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Yamuna Nagar News: लावारिस कुत्तों के डर से सुबह-शाम सैर से परहेज कर रहे शहरवासी
Mon, 10 Nov 2025 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:32 AM IST
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सेक्टर 17 में घूमते लावारिस कुत्ते। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की सड़कों व कॉलोनियों में घूम रहे लावारिस कुत्तों ने शहर में आतंक मचा रखा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों ने कुत्तों के डर से सुबह-शाम की सैर भी कम कर दी है। यदि कोई सैर पर जाता है लोगों को अपने हाथ में डंडा रखना पड़ता है।
लोगों को हर समय डर लगा रहता है कि पता नहीं कब कहां से आकर कुत्ता उन पर हमला न कर दे। हाथ में डंडा है तो लोग अपने आप को थोड़ा बहुत सुरक्षित महसूस करते हैं। एक तरह से कुत्तों की बढ़ती संख्या ने शहरवासियों को अपने घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया है। अब नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का टेंडर लगाकर वर्क ऑर्डर किया है तो इनसे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शहर में कुत्तों की संख्या 25 हजार से ज्यादा होने का अनुमान है। जिस कारण हर गली, मोहल्ले में कुत्तों का कहर है। कुत्तों के आतंक का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर माह औसतन 500 से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। यह तो केवल वह लोग हैं जो सिर्फ सरकारी अस्पतालों से रैबीज से बचाव के लिए इंजेक्शन लगवा रहे हैं।
वहीं इससे कहीं ज्यादा संख्या उन लोगों की है जो निजी अस्पताल या फिर सीधे मेडिकल स्टोर से भी एंटी रैबीज इंजेक्शन खरीद कर लगवा रहे हैं। प्रेम नगर निवासी विनोद, प्रोफेसर कॉलोनी के रवि ने बताया कि अब तो घर से निकलने में भी डर लगता है। डॉक्टर कहते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए सुबह-शाम सैर जरूर करें। सैर नहीं करेंगे तो बीमार हो जाएंगे। जिस तरह से गली-गली में कुत्तों की भरमार हैट उसमें सैर करना अब इतना आसान नहीं रहा। मजबूरी में हाथ में डंडा लेकर निकलना पड़ता है। यदि गली में कुत्ता बैठा है तो कोई भी उसे शांत समझने की गलतफहमी न रखे, क्योंकि वह हमला कर दें।
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गली में यदि कोई कूड़ा बीनने वाला आता है तो कुत्ते उसे छोड़ते ही नहीं। झुंड में एक साथ आठ से दस कुत्ते उसके पीछे लग जाते हैं। अब सर्दी शुरू हो चुकी है। थोड़े दिन बाद लोग चेहरों पर मफलर या फिर कपड़ा बांध कर चलेंगे। ऐसे में कुत्ते उन्हें अनजान समझ कर अचानक हमला कर देते हैं। हर साल ऐसा ही होता है।
नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण के लिए टेंडर लगाकर एजेंसी को वर्क अलॉट कर दिया है। अंबाला मार्ग पर डॉग शेल्टर भी तैयार कर दिया गया है। जल्द ही वहां पर कुत्तों की नसबंदी शुरू की जाएगी। इसके बाद कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लग जाएगा। -धीरज कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। शहर की सड़कों व कॉलोनियों में घूम रहे लावारिस कुत्तों ने शहर में आतंक मचा रखा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों ने कुत्तों के डर से सुबह-शाम की सैर भी कम कर दी है। यदि कोई सैर पर जाता है लोगों को अपने हाथ में डंडा रखना पड़ता है।
लोगों को हर समय डर लगा रहता है कि पता नहीं कब कहां से आकर कुत्ता उन पर हमला न कर दे। हाथ में डंडा है तो लोग अपने आप को थोड़ा बहुत सुरक्षित महसूस करते हैं। एक तरह से कुत्तों की बढ़ती संख्या ने शहरवासियों को अपने घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया है। अब नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का टेंडर लगाकर वर्क ऑर्डर किया है तो इनसे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शहर में कुत्तों की संख्या 25 हजार से ज्यादा होने का अनुमान है। जिस कारण हर गली, मोहल्ले में कुत्तों का कहर है। कुत्तों के आतंक का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर माह औसतन 500 से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। यह तो केवल वह लोग हैं जो सिर्फ सरकारी अस्पतालों से रैबीज से बचाव के लिए इंजेक्शन लगवा रहे हैं।
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वहीं इससे कहीं ज्यादा संख्या उन लोगों की है जो निजी अस्पताल या फिर सीधे मेडिकल स्टोर से भी एंटी रैबीज इंजेक्शन खरीद कर लगवा रहे हैं। प्रेम नगर निवासी विनोद, प्रोफेसर कॉलोनी के रवि ने बताया कि अब तो घर से निकलने में भी डर लगता है। डॉक्टर कहते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए सुबह-शाम सैर जरूर करें। सैर नहीं करेंगे तो बीमार हो जाएंगे। जिस तरह से गली-गली में कुत्तों की भरमार हैट उसमें सैर करना अब इतना आसान नहीं रहा। मजबूरी में हाथ में डंडा लेकर निकलना पड़ता है। यदि गली में कुत्ता बैठा है तो कोई भी उसे शांत समझने की गलतफहमी न रखे, क्योंकि वह हमला कर दें।
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गली में यदि कोई कूड़ा बीनने वाला आता है तो कुत्ते उसे छोड़ते ही नहीं। झुंड में एक साथ आठ से दस कुत्ते उसके पीछे लग जाते हैं। अब सर्दी शुरू हो चुकी है। थोड़े दिन बाद लोग चेहरों पर मफलर या फिर कपड़ा बांध कर चलेंगे। ऐसे में कुत्ते उन्हें अनजान समझ कर अचानक हमला कर देते हैं। हर साल ऐसा ही होता है।
नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण के लिए टेंडर लगाकर एजेंसी को वर्क अलॉट कर दिया है। अंबाला मार्ग पर डॉग शेल्टर भी तैयार कर दिया गया है। जल्द ही वहां पर कुत्तों की नसबंदी शुरू की जाएगी। इसके बाद कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लग जाएगा। -धीरज कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।