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यमुना के घाट व किनारे तैयार, आज जुटेंगे श्रद्धालु
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छठ पूजन के लिए जिले में यमुना घाट व किनारे तैयार हैं, जहां रविवार (आज) शाम व्रतधारी महिलाएं व अन्य श्रद्धालु पहुंच कर पूजन कर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगे। जबकि अगले दिन सोमवार (कल) को उदय होते सूर्य को अर्घ्य देंगे। इसकी तैयारी में पूर्वांचल के लोग व उनसे जुड़े संगठन व संस्थाएं हफ्तेभर से लगे थे, जो घाटों व किनारों पर सफाई से लेकर वेदियों को सजाने का काम पूरा कर चुके हैं उधर, शनिवार को खरना से महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला वर्त भी शुरू हो गया। बता दें कि जिले में छठ पूजन पर सबसे अधिक श्रद्धालु बाडीमाजरा पुल समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर जुटते हैं। इसके अलावा हमीदा हेड, चिट्टा मंदिर व शांति कॉलोनी समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे व घाटों पर भी काफी संख्या में श्रद्धालु छठ पूजन के लिए पहुंचते हैं। कोरोना के चलते गत दो वर्षों में पर्व को लेकर उक्त स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी कम आंकी गई। जबकि इस बार कोरोना केस व उसकी पाबंदियां हटने से श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर नहर में गोताखोर व पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। साथ ही सिंचाई विभाग की ओर से नहर के घाटों व किनारों पर सफाई व स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की गई है। पूर्वांचल के लोग व संगठन भी इन कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की रश्मि शर्मा ने बताया कि शनिवार को खरना से महिलाएं सुबह से निर्जला व्रत रहकर शाम को मीठे भोजन के रूप में खीर ग्रहण करती हैं। इसके बाद रविवार को पूरे दिन निर्जला व्रत रहती हैं और शाम में छठ मैया का पूजन कर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगी। इससे अगले दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य देंगी। छठ व्रत पति व पुत्र सौभाग्य, घर परिवार के उत्थान के लिए रखा जाता है। इस व्रत से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
दशमेश कॉलोनी समीप पश्चिमी यमुना किनारे राष्ट्रीय पूर्वांचल महासंघ के कार्यकर्ताओं ने सफाई कर वेदियों का रंग रोगन किया। साथ ही सजावट के लिए यमुना किनारे को रंग बिरंगी लाइट लगाई। साथ ही श्रद्धालु यमुना किनारे न फिसलें, इसके लिए किनारे पर रेत की बोरियां बिछाईं और रस्सी लगाई। राष्ट्रीय पूर्वांचल महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन प्रताप यादव ने बताया कि महासंघ की ओर से यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। जिसमें श्रद्धालुओं के लिए राधा रानी की झांकियां व जादूगर विल्सन का मैजिक शो चार से आठ बजे तक होगा। मौके पर प्रदेश महामंत्री आरसी त्रिपाठी, राज ठाकुर, बब्लू यादव, पारस श्रीवास्तव, सुनील पांडेय, मनमोहन, श्यामलाल प्रजापति, रामकिशन गुप्ता, रामदयाल, लक्खीचंद, प्रमोद, गणेश गुप्ता, रमेश कुमार, प्रेम कुमार, दीनबंधु, बलेश्वर सिंह, जेपी मिश्रा मौजूद रहे।
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छत्तीसगढ़ की रश्मि शर्मा ने बताया कि शनिवार को खरना से महिलाएं सुबह से निर्जला व्रत रहकर शाम को मीठे भोजन के रूप में खीर ग्रहण करती हैं। इसके बाद रविवार को पूरे दिन निर्जला व्रत रहती हैं और शाम में छठ मैया का पूजन कर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगी। इससे अगले दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य देंगी। छठ व्रत पति व पुत्र सौभाग्य, घर परिवार के उत्थान के लिए रखा जाता है। इस व्रत से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
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दशमेश कॉलोनी समीप पश्चिमी यमुना किनारे राष्ट्रीय पूर्वांचल महासंघ के कार्यकर्ताओं ने सफाई कर वेदियों का रंग रोगन किया। साथ ही सजावट के लिए यमुना किनारे को रंग बिरंगी लाइट लगाई। साथ ही श्रद्धालु यमुना किनारे न फिसलें, इसके लिए किनारे पर रेत की बोरियां बिछाईं और रस्सी लगाई। राष्ट्रीय पूर्वांचल महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन प्रताप यादव ने बताया कि महासंघ की ओर से यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। जिसमें श्रद्धालुओं के लिए राधा रानी की झांकियां व जादूगर विल्सन का मैजिक शो चार से आठ बजे तक होगा। मौके पर प्रदेश महामंत्री आरसी त्रिपाठी, राज ठाकुर, बब्लू यादव, पारस श्रीवास्तव, सुनील पांडेय, मनमोहन, श्यामलाल प्रजापति, रामकिशन गुप्ता, रामदयाल, लक्खीचंद, प्रमोद, गणेश गुप्ता, रमेश कुमार, प्रेम कुमार, दीनबंधु, बलेश्वर सिंह, जेपी मिश्रा मौजूद रहे।
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