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Yamuna Nagar News: सारण गांव में वायरल बुखार से एक माह में पांच की मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Nov 2023 12:45 AM IST
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Five died due to viral fever in Saran village in a month
ब्लॉक के सारण गांव में लोग वायरल फीवर से जूझ रहे हैं। एक माह में गांव में पांच लोगों की मौत हो चुकी हैं। मृतकों में 45 साल की सलिंद्रो देवी, 32 साल की पूनम देवी, 28 साल की रेनु, 60 साल की लीला देवी व 30 साल की सोनिया शामिल हैं। कुछ दिन के अंतराल पर लगातार हो रही मौत से लोगों में डर का माहौल है। वहीं गांव के अशोक कुमार, अमित कुमार, रामेश्वर सैनी, प्रवीण, आशा देवी, जोगिंद्र, हर्ष, दीपक राणा, राकेश, पवन कुमार, महेंद्र समेत अन्य लोग निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरस्वतीनगर में सुभाष का उपचार चल रहा है। ब्लॉक समिति सदस्य गुरप्रीत कौर व डॉ. नरेश सारण ने बताया कि गांव में काफी लोगों को डेंगू हो चुका है। जिससे गांव में दहशत का माहौल है।
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गुरप्रीत कौर व आरएमपी डॉक्टर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. नरेश ने बताया कि जब गांव में मौत होने लगी तो उन्होंने सिविल सर्जन यमुनानगर से बात की थी। उन्होंने गांव में मेडिकल टीम भेज कर सर्वे करवाया। कुछ घरों में डेंगू का लारवा पाया गया। तब लाेगों को घरों को साफ रखने व पानी जना न होने की सलाह दी।
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गांव के बुजुर्ग गेंदा राम फौजी ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर सर्वे होना चाहिए और गांव में स्थाई रूप से डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरस्वतीनगर में सारे वार्ड वायरस बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। अधिकतर मरीजों का कहना था कि उन्हें डेंगू है। जबकि चिकित्सकों का कहना है कि उनके प्लेटलेट्स कम है। डेंगू तो नॉर्मल ही आया है। अस्पताल के डॉक्टर रजत को भी डेंगू हो चुका है। लेबोरेटरी की दुकानों पर सुबह से टेस्ट करवाने वालों की भीड़ लग जाती है। सरस्वतीनगर व सारण के लोगों का कहना है कि मात्र फागिंग से काम नहीं चलेगा। यहां नियमित रूप से नाले-नालियों की सफाई होनी चाहिए। हेल्थ विभाग की टीमें बनाई जानी चाहिए जो घर-घर जाकर जांच करें।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. सचिन ने बताया की सभी रोगी डेंगू के नहीं होते। पहले कुछ रोगी डेंगू के आए थे, अब एक-दो ही आते हैं। अधिकतर रोगी वायरल फीवर, प्लेटलेट्स कम के होते हैं। उनके विभाग की टीम गांव में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। जहां लारवा पाया जाता है वहां आसपास काला तेल डाल दिया जाता है। जहां नजदीक तालाब हो वहां मछलियां छुड़वा दी जाती है।


सारण गांव के सरपंच प्रतिनिधि विपिन कुमार ने बताया कि उन्होंने चार बार गांव में फॉगिंग करवा दी है। सोमवार को वह सिविल सर्जन से मिलने जाएंगे। गांव की डिस्पेंसरी के लिए एमबीबीएस डॉक्टर नियुक्त करने की मांग करेंगे। गांवों में बैठे आरएमपी डॉक्टर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
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