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Yamuna Nagar News: बिना क्यूआर कोड स्कैन हुए किसान मंडियों में नहीं बेच सकेंगे धान

Tue, 04 Nov 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 04 Nov 2025 12:52 AM IST
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Farmers will not be able to sell paddy in the markets without scanning the QR code.
राजेश कुमार
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यमुनानगर। दूसरे राज्यों का धान अनाज मंडियों में न बिक सके इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अब तकनीक का सहारा लेगा। अब जो भी किसान धान बेचना चाहता है उसे खुद मंडी में आना होगा। इतना ही नहीं वह मोबाइल भी साथ लेकर आना होगा जो उन्होंने पोर्टल पर पंजीकृत कराया है। मोबाइल में डाउनलोड एप्लीकेशन में जो क्यूआर कोड होगा उसे अनाज मंडी में स्कैन करने के बाद ही गेट पास काटा जाएगा। बिना क्यूआर कोड के कोई भी किसान मंडी में फसल नहीं बेच पाएगा।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से किसानों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित गेट पास प्रणाली को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। इस संबंध में निदेशालय की ओर से सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई योजना के अनुसार किसान को अपने मोबाइल में ई-खरीद मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करनी होगी। इस एप्लीकेशन से किसान अपना गेट पास और क्यूआर कोड किसी भी जगह से जनरेट कर सकेंगे। यह मोबाइल लेकर किसान को उस मंडी में जाना होगा जिसके लिए गेट पास जनरेट किया गया है। किसान के मोबाइल में दिखने वाले क्यूआर काेड को अनाज मंडी गेट पर बैठा कर्मचारी डिवाइस से स्कैन करेगा। इसके बाद ही किसान को मंडी से सत्यापित करके गेट पास दिया जाएगा।
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खास बात यह है कि जब तब किसान मंडी में खुद मौजूद नहीं होगा तब तक मोबाइल में क्यूआर कोड दिखाई नहीं देगा। सिस्टम अपने आप उस गेटकीपर के मोबाइल डिवाइस की जानकारी भी दर्ज करेगा, जिससे स्कैनिंग की गई है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गेटकीपर, नीलामी रिकार्डर और निरीक्षक को सिस्टम में ओटीपी-आधारित लॉगिन प्रमाणीकरण के माध्यम से लॉगिन करना अनिवार्य होगा। साथ ही हर उपयोगकर्ता एक समय में केवल एक ही डिवाइस पर लॉगिन रह सकेगा। संवाद
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दूसरे राज्यों की फसल खरीदने के लगते रहे हैं आरोप
सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि अनाज मंडियों में दूसरे राज्यों का धान मंगवा कर बेचा जा रहा है। इससे स्थानीय किसानों को परेशानी होती है। यह मामला खरीद के दौरान कई बार अमर उजाला ने भी प्रकाशित किया। इतना ही नहीं भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के पदाधिकारियों द्वारा उत्तर प्रदेश-यमुनानगर बॉर्डर के अलावा जिले की अंदरूनी सड़कों पर पर भी कई बार रात को पहरा देकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश से धान लेकर आ रहे वाहनों को पकड़ा। जिन्हें बॉर्डर से ही वापस भेज दिया गया। हालांकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के क्यूआर कोड संबंधित आदेश ऐसे समय पर आए हैं जब खेतों में धान खत्म हो चुका है। जिला की 13 अनाज मंडियों में अभी तक 6,65,606 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। मार्केट कमेटी जगाधरी के सचिव विशाल गर्ग का कहना है कि इस सिस्टम से धान खरीद में पारदर्शिता आएगी। किसानों को फायदा होगा। इसे लागू कर दिया गया है।

अब बिना क्यूआर कोड स्कैन हुए किसान का गेट पास मंडियों में सत्यापित नहीं किया जाएगा। क्यूआर काेड तभी दिखेगा जब किसान मंडी में स्वयं मौजूद रहेगा। इसके लिए सभी मार्केट कमेटियों को अवगत करवा दिया गया है। -जतिन मित्तल, डीएफएससी, यमुनानगर।
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