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केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 01:00 AM IST
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Farmers demonstrated for the dismissal of the Union Minister, Yamunanagar
लघु सचिवालय के बाहर धरना-प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते किसान। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
माई सिटी रिपोर्टर
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यमुनानगर। कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी पर कानून बनाने और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र की बर्खास्तगी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए लखीमपुर खीरी घटना के लिए सीधे तौर केंद्रीय गृह मंत्री को जिम्मेदार बताया। किसानों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
किसान सुबह साढ़े दस बजे लघु सचिवालय के सामने दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदयानी ने कहा कि पिछले 11 महीने से तीनों कृषि कानून निरस्त किए जाने व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाए जाने की मांग को लेकर किसान सड़कों पर है। किसानों को जितना परेशान भाजपा सरकार ने किया है, उतना परेशान किसी सरकार में नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं हो जाते, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
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उन्होंने कहा कि देश के किसान लंबी लड़ाई लड़ने और हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि 11 महीने से चल रहे आंदोलन में छह सौ से ज्यादा किसानों का निधन हो चुका है, लेकिन भाजपा सरकार का दिल नहीं पसीज रहा। देश का अन्नदाता सर्दी, गर्मी और बारिश में सड़कों पर धरनारत है। सरकार किसानों के खिलाफ साजिश रचकर आंदोलन को कुचलना चाहती है।
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किसान नेता हरपाल सिंह ने कहा कि तीन सप्ताह से अधिक का समय हो गया है और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को मंत्री पद से बर्खास्त नहीं किया गया, जबकि हिंसा में इस्तेमाल हुआ वाहन मंत्री के नाम पंजीकृत है और उनके खिलाफ 120बी में मुकदमा दर्ज है। वह इस पद पर रहते हुए इस केस की जांच को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए।

उन्होंने कहा कि मंत्री के पहले भी कई वीडियो वायरल हुए हैं। जिसमें इसने किसानों के विरोध में कई बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में गिरफ्तार आरोपियों को वीआईपी का दर्जा दिया गया है। उन्होंने मांग की कि इस केस की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से करवाई जाए। इस मौके पर किसान नेता राजकुमार सीपियावाला, धर्मपाल सिंह चौहान, महीपाल चमरोड़ी, कृष्णपाल गुर्जर, साहब सिंह गुर्जर, रामकुमार, प्यारेलाल तंवर, राजीव आदि मौजूद रहे।
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