{"_id":"67e6febcd3ddf0d8430f5254","slug":"farmers-took-to-the-streets-against-the-punjab-government-and-submitted-a-memorandum-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-135261-2025-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: पंजाब सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान, सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: पंजाब सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान, सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
जगाधरी अनाज मंडी में प्रदर्शन करते किसान मोर्चा के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : संवाद
यमुनानगर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को जिलेभर से एकत्रित हुए किसानों ने जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रदर्शन के बाद एसडीएम जगाधरी सोनू राम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पंजाब में किसानों पर पुलिस द्वारा की जा रही ज्यादती को रोकने व एमएसपी समेत अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की गई।
किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर व अखिल भारतीय किसान सभा अजय भवन के राज्य प्रधान गुरुभजन सिंह मझैल की अध्यक्षता में किसानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस दमन को रोका जाए। किसान नेता धर्मपाल चौहान, महिपाल चमरौड़ी व सुखदेव सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय से पंजाब सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर किसानों की जायज मांगों के लिए चल रहे संघर्ष के खिलाफ पुलिस के जरिये दमन अभियान चला रही है। यद्यपि देश के संविधान के अनुसार लोगों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त है। लेकिन, पिछले दिनों संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा चंडीगढ़ में किए जाने वाले सात दिवसीय धरने को खत्म करवा पूरे प्रदेश को खुली जेल में तब्दील कर दिया गया। 19 मार्च को केंद्र सरकार के मंत्रियों से बातचीत कर लौट रहे किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
शंभू और खनोरी में बुलडोजर चलाकर किसानों के धरना स्थलों को जबरन उठा दिया गया। ट्रैक्टर ट्रालियों सहित किसानों के उपकरण तोड़ दिए गए। बड़े पैमाने पर सामान चोरी होने की खबरें आ रही हैं। राज्य में पुलिस राज स्थापित कर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लोगों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त करना इसके ज्वलंत उदाहरण है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा मांग करता है कि पुलिस द्वारा किया जा रहा अंधाधुंध बल प्रयोग बंद किया जाए तथा जनता के संघर्ष के लोकतांत्रिक अधिकार को बहाल किया जाए। गिरफ्तार या जेल में बंद सभी किसानों को बिना शर्त रिहा किया जाए। किसानों के ट्रैक्टर ट्रालियों सहित सभी उपकरण वापस किया जाए। क्षतिग्रस्त या चोरी हुए सामान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाए। इस अवसर पर प्यारेलाल तंवर, नैब सिंह, विजयपाल, मान सिंह, संजय चमरौड़ी, अजमेर सिंह, यशपाल, बीर सिंह राठी, फकीर चंद, दीप राणा, रामफल व अन्य ने पंजाब सरकार की पुलिस दमन की कड़े शब्दों में निंदा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर व अखिल भारतीय किसान सभा अजय भवन के राज्य प्रधान गुरुभजन सिंह मझैल की अध्यक्षता में किसानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस दमन को रोका जाए। किसान नेता धर्मपाल चौहान, महिपाल चमरौड़ी व सुखदेव सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय से पंजाब सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर किसानों की जायज मांगों के लिए चल रहे संघर्ष के खिलाफ पुलिस के जरिये दमन अभियान चला रही है। यद्यपि देश के संविधान के अनुसार लोगों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त है। लेकिन, पिछले दिनों संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा चंडीगढ़ में किए जाने वाले सात दिवसीय धरने को खत्म करवा पूरे प्रदेश को खुली जेल में तब्दील कर दिया गया। 19 मार्च को केंद्र सरकार के मंत्रियों से बातचीत कर लौट रहे किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
शंभू और खनोरी में बुलडोजर चलाकर किसानों के धरना स्थलों को जबरन उठा दिया गया। ट्रैक्टर ट्रालियों सहित किसानों के उपकरण तोड़ दिए गए। बड़े पैमाने पर सामान चोरी होने की खबरें आ रही हैं। राज्य में पुलिस राज स्थापित कर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लोगों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त करना इसके ज्वलंत उदाहरण है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा मांग करता है कि पुलिस द्वारा किया जा रहा अंधाधुंध बल प्रयोग बंद किया जाए तथा जनता के संघर्ष के लोकतांत्रिक अधिकार को बहाल किया जाए। गिरफ्तार या जेल में बंद सभी किसानों को बिना शर्त रिहा किया जाए। किसानों के ट्रैक्टर ट्रालियों सहित सभी उपकरण वापस किया जाए। क्षतिग्रस्त या चोरी हुए सामान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाए। इस अवसर पर प्यारेलाल तंवर, नैब सिंह, विजयपाल, मान सिंह, संजय चमरौड़ी, अजमेर सिंह, यशपाल, बीर सिंह राठी, फकीर चंद, दीप राणा, रामफल व अन्य ने पंजाब सरकार की पुलिस दमन की कड़े शब्दों में निंदा की।

जगाधरी अनाज मंडी में प्रदर्शन करते किसान मोर्चा के पदाधिकारी। संवाद- फोटो : संवाद
विज्ञापन