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Yamuna Nagar News: खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने के तरीके सीखेंगे गुरुजी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुुुरुक्षेत्र। बालवाटिका में बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने व अक्षर ज्ञान देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए प्राथमिक शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुरानी सब्जी में लगाई जा रही है। इस कार्यशाला में 90 शिक्षकों के साथ मेंटर भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी व बीआरसी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी बालवाटिका में छोटे बच्चों को खेल-खेल में अक्षरज्ञान देना और स्कूल जाने व कक्षा में बैठने की आदतों का विकास करना है। इस दौरान बीईओ ने कहा कि बालवाटिका प्रशिक्षण में शिक्षक खेल खेल में बच्चों को पढ़ाने के तरीके सीखेंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यशाला निपुण भारत के अंतर्गत निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत लगाई गई है। प्रशिक्षण में विषय वस्तु को अधिक फलदायी बनाना व आसान तरीकों से बच्चों को सीखने के तरीके बताएं जाएंगे। बालवाटिका कार्यक्रम कक्षा एक से पूर्व के बच्चों को औपचारिक रूप से विद्यालय आने की तैयारी के लिए है। कार्यक्रम में छोटे बच्चे खेल और गतिविधियों से सीखेंगे।
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इससे उनमें दूसरों के बीच बैठने व घुलने मिलने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। इसमें बच्चों के पंचकोष से उनका सर्वांगीण विकास होगा। उन्होंने बताया कि अभी कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए आधारभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान में निपुणता के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा था। प्रदेश में कक्षा चार व पांच के लिए भी कार्यक्रम किए जा चुके हैं।
इसका उद्देश्य प्रतिदिन आने वाले नए करिकुलम से शिक्षकों को अवगत करवाना है, ताकि वे वर्तमान में स्वयं को अपडेट रख सकें। विद्यार्थियों को नई जानकारी नवाचार से दी जाएगी। कार्यशाला में विभिन्न क्रियाओं से बच्चों को नई जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। कार्यशाला में करीब 90 शिक्षकों व मेंटर को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यशाला पांच दिन चलेगी। यह कार्यक्रम इस माह के अंत तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को इसमें रूचि के साथ भाग लेना चाहिए। चूंकि वर्तमान में बच्चों को पढ़ाने के लिए नवाचार की आवश्यकता है। इससे शिक्षक स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
बालवाटिका में बच्चों को संभालने में सहायता मिलेगी। बच्चों से उनका व्यवहार मिलनसार व सहज होगा। बच्चे भी इस पढ़ाई में रूचि दिखाएंगे। कार्यक्रम के लिए खंड जगाधरी से बीआरपी अनिल धीमान को समन्वयक नियुक्त किया गया है। कार्यशाला में सुरेश कुमार, अंजली कांबोज, अतिका शर्मा, कविता देवी, प्रदीप कुमार एबीआरसी मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका में रहेंगे।
कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा कक्षों में पहुंचकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, उन्होंने स्कूल के रिकॉर्ड व रजिस्टर की जांच की। छात्राओं से बातचीत की। वहीं, पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने प्राचार्या को मौसम को देखते हुए विद्यार्थियों को सर्दी से बचाने के लिए कहा।
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कुुुरुक्षेत्र। बालवाटिका में बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने व अक्षर ज्ञान देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए प्राथमिक शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुरानी सब्जी में लगाई जा रही है। इस कार्यशाला में 90 शिक्षकों के साथ मेंटर भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी व बीआरसी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी बालवाटिका में छोटे बच्चों को खेल-खेल में अक्षरज्ञान देना और स्कूल जाने व कक्षा में बैठने की आदतों का विकास करना है। इस दौरान बीईओ ने कहा कि बालवाटिका प्रशिक्षण में शिक्षक खेल खेल में बच्चों को पढ़ाने के तरीके सीखेंगे।
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यह प्रशिक्षण कार्यशाला निपुण भारत के अंतर्गत निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत लगाई गई है। प्रशिक्षण में विषय वस्तु को अधिक फलदायी बनाना व आसान तरीकों से बच्चों को सीखने के तरीके बताएं जाएंगे। बालवाटिका कार्यक्रम कक्षा एक से पूर्व के बच्चों को औपचारिक रूप से विद्यालय आने की तैयारी के लिए है। कार्यक्रम में छोटे बच्चे खेल और गतिविधियों से सीखेंगे।
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इससे उनमें दूसरों के बीच बैठने व घुलने मिलने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। इसमें बच्चों के पंचकोष से उनका सर्वांगीण विकास होगा। उन्होंने बताया कि अभी कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए आधारभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान में निपुणता के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा था। प्रदेश में कक्षा चार व पांच के लिए भी कार्यक्रम किए जा चुके हैं।
इसका उद्देश्य प्रतिदिन आने वाले नए करिकुलम से शिक्षकों को अवगत करवाना है, ताकि वे वर्तमान में स्वयं को अपडेट रख सकें। विद्यार्थियों को नई जानकारी नवाचार से दी जाएगी। कार्यशाला में विभिन्न क्रियाओं से बच्चों को नई जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। कार्यशाला में करीब 90 शिक्षकों व मेंटर को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यशाला पांच दिन चलेगी। यह कार्यक्रम इस माह के अंत तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को इसमें रूचि के साथ भाग लेना चाहिए। चूंकि वर्तमान में बच्चों को पढ़ाने के लिए नवाचार की आवश्यकता है। इससे शिक्षक स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
बालवाटिका में बच्चों को संभालने में सहायता मिलेगी। बच्चों से उनका व्यवहार मिलनसार व सहज होगा। बच्चे भी इस पढ़ाई में रूचि दिखाएंगे। कार्यक्रम के लिए खंड जगाधरी से बीआरपी अनिल धीमान को समन्वयक नियुक्त किया गया है। कार्यशाला में सुरेश कुमार, अंजली कांबोज, अतिका शर्मा, कविता देवी, प्रदीप कुमार एबीआरसी मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका में रहेंगे।
कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा कक्षों में पहुंचकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, उन्होंने स्कूल के रिकॉर्ड व रजिस्टर की जांच की। छात्राओं से बातचीत की। वहीं, पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने प्राचार्या को मौसम को देखते हुए विद्यार्थियों को सर्दी से बचाने के लिए कहा।