फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Farmers promoting natural farming will be given subsidy on the purchase of indigenous cow

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों को देसी गाय की खरीद पर दी जाएगी सब्सिडी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
Farmers promoting natural farming will be given subsidy on the purchase of indigenous cow
यमुनानगर। देसी गाय पालने के लिए किसानों को प्रदेश सरकार 25 हजार रुपये की सब्सिडी देगी। इससे किसानों का देसी गाय पालन की तरफ रुझान बढ़ेगा। इसके अलावा सरकार प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देना चाहती है। देसी गायों के गोबर व मूत्र को खेतों में प्रयोग किया जाएगा। जिससे फसल की पैदावार में बढ़ोतरी होगी। सरकार का प्रयास है कि खेती को जहर मुक्त बनाया जाए।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने अब स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले ऐसे किसान, जिसके पास दो से पांच एकड़ भूमि है, उनको देसी गाय की खरीद पर अधिकतम 25 हजार रुपये की सब्सिडी देने की योजना की शुरुआत की है। योजना का लाभ लेने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम निशुल्क दिए जाएंगे। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रदेश में 50 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए कृषि विभाग द्वारा जागरुकता अभियान चलाकर किसानों का प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन

बाजार में बढ़ रही मांग के मद्देनजर किसानों द्वारा अधिक उपज प्राप्त करने के लिए रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कार्बनिक कार्बन में कमी आई है। मिट्टी तथा फसल उपज में हानिकारक रसायनों में वृद्धि हुई है। इन हानिकारक रसायनों के प्रभाव को कम करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे कि किसानों की आमदनी को दोगुना तथा खेती को जहर मुक्त बनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए शुरू की गई इस योजना का किसानों को लाभ अवश्य उठाना चाहिए। ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को खेती के लिए एक स्वच्छ व स्वस्थ उपजाऊ भूमि दे सकें। इस प्रकार की योजना लाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। फसल की बिक्री व कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए फसल का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है। पंजीकरण किसी भी सीएससी सेंटर में जाकर करवाया जा सकता है।
- पार्थ गुप्ता डीसी यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed