर रखें, सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, पानी के ड्रम, गमलों, फूलदानों और पक्षियों के बर्तन में रखे पानी को जरूर बदलें। शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहने, जिससे मच्छरों के काटने से बचा जा सके। बुखार होने पर खून की जांच मलेरिया पैरासाइड के लिए करवाएं।
यह है मलेरिया की अब तक स्थिति
वर्ष - मलेरिया मरीज
- 2016 -508
- 2017 -266
- 2018 -97
- 2019 - 21
- 2020 - 03
- 2021 - 04
मलेरिया व डेंगू को जागरूक होकर ही रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। जल्द ही जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे। विभाग प्रयास करेगा कि लोग जागरूक रहें और इस बार मलेरिया और डेंगू का कोई मामला सामने न आए। इसलिए जिन जगहों पर मलेरिया व डेंगू ज्यादा फैलता है, उस क्षेत्र के मच्छरों की पहचान की जा रही है। -डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी, यमुनानगर।