{"_id":"593b1e6887c335c5455cfa2c9501d197","slug":"getting-arbitrary-collection-of-property-tax","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनमाने ढंग से हो रही प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनमाने ढंग से हो रही प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली
यमुनानगर
Updated Sun, 05 Jan 2014 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रॉपर्टी टैक्स में छूट की तारीख पर तारीख बढ़ा जहां सरकार लोगों को राहत
विज्ञापन
देने का काम कर रही है, वहीं निगम कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों
द्वारा वसूला जा रहा टैक्स लोगों के रास नहीं आ रहा है।
लोगों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से मनमाने ढंग से टैक्स वसूला जा रहा है। जो लोग हर साल ईमानदारी से टैक्स पे करते आ रहे हैं। उनसे पिछला टैक्स भी लिया जा रहा है।
इसी तरह का मामला सामने आया है महावीर कॉलोनी में। महावीर कॉलोनी निवासी कांता रानी पिछले चार साल से लगातार टैक्स पे करती आ रही है। लेकिन इस बाद उससे वर्ष 2010 से 2013 का प्रॉपर्टी टैक्स निगम की ओर से निकाला गया है। उसका सिर्फ 2013-14 का ही टैक्स बकाया है।
उनका कहना है कि यह तो अधिकारी प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर अपनी जेबें भरने में लगे हैं। जब उनका किसी तरह को कोई बकाया ही नहीं है, तो इस तरह से पिछले साल का बकाया बताकर बिल बनाने का कोई मतलब ही नहीं बैठता। इसी तरह का मामला पुराना हमीदा निवासी बलवंत का है।
उनका कहना है कि वे अपने मकान में 15 साल से रहे हैं, वहां पर उन्होंने कोई फैक्टरी नहीं बनाई हुई। लेकिन निगम अधिकारी कह रहे हैं कि वहां पर फैक्टरी है। इसी तरह के कई लोग निगम कार्यालय में प्रतिदिन भटकते मिल जाएंगे, वहीं नगर निगम ईओ विजयपाल यादव का कहना है कि पॉलिसी के अनुसार टैक्स लिया जा रहा है। सेल्फ एस्समेंट फार्म में प्रॉपर्टी मालिक जो भी जानकारी देगा उसी के अनुसार टैक्स लिया जाएगा। अगर कम या ज्यादा टैक्स लिया गया है तो वह नोटिस के बाद ठीक हो जाएगा।
रसीद दिखाने के बाद भी नहीं मान रहे
महावीर निवासी कांता रानी ने बताया कि पिछले वर्षों से लगातार टैक्स भरने की रसीद भी उनके पास है। लेकिन उसके बाद भी अधिकारी मानने तो तैयार ही नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को जब पूरा टैक्स पे करने की रसीद दिखाई तो उनका एक ही जवाब था, यह इस बारे में सोमवार को ही कुछ किया जा सकेगा। निगम की ओर से कांता रानी की तरफ साल 2010-11, 2011-12 और 2012-13 का तीस प्रतिशत छूट के साथ 605 रुपये प्रति वर्ष और 2013-14 का दस प्रतिशत छूट के साथ 775 रुपये निकाला हुआ है। जो कुल 2584 रुपये बन रहा है। जबकि उनके पास वर्ष 2008-09 से टैक्स पे किए हुए की रसीदें भी हैं।
सुविधाएं नहीं फिर भी ईमानदारी से कर रहे पे
महावीर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि कॉलोनी में सुविधाओं के नाम पर निगम की ओर से कुछ भी नहीं किया गया है। कॉलोनी में ज्यादातर गलियां कच्ची हैं और नालियां भी नहीं हैं। इसके साथ ही किसी प्रकार की सीवरेज लाइन और स्ट्रीट लाइटों का भी प्रबंध नहीं है। उसके बाद भी लोग जागरूक हैं और ईमानदारी से प्रॉपर्टी टैक्स पे कर रहे हैं। निगम के गठन से पहले और बाद में यहां पर किसी भी अधिकारी न आकर नहीं देखा कि लोग किन दिक्कतों बीच रह रहे हैं। बरसात के दिनों में पूरा क्षेत्र तालाब में बदल जाता है। उनका कहना है कि अगर निगम के अधिकारी इस प्रकार मनमानी दिखाते हैं, तो उनकी ओर से टैक्स पे ही नहीं किया जाएगा। बाद में चाहे निगम नोटिस दे या कुछ भी करें।
