{"_id":"68e6b1245e344ffadc0d2cd4","slug":"fourth-national-lok-adalat-on-december-13-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-145099-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर को
Thu, 09 Oct 2025 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 09 Oct 2025 12:14 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर शनिवार को आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक मामले, धारा-138 के तहत एनआई एक्ट के मामले, बैंक रिकवरी केस, एमएसीटी मामले, वैवाहिक विवाद मामले, श्रम विवाद मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, बिजली और पानी से संबंधित मामले (गैर शमन योग्य मामलों को छोड़कर) वेतन और भत्ते तथा पुन: परीक्षण लाभ से संबंधित सेवा मामले, और राजस्व व अन्य सहायक मामले जो कि सुलझाने योग्य हैं इस अदालत में लिए जाएंगे।
सीजेएम ने बताया कि आपसी सहमति से हल हो सकने वाले मामलों में राष्ट्रीय लोक अदालत बहुत ही कारगर सिद्ध हो रही है। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनाए गए फैसले की भी उतनी ही अहमियत है जितनी सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले की होती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। राष्ट्रीय लोक अदालतों में न तो किसी पक्ष की हार होती है और न ही जीत बल्कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान करवाया जाता है। कानूनी सहायता के लिए नालसा के टोल फ्री नंबर-15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
यमुनानगर। चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर शनिवार को आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक मामले, धारा-138 के तहत एनआई एक्ट के मामले, बैंक रिकवरी केस, एमएसीटी मामले, वैवाहिक विवाद मामले, श्रम विवाद मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, बिजली और पानी से संबंधित मामले (गैर शमन योग्य मामलों को छोड़कर) वेतन और भत्ते तथा पुन: परीक्षण लाभ से संबंधित सेवा मामले, और राजस्व व अन्य सहायक मामले जो कि सुलझाने योग्य हैं इस अदालत में लिए जाएंगे।
सीजेएम ने बताया कि आपसी सहमति से हल हो सकने वाले मामलों में राष्ट्रीय लोक अदालत बहुत ही कारगर सिद्ध हो रही है। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनाए गए फैसले की भी उतनी ही अहमियत है जितनी सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले की होती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। राष्ट्रीय लोक अदालतों में न तो किसी पक्ष की हार होती है और न ही जीत बल्कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान करवाया जाता है। कानूनी सहायता के लिए नालसा के टोल फ्री नंबर-15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन