{"_id":"6a63c98c686f4a920a0ed289","slug":"grates-will-be-installed-at-the-mouths-of-underground-drains-and-sewer-lines-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-160108-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: भूमिगत नालों और सीवर लाइन के मुहाने पर लगेंगे जाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: भूमिगत नालों और सीवर लाइन के मुहाने पर लगेंगे जाल
Sat, 25 Jul 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
नाले पर लगाए जा रहे जाल की जांच करने पहुंचीं मेयर। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मानसून के दौरान शहर को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने और जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है। बारिश के मौसम में जल निकासी के लिए भूमिगत नालों सीवरेज के मुहाने पर जाल लगाने का काम तेज कर दिया है।
मेयर सुमन बहमनी ने सेक्टर-17 से लेकर प्रोफेसर कॉलोनी तक जाने वाले मुख्य नाले की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेयर बहमनी, कनिष्ठ अभियंता अजय कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ स्वामी विवेकानंद स्कूल के समीप पहुंचीं, जहां नाले में लगाए जा रहे स्क्रीनिंग जाल के कार्य का उन्होंने बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
मेयर ने कहा कि मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। नगर निगम की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर रहेंगी और सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में ऐसे सभी स्थलों को चिह्नित किया जाए, जहां नालों का पानी सीधे सीवरेज या अंडरग्राउंड नालों में प्रवेश करता है। उन सभी स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत स्क्रीनिंग जाल लगाए जाएं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नालों में बहकर आने वाला प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य ठोस कचरा अक्सर अंडरग्राउंड नालों और सीवरेज में जाकर उन्हें पूरी तरह ब्लॉक कर देता है, जिससे जल निकासी ठप हो जाती है। स्क्रीनिंग जाल लगने से कचरा बाहर ही रुक जाएगा और पानी का बहाव बाधित नहीं होगा।
बारिश के दौरान तैनात रहेंगे कर्मचारी
जल निकासी में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की चेतावनी देते हुए मेयर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्क्रीनिंग जाल पर बारिश के दौरान कम से कम एक सफाई कर्मचारी की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए। यह कर्मचारी जाल में फंसने वाले कचरे को तुरंत बाहर निकालेगा, ताकि पानी का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहे और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा न हो।
विज्ञापन
यमुनानगर। मानसून के दौरान शहर को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने और जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है। बारिश के मौसम में जल निकासी के लिए भूमिगत नालों सीवरेज के मुहाने पर जाल लगाने का काम तेज कर दिया है।
मेयर सुमन बहमनी ने सेक्टर-17 से लेकर प्रोफेसर कॉलोनी तक जाने वाले मुख्य नाले की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेयर बहमनी, कनिष्ठ अभियंता अजय कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ स्वामी विवेकानंद स्कूल के समीप पहुंचीं, जहां नाले में लगाए जा रहे स्क्रीनिंग जाल के कार्य का उन्होंने बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
विज्ञापन
मेयर ने कहा कि मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। नगर निगम की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर रहेंगी और सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में ऐसे सभी स्थलों को चिह्नित किया जाए, जहां नालों का पानी सीधे सीवरेज या अंडरग्राउंड नालों में प्रवेश करता है। उन सभी स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत स्क्रीनिंग जाल लगाए जाएं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नालों में बहकर आने वाला प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य ठोस कचरा अक्सर अंडरग्राउंड नालों और सीवरेज में जाकर उन्हें पूरी तरह ब्लॉक कर देता है, जिससे जल निकासी ठप हो जाती है। स्क्रीनिंग जाल लगने से कचरा बाहर ही रुक जाएगा और पानी का बहाव बाधित नहीं होगा।
बारिश के दौरान तैनात रहेंगे कर्मचारी
जल निकासी में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की चेतावनी देते हुए मेयर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्क्रीनिंग जाल पर बारिश के दौरान कम से कम एक सफाई कर्मचारी की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए। यह कर्मचारी जाल में फंसने वाले कचरे को तुरंत बाहर निकालेगा, ताकि पानी का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहे और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा न हो।