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सात दिन काम करा पांच दिन के दिए जा रहे पैसे
यमुनानगर
Updated Wed, 22 Jan 2014 05:29 PM IST
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रादौर खंड के गांव कांजनू के लोगों ने ठेकेदार पर मनरेगा के तहत पूरी
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मजदूरी न देने का आरोप लगाते हुए एडीसी को शिकायत दी। मंगलवार को गांव की
महिलाएं और पुरुष एडीसी कार्यालय में पहुंचे।
उनका कहना है कि गांव मनरेगा के तहत कई कार्य किए गए। लेकिन उन्हें कार्य के तहत मजदूरी नहीं दी जा रही है। जिससे उनका शोषण किया जा रहा है। शिकायत देने पहुंची कृष्णा, सरबति, शिमला, रुकसाना, राजदुलारी, सुदेश, स्नेहलता, संजीव कुमार, वीरभान, गुलजार, हरिसिंह, सुनीता, निर्मला ने बताया कि मनरेगा के तहत काम तो उनसे सात दिन लिया जाता है, लेकिन मजदूरी चार या पांच दिन की ही दी जाती है। जिससे उनका शोषण हो रहा है।
उनका कहना है कि जो कार्ड सरकार की ओर से उनके बनाए गए हैं वे भी कंपनी की ओर से जब्त किए हुए हैं। उनका कहना है कि गांव में 40 लोग मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। सभी को कम पैसे दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में वे लगातार पांच साल से मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत काम कराने वाली कंपनी का मुंशी ही उनकी पूरी पेमेंट नहीं करता। उन्होंने एडीसी से मांग की है कि उन्हें पूरी मजदूरी दिलाई जाए और उनका हक मारने वाले मुंशी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उनका कहना है कि गांव मनरेगा के तहत कई कार्य किए गए। लेकिन उन्हें कार्य के तहत मजदूरी नहीं दी जा रही है। जिससे उनका शोषण किया जा रहा है। शिकायत देने पहुंची कृष्णा, सरबति, शिमला, रुकसाना, राजदुलारी, सुदेश, स्नेहलता, संजीव कुमार, वीरभान, गुलजार, हरिसिंह, सुनीता, निर्मला ने बताया कि मनरेगा के तहत काम तो उनसे सात दिन लिया जाता है, लेकिन मजदूरी चार या पांच दिन की ही दी जाती है। जिससे उनका शोषण हो रहा है।
उनका कहना है कि जो कार्ड सरकार की ओर से उनके बनाए गए हैं वे भी कंपनी की ओर से जब्त किए हुए हैं। उनका कहना है कि गांव में 40 लोग मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। सभी को कम पैसे दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में वे लगातार पांच साल से मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत काम कराने वाली कंपनी का मुंशी ही उनकी पूरी पेमेंट नहीं करता। उन्होंने एडीसी से मांग की है कि उन्हें पूरी मजदूरी दिलाई जाए और उनका हक मारने वाले मुंशी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।