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Yamuna Nagar News: नियमित न करने से नाराज अतिथि अध्यापकों ने किया रोष प्रदर्शन
Tue, 28 Jul 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 01:18 AM IST
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प्रदर्शन करते अतिथि अध्यापक व अन्य संगठनों के कर्मचारी। संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय को लागू न किए जाने पर सोमवार को अतिथि अध्यापकों ने प्रदर्शन किया। नाराज अध्यापकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया।
प्रदर्शन के लिए अतिथि अध्यापक शहर के नेहरू पार्क में जमा हुए। यहां बैठक करने के बाद पार्क के गेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अध्यापकों ने मांग पूरी न होने आंदोलन करने की चेतावनी दी। बैठक में 31 जुलाई को कुरुक्षेत्र में शहीद उधम सिंह का शहीदी दिवस मनाने और नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक व प्रदर्शन का नेतृत्व जयप्रकाश मित्तल ने किया।
बैठक में दिवंगत अतिथि अध्यापक राजरानी के पिता रणधीर कुंडू विशिष्ट अतिथि रहे।महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान सुरेंद्र सिंह दहिया, संगठन सचिव पलविंद्र सिंह पन्नू, राज्य सलाहकार देवेंद्र सिंह मुख्य वक्ता रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि 23 जून से कुरुक्षेत्र जिला सचिवालय में अतिथि अध्यापकों का नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है, लेकिन एक माह से होने के बावजूद सरकार ने न्यायालय के आदेशों लागू करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध ठहराया है और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी अतिथि अध्यापकों को 28 मई 2014 से नियमित मानते हुए छह प्रतिशत ब्याज सहित एरियर, पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य सेवा लाभ देने के आदेश दिए हैं।
इसके बावजूद सरकार नियमितीकरण की प्रक्रिया आरंभ नहीं कर रही है, जो न्यायालय की आदेशों की अवहेलना है।हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ जिला प्रधान संजय कांबोज, राज्य उपप्रधान राकेश धनखड़, सर्व कर्मचारी संघ राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार को सर्वोच्च न्यायालय एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर अविलंब नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। प्रक्रिया शुरू न करके अदालत की अवमानना की जा रही है।
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जगाधरी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय को लागू न किए जाने पर सोमवार को अतिथि अध्यापकों ने प्रदर्शन किया। नाराज अध्यापकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया।
प्रदर्शन के लिए अतिथि अध्यापक शहर के नेहरू पार्क में जमा हुए। यहां बैठक करने के बाद पार्क के गेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अध्यापकों ने मांग पूरी न होने आंदोलन करने की चेतावनी दी। बैठक में 31 जुलाई को कुरुक्षेत्र में शहीद उधम सिंह का शहीदी दिवस मनाने और नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक व प्रदर्शन का नेतृत्व जयप्रकाश मित्तल ने किया।
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बैठक में दिवंगत अतिथि अध्यापक राजरानी के पिता रणधीर कुंडू विशिष्ट अतिथि रहे।महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान सुरेंद्र सिंह दहिया, संगठन सचिव पलविंद्र सिंह पन्नू, राज्य सलाहकार देवेंद्र सिंह मुख्य वक्ता रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि 23 जून से कुरुक्षेत्र जिला सचिवालय में अतिथि अध्यापकों का नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है, लेकिन एक माह से होने के बावजूद सरकार ने न्यायालय के आदेशों लागू करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध ठहराया है और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी अतिथि अध्यापकों को 28 मई 2014 से नियमित मानते हुए छह प्रतिशत ब्याज सहित एरियर, पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य सेवा लाभ देने के आदेश दिए हैं।
इसके बावजूद सरकार नियमितीकरण की प्रक्रिया आरंभ नहीं कर रही है, जो न्यायालय की आदेशों की अवहेलना है।हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ जिला प्रधान संजय कांबोज, राज्य उपप्रधान राकेश धनखड़, सर्व कर्मचारी संघ राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार को सर्वोच्च न्यायालय एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर अविलंब नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। प्रक्रिया शुरू न करके अदालत की अवमानना की जा रही है।