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क्लर्क की नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगे सात लाख रुपये
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बेटे व बेटी को क्लर्क की नौकरी दिलवाने के नाम पर कुछ लोगों ने गांव गुमथला निवासी दीप राणा से सात रुपये ऐंठ लिए। आरोपियों ने 23 लाख रुपये में दोनों भाई-बहन को क्लर्क की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया गया था। रुपये लेने के बाद भी आरोपियों ने तो उन्हें नौकरी दिलवाई और न ही उनके रुपये वापस किए। पुलिस ने दीप राणा की शिकायत पर एक महिला सहित चार 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
गांव गुमथला निवासी दीप राणा ने जठलाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी नागल (खजूरी) निवासी सुशील कुमार के साथ जान पहचान थी। एक दिन सुशील उसके घर आया और उसे कहने लगा कि उनकी राजनीतिक लोगों से अच्छी जान पहचान है। वह उनके लड़के व लड़की को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में क्लर्क व हैड क्लर्क के पद पर नौकरी लगवा सकता है। इसके बाद उसने उसे आरती संधू से मिलवाया। उसी दौरान सोनू संधू व गगन देव भारती भी मौके पर मौजूद थे। सुशील कुमार ने कहा कि ये लोग पहले भी काफी बच्चों को रोजगार दिलवा चुके है। दीप राणा ने बताया कि आरोपियों ने उनसे सात लाख रुपये ले लिए उनके बेटे के नाम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हैड क्लर्क नियुक्त किए जाने का नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। जो बाद में फर्जी निकला। इसके बाद दीप राणा ने आरोपियों से अपनी राशि वापस मांगी तो उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद दीप राणा ने पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच इकोनॉमिक सेल को सौंपी। बाद में ग्रामीण इक्कनामिक सेल के प्रभारी डीएसपी रादौर रजत गुलिया के निर्देश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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गांव गुमथला निवासी दीप राणा ने जठलाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी नागल (खजूरी) निवासी सुशील कुमार के साथ जान पहचान थी। एक दिन सुशील उसके घर आया और उसे कहने लगा कि उनकी राजनीतिक लोगों से अच्छी जान पहचान है। वह उनके लड़के व लड़की को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में क्लर्क व हैड क्लर्क के पद पर नौकरी लगवा सकता है। इसके बाद उसने उसे आरती संधू से मिलवाया। उसी दौरान सोनू संधू व गगन देव भारती भी मौके पर मौजूद थे। सुशील कुमार ने कहा कि ये लोग पहले भी काफी बच्चों को रोजगार दिलवा चुके है। दीप राणा ने बताया कि आरोपियों ने उनसे सात लाख रुपये ले लिए उनके बेटे के नाम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हैड क्लर्क नियुक्त किए जाने का नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। जो बाद में फर्जी निकला। इसके बाद दीप राणा ने आरोपियों से अपनी राशि वापस मांगी तो उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद दीप राणा ने पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच इकोनॉमिक सेल को सौंपी। बाद में ग्रामीण इक्कनामिक सेल के प्रभारी डीएसपी रादौर रजत गुलिया के निर्देश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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