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Yamuna Nagar News: नागरिक अस्पताल में युवती बेहोश, नहीं मिला स्ट्रेचर
Wed, 31 Jan 2024 04:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 31 Jan 2024 04:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को बुखार की दवाई लेने आई युवती अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ी। इसी दौरान दो कर्मचारी स्ट्रेचर को ले जाते दिखे, लेकिन उस पर कोई मरीज नहीं बल्कि अस्पताल की दवाइयां थी। बाद में स्ट्रेचर आया तो युवती के परिजनों ने मना कर दिया। साथ ही अस्पताल में उपचार कराने से भी साफ इंकार कर दिया औक किशाेरी को लेकर चले गए।
हमीदा क्षेत्र से एक युवती मंगलवार को अपने परिजनों के साथ दवाई लेने के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर में आई थी। उसे कई दिनों से बुखार था। जब वह दवाई लेकर घर जा रहे थे तो अस्पताल में प्लास्टर रूम के सामने दरवाजे के पास युवती चक्कर आने से बेहोश हो गई। तभी वहां पर डॉ. अनूप गाेयल पहुंच गए और युवती की नब्ज की जांच कर स्टाफ को तुरंत स्ट्रेचर लाने को कहा। काफी देर तक स्ट्रेचर लेकर कोई नहीं आया।
इस दौरान दो कर्मचारी स्ट्रेचर पर दवाइयां रख कर वहां से जाते दिखे। उन्होंने भी स्ट्रेचर नहीं दिया और वह सीधे दवाई वितरण कक्ष की तरफ चले गए। जब स्ट्रेचर नहीं आया तो युवती के परिजनों ने विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें अपनी बच्ची का उपचार यहां पर नहीं कराना है। सुबह से अस्पताल में आए हुए हैं।
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कितनी देर से लाइन में लगे हैं, लेकिन उन्हें सारी दवाई नहीं मिली। जिस अस्पताल में दवाई भी नहीं मिलती वहां पर उपचार कराने का क्या फायदा। इसी दौरान युवती को होश आया तो उसे अन्य लोगों की मदद से कुर्सी पर बिठाया गया। बाद में स्ट्रेचर आया तो उन्हाेंने स्टाफ को वापस भेज दिया। इसके बाद वह अपनी बेटी को वापस लेकर चले गए।
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को बुखार की दवाई लेने आई युवती अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ी। इसी दौरान दो कर्मचारी स्ट्रेचर को ले जाते दिखे, लेकिन उस पर कोई मरीज नहीं बल्कि अस्पताल की दवाइयां थी। बाद में स्ट्रेचर आया तो युवती के परिजनों ने मना कर दिया। साथ ही अस्पताल में उपचार कराने से भी साफ इंकार कर दिया औक किशाेरी को लेकर चले गए।
हमीदा क्षेत्र से एक युवती मंगलवार को अपने परिजनों के साथ दवाई लेने के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर में आई थी। उसे कई दिनों से बुखार था। जब वह दवाई लेकर घर जा रहे थे तो अस्पताल में प्लास्टर रूम के सामने दरवाजे के पास युवती चक्कर आने से बेहोश हो गई। तभी वहां पर डॉ. अनूप गाेयल पहुंच गए और युवती की नब्ज की जांच कर स्टाफ को तुरंत स्ट्रेचर लाने को कहा। काफी देर तक स्ट्रेचर लेकर कोई नहीं आया।
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इस दौरान दो कर्मचारी स्ट्रेचर पर दवाइयां रख कर वहां से जाते दिखे। उन्होंने भी स्ट्रेचर नहीं दिया और वह सीधे दवाई वितरण कक्ष की तरफ चले गए। जब स्ट्रेचर नहीं आया तो युवती के परिजनों ने विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें अपनी बच्ची का उपचार यहां पर नहीं कराना है। सुबह से अस्पताल में आए हुए हैं।
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कितनी देर से लाइन में लगे हैं, लेकिन उन्हें सारी दवाई नहीं मिली। जिस अस्पताल में दवाई भी नहीं मिलती वहां पर उपचार कराने का क्या फायदा। इसी दौरान युवती को होश आया तो उसे अन्य लोगों की मदद से कुर्सी पर बिठाया गया। बाद में स्ट्रेचर आया तो उन्हाेंने स्टाफ को वापस भेज दिया। इसके बाद वह अपनी बेटी को वापस लेकर चले गए।