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Yamuna Nagar News: एफसीआई के गोदाम फुल, सीएमआर की डिलीवरी पर रोक

Tue, 04 Aug 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 04 Aug 2026 01:16 AM IST
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FCI warehouses full; delivery of CMR halted
बैठक के दौरान जानकारी देते हरियाणा राइस मिल एसोसिएशन के पदा​धिकारी। संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
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व्यासपुर। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की और से भंडारण क्षमता का हवाला देते हुए कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की डिलीवरी अगले आदेश तक रोक दिए जाने से हरियाणा के राइस मिल उद्योग में चिंता बढ़ गई है। प्रदेश के करीब 1500 राइस मिल संचालकों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ा है।
राइस मिलर्स का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आगामी धान खरीद सीजन, सरकारी खरीद व्यवस्था और करोड़ों रुपये के भुगतान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, बारिश के मौसम में तैयार चावल के खराब होने की आशंका ने मिल मालिकों की परेशानी और बढ़ा दी है।
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इस मुद्दे को लेकर हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक अनाज मंडी व्यासपुर में आयोजित हुई। बैठक में जिला प्रधान मनीष बंसल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने सीएमआर जमा कराने की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने 30 जुलाई को इसके आदेश भी जारी किए थे, जिसके बाद हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के मिल संचालकों ने चावल तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी थी।
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लेकिन इसी बीच एफसीआई के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से जारी पत्र में गोदामों में पर्याप्त भंडारण क्षमता नहीं होने का हवाला देते हुए अगले आदेश तक सीएमआर की डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया गया। मनीष बंसल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेशभर के राइस मिल संचालकों में असंतोष है।
सरकारी खरीद एजेंसियां भी असमंजस की स्थिति में हैं, क्योंकि वे पहले ही कस्टम मिलिंग के लिए बड़ी मात्रा में धान राइस मिलों को आवंटित कर चुकी हैं। ऐसे में चावल तैयार होने के बावजूद उसकी डिलीवरी नहीं होने से पूरी खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 30 प्रतिशत से अधिक सीएमआर का कार्य शेष है।

राइस मिलों में बड़ी मात्रा में तैयार चावल रखा हुआ है। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से चावल के खराब होने का खतरा बना हुआ है। यदि समय पर उठान नहीं हुआ तो मिल मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से एफसीआई के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
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