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फाइनेंसर की हत्या कर नहर किनारे फेंका शव
यमुनानगर
Updated Tue, 13 May 2014 12:32 AM IST
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प्रोफेसर कॉलोनी के 45 वर्षीय फाइनेंसर की हत्या कर शव को तीर्थनगर पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे फेंक दिया गया। थाना सदर यमुनानगर पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल पहुंची। उधर, परिजन आरोपियाें की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी हंगामे के बीच दोपहर तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका और शाम साढे़ चार बजे पोस्टमार्टम के बाद भी परिवार के लोगों ने शव लेने से इंकार कर अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया।
इसकी सूचना पाकर भारी पुलिस बल समेत थाना शहर यमुनानगर प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कर करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। उधर, थाना सदर पुलिस ने मृतक की पत्नी ज्योति के बयान पर आठ लोगाें के खिलाफ हत्या और शव को खुर्दबुर्द करने की धाराआें के तहत नामजद कर कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी ज्योति विग ने बताया कि उसके पति अजय कुमार विग रविवार देर शाम अंबाला में रिश्तेदार के यहां से घर लौटे थे।
इसके कुछ देर बाद वह दस मिनट में घर लौटने की बात कहकर छोटी बेटी भावना की एक्टिवा लेकर बाहर चले गए। इसके दस मिनट बाद उनका फोन आया कि वे एक्टिवा में पेट्रोल भरवाकर घर लौट रहे हैं। इसके घंटों बीतने पर भी वे घर नहीं लौटे तो उन्हें फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन उनका फोन नहीं लग पाया। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश करते हुए आसपास के लोगों व सगे-संबंधित से पूछताछ की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। परिजन पुलिस के पास पहुंचे और अजय की तलाश करने की मांग की।
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देर रात तक अजय का कोई सुराग नहीं लग पाया वहीं, सोमवार सुबह पुलिस को तीर्थनगर पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे शव मिलने की सूचना मिली। सूचना पाकर थाना सदर यमुनानगर प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव के पास से मिले ड्यूल सिम मोबाइल फोन से कॉल कर शव की शिनाख्त प्रोफेसर कॉलोनी के अजय के रूप में कर उसके परिजनों को सूचित किया।
पुलिस आरोपियाें को पकड़ती तो बच जाते मेरे पापा
जैसे ही पुलिस शव को लेकर यमुनानगर के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लेकर पहुंची तो मृतक अजय की पत्नी ज्योति, बेटी उपासना और भवना व बेटा शिवम जोर-जोर से चींख पड़े। छोटी बेटी भावना एक ही बात दोहराए जा रही थी कि अगर पुलिस पहले ही आरोपियाें को पकड़ लेती तो आज मेरे पापा बच जाते। इस दौरान मृतक अजय की पत्नी ज्योति ने बताया कि अजय ने कुछ समय पहले धर्मवीर नारंग और उसके अन्य साथियों से किसी व्यक्ति को दस लाख रुपये दिलाए थे। इसकी एवज में उन्होंने पाप से ब्लैंक चेक, अस्टाम्प पेपर और एफीडेफिट ले लिए थे।
इसके बाद काफी रकम चुकाने के बाद भी उन्हाेंने कागजात वापस नहीं किए। जिन्हें छुड़वाने के लिए बीती 20 अप्रैल को वह चार लाख रुपये लेकर जगाधरी के एक इंस्टीट्यूशन में गई। वहां आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत उसने थाना शहर जगाधरी पुलिस को दी थी। ज्योति ने बताया कि परिवार के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर बार-बार थाना शहर जगाधरी प्रभारी नरेंद्र राणा और डीएसपी राजेश शर्मा से गुहार लगा रहे थे, किंतु आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। ज्योति का आरोप है कि एक कांग्रेसी नेता के दबाव के कारण पुलिस ने आरोपियाें के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
पहले पोस्टमार्टम नहीं होने दिया, फिर शव लेने से किया मना
परिजनों की शिनाख्त के बाद पुलिस शव को यमुनानगर के सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन यहां परिजनाें ने आरोपियाें की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए। इस दौरान परिजनों ने थाना जगाधरी शहर प्रभारी नरेंद्र राणा और डीएसपी राजेश शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। इसी हंगामे के बीच दोपहर तक पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं हो सकी। दोपहर बाद मौके पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिवार के लोगों ने शव लेने से इंकार कर अस्पताल के बाहर जगाधरी मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर थाना शहर यमुनानर पुलिस प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को शांत कर जाम खुलवाया। करीब आधे घंटेभर लगे जाम के कारण मार्ग के दोनों और वाहनाें की लंबी कतार लग गईं।
मातम में बदली शादी की खुशियां :
मृतक अजय के भाई ब्रिजमोहन ने बताया कि अजय की बड़ी बेटी उपासना की शादी तीन अक्टूबर को होनी है। इसको लेकर घर पर तैयारियां चल रही थी और खुशी का माहौल था। रविवार शाम घर से निकलने से पहले अजय शादी बड़े धूमधाम से करने की बात कहकर गया था। लेकिन अजय मौत के बाद खुशियों का माहौल मातम के तब्दील हो गया है। अजय के तीनों बच्चे उपासना, भावना और शिवम का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
हत्या को आत्महत्या दिखाने का किया प्रयास
