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Yamuna Nagar News: पूर्व विधायक दिलबाग का विवादों से रहा है नाता
Tue, 13 Aug 2024 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 13 Aug 2024 03:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। माइनिंग एवं मनी लांड्रिंग के मामले में इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह विवादों में रहे हैं। दिलबाग सिंह छात्र नेता रहे हैं। वह 2009 में पहली बार इनेलो से विधायक बने। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी रहे देवेंद्र चावला को चुनाव में हराया था।
वर्ष 2014 व 2019 में भाजपा के विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने दिलबाग सिंह को चुनाव में पराजित किया। साल 1994 में केयूके से स्नातक की। परिवार का ट्रांसपोर्ट का पुराना कारोबार है। उसके बाद खनन का काम भी शुरू किया। दिलबाग सिंह इनेलो की सरकार में खनन के कारोबार में ज्यादा सक्रिय हुए। इस कारोबार में महारत तो पाई वहीं ईडी ने हो रहे खनन पर नजर भी गड़ा दी थी। ऐसे में टीम ने गुप्त तरीके से जिले में हो रहे अवैध खनन की जांच की, उसके बाद रेड की गई।
उल्लेखनीय है इसी साल 4 जनवरी को ईडी की टीम ने इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के ठिकानों पर भी रेड की थी। उनके महाराणा प्रताप चौक के पास ऑफिस, सेक्टर-18 में खनन एजेंसी के ऑफिस और कलेसर में फार्म हाउस पर जांच की गई। उनके करीबियों संजीव गुप्ता, इंद्रपाल सिंह उर्फ बबल के घर, ट्रांसपोर्टर गुरबाज सिंह के ऑफिस पर भी टीमें पहुंची थीं। 8 जनवरी को दिलबाग सिंह को ईडी ने गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें हाई कोर्ट से राहत मिल गई थी।
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लेकिन जब ईडी ने दबिश दी थी तब यह रेड अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से संबंधित बताई जा रही थी। इतना ही नहीं उस समय ईडी के अधिकारी पंजाब नंबर की लगभग 20 से 25 गाड़ियों में यमुनानगर में पहुंचे थे और जांच के दौरान केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात कर दिया था। इतना ही नहीं ईडी ने 23 अप्रैल को जिले की तहसीलों में पत्र भेज कर दिलबाग और उसके कारोबारियों की 33 प्राॅपर्टी की जानकारी मांगी थी। तभी स्थानीय तहसीलों ने भी मामला ईडी से जुड़ा होने के कारण तहसीलों में पटवारी व कानूनगो के माध्यम से डाटा को खंगाल कर तैयार किया गया था।
ईडी ने मनी लांड्रिंग के केस में इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह व सोनीपत के विधायक सुरेंद्र पंवार सहित पांच खनन कारोबारियों की 122 करोड़ की 145 प्रॉपर्टियां अटैच की हैं। इसमें हरियाणा के गुरुग्राम में 100 एकड़ से अधिक की एग्रीकल्चर लैंड भी शामिल है। ईडी ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी अपने एक्स अकाउंट पर मीडिया को विज्ञप्ति जारी कर दी है। विज्ञप्ति के मुताबिक यह प्रापर्टी गुरुग्राम के अलावा फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, यमुनानगर, पंचकूला, चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली में है और यह सभी प्रापर्टी अवैध खनन से बनाई गई है। यह प्रापर्टी पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, विधायक सोनीपत सुरेंद्र पंवार, इंद्रपाल सिंह, मनोज वधवा, कुलविंद्र सिंह पीएस बिल्डटेक,अंगद सिंह मक्कड़ व भूपेंद्र सिंह और उनकी फर्माें के नाम पर है। यह अवैध खनन के सिंडिकेट चला रहे थे, जिसका नियंत्रण दिलबाग सिंह व सुरेंद्र पंवार पर है।
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यमुनानगर। माइनिंग एवं मनी लांड्रिंग के मामले में इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह विवादों में रहे हैं। दिलबाग सिंह छात्र नेता रहे हैं। वह 2009 में पहली बार इनेलो से विधायक बने। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी रहे देवेंद्र चावला को चुनाव में हराया था।
वर्ष 2014 व 2019 में भाजपा के विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने दिलबाग सिंह को चुनाव में पराजित किया। साल 1994 में केयूके से स्नातक की। परिवार का ट्रांसपोर्ट का पुराना कारोबार है। उसके बाद खनन का काम भी शुरू किया। दिलबाग सिंह इनेलो की सरकार में खनन के कारोबार में ज्यादा सक्रिय हुए। इस कारोबार में महारत तो पाई वहीं ईडी ने हो रहे खनन पर नजर भी गड़ा दी थी। ऐसे में टीम ने गुप्त तरीके से जिले में हो रहे अवैध खनन की जांच की, उसके बाद रेड की गई।
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उल्लेखनीय है इसी साल 4 जनवरी को ईडी की टीम ने इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के ठिकानों पर भी रेड की थी। उनके महाराणा प्रताप चौक के पास ऑफिस, सेक्टर-18 में खनन एजेंसी के ऑफिस और कलेसर में फार्म हाउस पर जांच की गई। उनके करीबियों संजीव गुप्ता, इंद्रपाल सिंह उर्फ बबल के घर, ट्रांसपोर्टर गुरबाज सिंह के ऑफिस पर भी टीमें पहुंची थीं। 8 जनवरी को दिलबाग सिंह को ईडी ने गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें हाई कोर्ट से राहत मिल गई थी।
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लेकिन जब ईडी ने दबिश दी थी तब यह रेड अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से संबंधित बताई जा रही थी। इतना ही नहीं उस समय ईडी के अधिकारी पंजाब नंबर की लगभग 20 से 25 गाड़ियों में यमुनानगर में पहुंचे थे और जांच के दौरान केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात कर दिया था। इतना ही नहीं ईडी ने 23 अप्रैल को जिले की तहसीलों में पत्र भेज कर दिलबाग और उसके कारोबारियों की 33 प्राॅपर्टी की जानकारी मांगी थी। तभी स्थानीय तहसीलों ने भी मामला ईडी से जुड़ा होने के कारण तहसीलों में पटवारी व कानूनगो के माध्यम से डाटा को खंगाल कर तैयार किया गया था।
ईडी ने मनी लांड्रिंग के केस में इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह व सोनीपत के विधायक सुरेंद्र पंवार सहित पांच खनन कारोबारियों की 122 करोड़ की 145 प्रॉपर्टियां अटैच की हैं। इसमें हरियाणा के गुरुग्राम में 100 एकड़ से अधिक की एग्रीकल्चर लैंड भी शामिल है। ईडी ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी अपने एक्स अकाउंट पर मीडिया को विज्ञप्ति जारी कर दी है। विज्ञप्ति के मुताबिक यह प्रापर्टी गुरुग्राम के अलावा फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, यमुनानगर, पंचकूला, चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली में है और यह सभी प्रापर्टी अवैध खनन से बनाई गई है। यह प्रापर्टी पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, विधायक सोनीपत सुरेंद्र पंवार, इंद्रपाल सिंह, मनोज वधवा, कुलविंद्र सिंह पीएस बिल्डटेक,अंगद सिंह मक्कड़ व भूपेंद्र सिंह और उनकी फर्माें के नाम पर है। यह अवैध खनन के सिंडिकेट चला रहे थे, जिसका नियंत्रण दिलबाग सिंह व सुरेंद्र पंवार पर है।