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Yamuna Nagar News: छात्रा की मौत के बाद चलाई पांच बसें
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राजेश कुमार
यमुनानगर। प्रतापनगर से जगाधरी व यमुनानगर के लिए सुबह के समय बसों की कमी की कीमत एक छात्रा को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। कई छात्राएं अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं बसों की कमी बताकर रोडवेज अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे। हादसे के बाद विशेष तौर पर प्रतापनगर के लिए पांच और बसों को लगा दिया गया। इनमें एक स्पेशल बस छात्राओं के लिए भी चलेगी।
दरअसल प्रतापनगर से हिमाचल बॉर्डर पर जितने भी गांव हैं, उन सभी से विद्यार्थी स्कूल से आगे की पढ़ाई के लिए जगाधरी व यमुनानगर के कॉलेजों में आते हैं। प्रतापनगर से चलकर बस को यमुनानगर पहुंचने में करीब 45 मिनट का समय लगता है। आमतौर पर सभी कॉलेजों में पहला लेक्चर सुबह नौ बजे शुरू होता है। इसलिए सुबह साढ़े छह से साढ़े सात के बीच प्रतापनगर रूट पर विद्यार्थियों की भीड़ सबसे ज्यादा रहती है।
सुबह जल्दी घर से चलेंगे तभी नौ बजे तक कॉलेज में पहुंच कर पहला लेक्चर अटैंड कर पाते हैं। परंतु सुबह साढ़े छह से साढ़े सात के बीच ही इस रूट पर बसों की कमी है। इसलिए छात्र-छात्राओं में बस में चढ़ने की होड़ मची रहती है। यमुनानगर की तीन बसें शाम को चलकर पांवटा साहिब में रात्रि ठहराव करती हैं।
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सुबह यह बसें यमुनानगर बस स्टैंड होते हुए दिल्ली के लिए रवाना होती हैं। सुबह पांवटा साहिब से यमुनानगर के पहली बस 5:10 बजे, दूसरी 6:00 बजे व तीसरी 6:40 पर चलती है। इन्हें पांवटा से प्रतापनगर पहुंचने में औसतन एक घंटा लगता है। तीन बसें वह हैं प्रतापनगर में रात्रि ठहराव करती हैं जो सुबह 7:15 बजे, 7:40 बजे व 8:00 बसे चलती हैं। यह तीनों भूड़कलां होते हुए यमुनानगर आती हैं।
इन तीनों बसों के चलने से गांवों के विद्यार्थियों को तो फायदा है, लेकिन जो प्रतापनगर बस स्टैंड पर होते हैं वह इनमें बैठ नहीं पाते, क्योंकि रूट लंबा हो जाता है। इसी तरह चार बसें सीधे प्रतापनगर से यमुनानगर के लिए सुबह चलती हैं। इनका समय सुबह 5:00 बजे, 6:00 बजे व 6.40 बजे हैं। यह तीनों बसें विद्यार्थियों के बस स्टैंड पर आने से पहले ही निकल जाती हैं। 6:40 वाली बस चिक्कन गांव से चलकर प्रतापनगर पहुंचती है। इसी तरह प्रतापनगर से ही सुबह 7:10 बजे चलकर एक बस वाया खारवन होते हुए यमुनानगर आती है। संवाद
प्रतापनगर से छात्राओं के लिए सुबह 7:50 बजे चलेंगी विशेष बस
हादसे में छात्रा की मौत के बाद रोडवेज प्रतापनगर रूट पर मेहरबान हो गया। रूट पर अब पांच बसें लगाई गई हैं जो शुक्रवार से चलेंगी। सुबह 7:50 बजे एक बस प्रतापनगर से केवल छात्राओं के लिए विशेष बस चलेगी। यमुनानगर डिपो के ड्यूटी इंस्पेक्टर जय कुमार ने बताया कि प्रतापनगर बस स्टैंड से सुबह 6.30 बजे विशेष बस केवल विद्यार्थियों को लेकर यमुनानगर आएगी। यमुनानगर से सुबह प्रतापनगर जाएगी जो छह बजे वापस आकर मुलाना जाएगी। यमुनानगर से प्रतापनगर के लिए सुबह 6:30 बजे बस जाएगी जो 7:50 पर वापसी करेगी। यमुनानगर से प्रतापनगर के लिए सुबह 7:00 बजे बस जाएगी जो 8:40 पर प्रतापनगर से वापसी करेगी।
