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तेंदुए के डर से ग्रामीण जागकर काटते हैं रात
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:46 PM IST
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दो सप्ताह से तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीण ठिठुरती सर्दी में रातभर जागकर व आग जलाकर पहरा देने पर मजबूर हैं।
तेंदुए ने गांव के पालाराम की बकरी व मेम सिंह के बछड़े पर हमला बोल मार
दिया था। इसके बाद ग्रामीणों को परिवार के सदस्यों व पशुओं की चिंता सताने लगी है।
गांव के जयसिंह, दलबीर सिंह, सुखबीर, रतनाराम, दयाल सिंह ने कहा कि गांव के पास लगते जंगल से एक जंगली तेंदुए ने पिछले पंद्रह दिनों से आतंक मचा रखा है। इससे पूरे गांव के लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीण डर के मारे शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं।
शाम को अंधेरा होते ही तेंदुआ मौका देखते ही गांव में बंधे पशुओं पर हमला बोल देता है। लगभग एक सप्ताह पहले तेंदुआ पालाराम के तबेले में बंधी बकरी पर हमला कर उसे अपने साथ जंगल की ओर ले गया था, लेकिन ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह उसे जंगल के बाहर ही छोड़ दिया।
इसके बाद तेंदुए ने मेम सिंह के पशु तबेले में बछड़े पर हमला कर उसे मार दिया था। तेंदुए के हमले के डर से ग्रामीण रातभर जागकर व पशुओं के तबेले के समीप आग जलाकर पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनको डर सताने लगा है कि कहीं तेंदुए उनके पारिवारिक सदस्यों व बच्चों पर हमला ना बोल दे।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले भी आदिब्रदी मार्ग पर बाग के समीप स्थित घरों व गांव उतमवाला, पानीवाला, रणजीतपुर, रामपुर गेढ़ा में तेंतुआ कई पालतु पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। लेकिन आज तक वन्य प्राणी विभाग की ओर से कोई स्थाई प्रबंध नहीं किया गया है।
गांव के जयसिंह, दलबीर सिंह, सुखबीर, रतनाराम, दयाल सिंह ने कहा कि गांव के पास लगते जंगल से एक जंगली तेंदुए ने पिछले पंद्रह दिनों से आतंक मचा रखा है। इससे पूरे गांव के लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीण डर के मारे शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं।
शाम को अंधेरा होते ही तेंदुआ मौका देखते ही गांव में बंधे पशुओं पर हमला बोल देता है। लगभग एक सप्ताह पहले तेंदुआ पालाराम के तबेले में बंधी बकरी पर हमला कर उसे अपने साथ जंगल की ओर ले गया था, लेकिन ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह उसे जंगल के बाहर ही छोड़ दिया।
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इसके बाद तेंदुए ने मेम सिंह के पशु तबेले में बछड़े पर हमला कर उसे मार दिया था। तेंदुए के हमले के डर से ग्रामीण रातभर जागकर व पशुओं के तबेले के समीप आग जलाकर पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनको डर सताने लगा है कि कहीं तेंदुए उनके पारिवारिक सदस्यों व बच्चों पर हमला ना बोल दे।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले भी आदिब्रदी मार्ग पर बाग के समीप स्थित घरों व गांव उतमवाला, पानीवाला, रणजीतपुर, रामपुर गेढ़ा में तेंतुआ कई पालतु पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। लेकिन आज तक वन्य प्राणी विभाग की ओर से कोई स्थाई प्रबंध नहीं किया गया है।