लोगों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से मनमाने ढंग से टैक्स वसूला जा रहा है। जो लोग हर साल ईमानदारी से टैक्स पे करते आ रहे हैं। उनसे पिछला टैक्स भी लिया जा रहा है।
इसी तरह का मामला सामने आया है महावीर कॉलोनी में। महावीर कॉलोनी निवासी कांता रानी पिछले चार साल से लगातार टैक्स पे करती आ रही है। लेकिन इस बाद उससे वर्ष 2010 से 2013 का प्रॉपर्टी टैक्स निगम की ओर से निकाला गया है। उसका सिर्फ 2013-14 का ही टैक्स बकाया है।
उनका कहना है कि यह तो अधिकारी प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर अपनी जेबें भरने में लगे हैं। जब उनका किसी तरह को कोई बकाया ही नहीं है, तो इस तरह से पिछले साल का बकाया बताकर बिल बनाने का कोई मतलब ही नहीं बैठता। इसी तरह का मामला पुराना हमीदा निवासी बलवंत का है।
उनका कहना है कि वे अपने मकान में 15 साल से रहे हैं, वहां पर उन्होंने कोई फैक्टरी नहीं बनाई हुई। लेकिन निगम अधिकारी कह रहे हैं कि वहां पर फैक्टरी है। इसी तरह के कई लोग निगम कार्यालय में प्रतिदिन भटकते मिल जाएंगे, वहीं नगर निगम ईओ विजयपाल यादव का कहना है कि पॉलिसी के अनुसार टैक्स लिया जा रहा है। सेल्फ एस्समेंट फार्म में प्रॉपर्टी मालिक जो भी जानकारी देगा उसी के अनुसार टैक्स लिया जाएगा। अगर कम या ज्यादा टैक्स लिया गया है तो वह नोटिस के बाद ठीक हो जाएगा।
रसीद दिखाने के बाद भी नहीं मान रहे
महावीर निवासी कांता रानी ने बताया कि पिछले वर्षों से लगातार टैक्स भरने की रसीद भी उनके पास है। लेकिन उसके बाद भी अधिकारी मानने तो तैयार ही नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को जब पूरा टैक्स पे करने की रसीद दिखाई तो उनका एक ही जवाब था, यह इस बारे में सोमवार को ही कुछ किया जा सकेगा। निगम की ओर से कांता रानी की तरफ साल 2010-11, 2011-12 और 2012-13 का तीस प्रतिशत छूट के साथ 605 रुपये प्रति वर्ष और 2013-14 का दस प्रतिशत छूट के साथ 775 रुपये निकाला हुआ है। जो कुल 2584 रुपये बन रहा है। जबकि उनके पास वर्ष 2008-09 से टैक्स पे किए हुए की रसीदें भी हैं।
सुविधाएं नहीं फिर भी ईमानदारी से कर रहे पे
महावीर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि कॉलोनी में सुविधाओं के नाम पर निगम की ओर से कुछ भी नहीं किया गया है। कॉलोनी में ज्यादातर गलियां कच्ची हैं और नालियां भी नहीं हैं। इसके साथ ही किसी प्रकार की सीवरेज लाइन और स्ट्रीट लाइटों का भी प्रबंध नहीं है। उसके बाद भी लोग जागरूक हैं और ईमानदारी से प्रॉपर्टी टैक्स पे कर रहे हैं। निगम के गठन से पहले और बाद में यहां पर किसी भी अधिकारी न आकर नहीं देखा कि लोग किन दिक्कतों बीच रह रहे हैं। बरसात के दिनों में पूरा क्षेत्र तालाब में बदल जाता है। उनका कहना है कि अगर निगम के अधिकारी इस प्रकार मनमानी दिखाते हैं, तो उनकी ओर से टैक्स पे ही नहीं किया जाएगा। बाद में चाहे निगम नोटिस दे या कुछ भी करें।