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Yamuna Nagar News: प्लाईबोर्ड खरीदने के नाम पर 37.73 लाख की धोखाधड़ी
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यमुनानगर। प्लाईबोर्ड खरीदने के नाम पर बकाना रोड छोटा बांस स्थित देव प्लाईवुड के संचालक विकास कांबोज से 37 लाख 73 हजार की धोखाधड़ी हो गई। आरोप त्यागी गार्डन निवासी मनीष अग्रवाल, अक्षत ओझा व सुमित धवन पर है।
मामले में रादौर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के अनुसार, भुगतान के लिए आरोपियों ने उन्हें चेक दिया, लेकिन वह बाउंस हो गया।
शिकायतकर्ता विकास कांबोज ने बताया कि उसकी देव प्लाईवुड के नाम से बकाना रोड छोटा बांस पर फैक्टरी है। कुछ माह पहले त्यागी गार्डन निवासी मनीष अग्रवाल व सुमित धवन ने उनसे संपर्क किया।
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उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना में प्लाईबोर्ड का व्यापार करते हैं और प्लाईबोर्ड मंगवाने और समय पर भुगतान करने की बात कही। विश्वास कर उन्होंने प्लाईबोर्ड की सप्लाई शुरू कर दी। कुछ दिन तक वह भुगतान करता रहा। बाद में उसने धोखाधड़ी की नीयत से भुगतान रोकना शुरू कर दिया।
आरोपी के पास 18 लाख 55 हजार रुपये का भुगतान बकाया हो गया तो उन्होंने बात की। दबाव डालने पर उसके सहयोगी अक्षत ओझा ने जिम्मेदारी ली। वह भी प्लाईबोर्ड खरीदता था। उसके पास भी भुगतान रुका था।
अक्षत व मनीष के बकाया भुगतान के बदले 37 लाख 73 हजार 247 रुपये का चेक उसे दिया। जब चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। उसने आरोपियों से बातचीत की तो वह उसे धमकाने लगे।
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मामले में रादौर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के अनुसार, भुगतान के लिए आरोपियों ने उन्हें चेक दिया, लेकिन वह बाउंस हो गया।
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शिकायतकर्ता विकास कांबोज ने बताया कि उसकी देव प्लाईवुड के नाम से बकाना रोड छोटा बांस पर फैक्टरी है। कुछ माह पहले त्यागी गार्डन निवासी मनीष अग्रवाल व सुमित धवन ने उनसे संपर्क किया।
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उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना में प्लाईबोर्ड का व्यापार करते हैं और प्लाईबोर्ड मंगवाने और समय पर भुगतान करने की बात कही। विश्वास कर उन्होंने प्लाईबोर्ड की सप्लाई शुरू कर दी। कुछ दिन तक वह भुगतान करता रहा। बाद में उसने धोखाधड़ी की नीयत से भुगतान रोकना शुरू कर दिया।
आरोपी के पास 18 लाख 55 हजार रुपये का भुगतान बकाया हो गया तो उन्होंने बात की। दबाव डालने पर उसके सहयोगी अक्षत ओझा ने जिम्मेदारी ली। वह भी प्लाईबोर्ड खरीदता था। उसके पास भी भुगतान रुका था।
अक्षत व मनीष के बकाया भुगतान के बदले 37 लाख 73 हजार 247 रुपये का चेक उसे दिया। जब चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। उसने आरोपियों से बातचीत की तो वह उसे धमकाने लगे।