तीर्थनगर पुल के पास पश्चिमी यमुना नहर के किनारे शव से 50 मीटर की दूरी पर पटरी पर वह एक्टिवा बरामद हुई, जिससे रविवार देर शाम अजय घर से बाहर निकला था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने मामले को आत्महत्या के रूप में दिखाने का प्रयास किया। किंतु मृतक अजय के सिर और मुंह पर गहरी चोट होने से थाना सदर पुलिस ने अजय की पत्नी ज्योति के बयान पर जगाधरी के धर्मवीर, सरोज, मनीष गुप्ता, वनीर भारती, रजनी, पूजा, सोहन लाल सैनी पर हत्या कर शव को खुर्दबुर्द के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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इसकी सूचना पाकर भारी पुलिस बल समेत थाना शहर यमुनानगर प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कर करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। उधर, थाना सदर पुलिस ने मृतक की पत्नी ज्योति के बयान पर आठ लोगाें के खिलाफ हत्या और शव को खुर्दबुर्द करने की धाराआें के तहत नामजद कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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प्रोफेसर कॉलोनी निवासी ज्योति विग ने बताया कि उसके पति अजय कुमार विग रविवार देर शाम अंबाला में रिश्तेदार के यहां से घर लौटे थे।
इसके कुछ देर बाद वह दस मिनट में घर लौटने की बात कहकर छोटी बेटी भावना की एक्टिवा लेकर बाहर चले गए। इसके दस मिनट बाद उनका फोन आया कि वे एक्टिवा में पेट्रोल भरवाकर घर लौट रहे हैं। इसके घंटों बीतने पर भी वे घर नहीं लौटे तो उन्हें फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन उनका फोन नहीं लग पाया। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश करते हुए आसपास के लोगों व सगे-संबंधित से पूछताछ की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। परिजन पुलिस के पास पहुंचे और अजय की तलाश करने की मांग की।
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देर रात तक अजय का कोई सुराग नहीं लग पाया वहीं, सोमवार सुबह पुलिस को तीर्थनगर पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे शव मिलने की सूचना मिली। सूचना पाकर थाना सदर यमुनानगर प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव के पास से मिले ड्यूल सिम मोबाइल फोन से कॉल कर शव की शिनाख्त प्रोफेसर कॉलोनी के अजय के रूप में कर उसके परिजनों को सूचित किया।
पुलिस आरोपियाें को पकड़ती तो बच जाते मेरे पापा
जैसे ही पुलिस शव को लेकर यमुनानगर के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लेकर पहुंची तो मृतक अजय की पत्नी ज्योति, बेटी उपासना और भवना व बेटा शिवम जोर-जोर से चींख पड़े। छोटी बेटी भावना एक ही बात दोहराए जा रही थी कि अगर पुलिस पहले ही आरोपियाें को पकड़ लेती तो आज मेरे पापा बच जाते। इस दौरान मृतक अजय की पत्नी ज्योति ने बताया कि अजय ने कुछ समय पहले धर्मवीर नारंग और उसके अन्य साथियों से किसी व्यक्ति को दस लाख रुपये दिलाए थे। इसकी एवज में उन्होंने पाप से ब्लैंक चेक, अस्टाम्प पेपर और एफीडेफिट ले लिए थे।
इसके बाद काफी रकम चुकाने के बाद भी उन्हाेंने कागजात वापस नहीं किए। जिन्हें छुड़वाने के लिए बीती 20 अप्रैल को वह चार लाख रुपये लेकर जगाधरी के एक इंस्टीट्यूशन में गई। वहां आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत उसने थाना शहर जगाधरी पुलिस को दी थी। ज्योति ने बताया कि परिवार के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर बार-बार थाना शहर जगाधरी प्रभारी नरेंद्र राणा और डीएसपी राजेश शर्मा से गुहार लगा रहे थे, किंतु आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। ज्योति का आरोप है कि एक कांग्रेसी नेता के दबाव के कारण पुलिस ने आरोपियाें के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
पहले पोस्टमार्टम नहीं होने दिया, फिर शव लेने से किया मना
परिजनों की शिनाख्त के बाद पुलिस शव को यमुनानगर के सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन यहां परिजनाें ने आरोपियाें की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए। इस दौरान परिजनों ने थाना जगाधरी शहर प्रभारी नरेंद्र राणा और डीएसपी राजेश शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। इसी हंगामे के बीच दोपहर तक पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं हो सकी। दोपहर बाद मौके पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिवार के लोगों ने शव लेने से इंकार कर अस्पताल के बाहर जगाधरी मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर थाना शहर यमुनानर पुलिस प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को शांत कर जाम खुलवाया। करीब आधे घंटेभर लगे जाम के कारण मार्ग के दोनों और वाहनाें की लंबी कतार लग गईं।
मातम में बदली शादी की खुशियां :
मृतक अजय के भाई ब्रिजमोहन ने बताया कि अजय की बड़ी बेटी उपासना की शादी तीन अक्टूबर को होनी है। इसको लेकर घर पर तैयारियां चल रही थी और खुशी का माहौल था। रविवार शाम घर से निकलने से पहले अजय शादी बड़े धूमधाम से करने की बात कहकर गया था। लेकिन अजय मौत के बाद खुशियों का माहौल मातम के तब्दील हो गया है। अजय के तीनों बच्चे उपासना, भावना और शिवम का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
हत्या को आत्महत्या दिखाने का किया प्रयास
तीर्थनगर पुल के पास पश्चिमी यमुना नहर के किनारे शव से 50 मीटर की दूरी पर पटरी पर वह एक्टिवा बरामद हुई, जिससे रविवार देर शाम अजय घर से बाहर निकला था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने मामले को आत्महत्या के रूप में दिखाने का प्रयास किया। किंतु मृतक अजय के सिर और मुंह पर गहरी चोट होने से थाना सदर पुलिस ने अजय की पत्नी ज्योति के बयान पर जगाधरी के धर्मवीर, सरोज, मनीष गुप्ता, वनीर भारती, रजनी, पूजा, सोहन लाल सैनी पर हत्या कर शव को खुर्दबुर्द के तहत केस दर्ज कर लिया है।