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Yamuna Nagar News: तेंदुओं की दहशत, ट्यूबवेल कमरे की छत पर चढ़कर बैठा
Thu, 02 Jul 2026 03:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 02 Jul 2026 03:11 AM IST
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ट्यूबवेल की छत पर बैठा तेंदूआ।
छछरौली/प्रतापनगर। गांव खदरी के इलाके में तेंदुओं की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। रामपुर खादर गांव में एक तेंदुआ ट्यूबवेल के कमरे की छत पर चढ़ गया। ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन्य प्राणी विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची।
ग्रामीणों के अनुसार बेलगढ़, मांडेवाला, ताजेवाला, देवघर, नत्थनपुर, रामपुर खादर, जयरामपुर खदरी और बूड़िया क्षेत्र में करीब एक दर्जन तेंदुए और उनके शावक देखे जा रहे हैं। ताजेवाला क्षेत्र में तेंदुए फार्म हाउस से कुत्तों का शिकार भी कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि तेंदुए दिन और रात खेतों तथा ट्यूबवेलों के आसपास घूमते दिखाई देते हैं, जिससे खेती-बाड़ी के कार्य और आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन्य प्राणी विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण लोगों में भय बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहे तेंदुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर कलेसर वन क्षेत्र में छोड़ा जाए और प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाई जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
वन्य प्राणी विभाग कलेसर के इंस्पेक्टर राजवीर ने बताया कि विभाग तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ने के लिए विभागीय टीमें सक्रिय हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवाद
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ग्रामीणों के अनुसार बेलगढ़, मांडेवाला, ताजेवाला, देवघर, नत्थनपुर, रामपुर खादर, जयरामपुर खदरी और बूड़िया क्षेत्र में करीब एक दर्जन तेंदुए और उनके शावक देखे जा रहे हैं। ताजेवाला क्षेत्र में तेंदुए फार्म हाउस से कुत्तों का शिकार भी कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि तेंदुए दिन और रात खेतों तथा ट्यूबवेलों के आसपास घूमते दिखाई देते हैं, जिससे खेती-बाड़ी के कार्य और आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन्य प्राणी विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण लोगों में भय बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहे तेंदुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर कलेसर वन क्षेत्र में छोड़ा जाए और प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाई जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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वन्य प्राणी विभाग कलेसर के इंस्पेक्टर राजवीर ने बताया कि विभाग तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ने के लिए विभागीय टीमें सक्रिय हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवाद
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