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यमुनानगर। प्रतापनगर से जगाधरी व यमुनानगर के लिए सुबह के समय बसों की कमी की कीमत एक छात्रा को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। कई छात्राएं अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं बसों की कमी बताकर रोडवेज अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे। हादसे के बाद विशेष तौर पर प्रतापनगर के लिए पांच और बसों को लगा दिया गया। इनमें एक स्पेशल बस छात्राओं के लिए भी चलेगी।
दरअसल प्रतापनगर से हिमाचल बॉर्डर पर जितने भी गांव हैं, उन सभी से विद्यार्थी स्कूल से आगे की पढ़ाई के लिए जगाधरी व यमुनानगर के कॉलेजों में आते हैं। प्रतापनगर से चलकर बस को यमुनानगर पहुंचने में करीब 45 मिनट का समय लगता है। आमतौर पर सभी कॉलेजों में पहला लेक्चर सुबह नौ बजे शुरू होता है। इसलिए सुबह साढ़े छह से साढ़े सात के बीच प्रतापनगर रूट पर विद्यार्थियों की भीड़ सबसे ज्यादा रहती है।
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सुबह जल्दी घर से चलेंगे तभी नौ बजे तक कॉलेज में पहुंच कर पहला लेक्चर अटैंड कर पाते हैं। परंतु सुबह साढ़े छह से साढ़े सात के बीच ही इस रूट पर बसों की कमी है। इसलिए छात्र-छात्राओं में बस में चढ़ने की होड़ मची रहती है। यमुनानगर की तीन बसें शाम को चलकर पांवटा साहिब में रात्रि ठहराव करती हैं।
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सुबह यह बसें यमुनानगर बस स्टैंड होते हुए दिल्ली के लिए रवाना होती हैं। सुबह पांवटा साहिब से यमुनानगर के पहली बस 5:10 बजे, दूसरी 6:00 बजे व तीसरी 6:40 पर चलती है। इन्हें पांवटा से प्रतापनगर पहुंचने में औसतन एक घंटा लगता है। तीन बसें वह हैं प्रतापनगर में रात्रि ठहराव करती हैं जो सुबह 7:15 बजे, 7:40 बजे व 8:00 बसे चलती हैं। यह तीनों भूड़कलां होते हुए यमुनानगर आती हैं।
इन तीनों बसों के चलने से गांवों के विद्यार्थियों को तो फायदा है, लेकिन जो प्रतापनगर बस स्टैंड पर होते हैं वह इनमें बैठ नहीं पाते, क्योंकि रूट लंबा हो जाता है। इसी तरह चार बसें सीधे प्रतापनगर से यमुनानगर के लिए सुबह चलती हैं। इनका समय सुबह 5:00 बजे, 6:00 बजे व 6.40 बजे हैं। यह तीनों बसें विद्यार्थियों के बस स्टैंड पर आने से पहले ही निकल जाती हैं। 6:40 वाली बस चिक्कन गांव से चलकर प्रतापनगर पहुंचती है। इसी तरह प्रतापनगर से ही सुबह 7:10 बजे चलकर एक बस वाया खारवन होते हुए यमुनानगर आती है। संवाद
प्रतापनगर से छात्राओं के लिए सुबह 7:50 बजे चलेंगी विशेष बस
हादसे में छात्रा की मौत के बाद रोडवेज प्रतापनगर रूट पर मेहरबान हो गया। रूट पर अब पांच बसें लगाई गई हैं जो शुक्रवार से चलेंगी। सुबह 7:50 बजे एक बस प्रतापनगर से केवल छात्राओं के लिए विशेष बस चलेगी। यमुनानगर डिपो के ड्यूटी इंस्पेक्टर जय कुमार ने बताया कि प्रतापनगर बस स्टैंड से सुबह 6.30 बजे विशेष बस केवल विद्यार्थियों को लेकर यमुनानगर आएगी। यमुनानगर से सुबह प्रतापनगर जाएगी जो छह बजे वापस आकर मुलाना जाएगी। यमुनानगर से प्रतापनगर के लिए सुबह 6:30 बजे बस जाएगी जो 7:50 पर वापसी करेगी। यमुनानगर से प्रतापनगर के लिए सुबह 7:00 बजे बस जाएगी जो 8:40 पर प्रतापनगर से वापसी करेगी।