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Yamuna Nagar News: किसानों ने बिजली टावर लगाने गए कर्मियों को खदेड़ा, पुलिस से धक्कामुक्की

Wed, 26 Jun 2024 07:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 26 Jun 2024 07:24 AM IST
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Farmers chased away workers who had gone to install electricity towers, and scuffled with the police
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। बिजली की हाइटेंशन तार के टावर लगाने के मुआवजे को लेकर मंगलवार को रोड छप्पर गांव में हंगामा हो गया। खेतों में टावर लगाने पहुंचे एचवीपीएनएल के कर्मचारियों के यंत्रों को किसानों ने छीन लिया। साथ ही कर्मचारियों को वहां से खदेड़ भी दिया। इस दौरान किसानों की कर्मचारियों व पुलिस के साथ हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। जब काम नहीं रुका तो किसान जाम लगाने के लिए सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे के बीचोबीच लेट गए।
पुलिस ने किसानों को समय रहते हाईवे से हटा दिया। मौके पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे और किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने डीसी से बातचीत कराने का आश्वासन दिया तो किसान मान गए। अब 27 जून को लघु सचिवालय में किसानों की डीसी कैप्टन मनोज कुमार से बातचीत होगी। तब तक टावर लगाने का काम बंद रहेगा।
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भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना, निदेशक मनदीप रोड छप्पर ने बताया कि रोड छप्पर गांव में किसानों के खेतों में बिजली के टावर लगाने के लिए भारी पुलिस फोर्स भेज दी गई। किसानों ने विरोध किया और टावर नहीं लगने दिए। तकरीबन एक साल से जो बिजली की लाइन के बड़े-बड़े टावर लगाए जा रहे हैं।
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यह काम किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर रोका हुआ है। किसानों ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों व अन्य राज्यों में खेत में टावर लगाने की एवज में 20 से 25 लाख रुपये मुआवजा दिया गया है। परंतु यहां पर 25 से 30 हजार रुपये मुआवजा एक टावर का दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि टावर लगाने से पूरा खेत खराब हो जाता है। इससे पैदावार घटरी है। वहीं हादसा होने का खतरा भी रहता है।
इस दौरान जब किसान नेताओं व पुलिस की बातचीत चल रही थी तो एचवीपीएनएल के कर्मचारी खेत में टावर लगाने के लिए पहुंच गए। जिससे किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। किसानों ने कर्मचारियों से उनके यंत्र छीन लिए। जिस पर डीएसपी राजेश व किसानों की आपस में बोल चाल हो गई। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से यंत्र कर्मचारियों को वापस दिलाए।
इस दौरान डीएसपी राजेश कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रादौर तहसीलदार अनिल कुमार पहुंचे थे। किसानों के विरोध के बाद 27 जून को दोबारा फिर सुबह 11 बजे डीसी ऑफिस में किसानों की मीटिंग होगी और तब तक काम बंद रहेगा जब तक कोई फैसला नहीं होता। इस मौके पर संदीप टोपरा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, प्रवक्ता राकेश बैंस, मलकीत सिंह अंबाला, राजकुमार, हरपाल सुढल, गुलाब पूनिया विक्रांत, जोगिंदर समेत अन्य मौजूद रहे।

डीसी ने कमिश्नर के पास अपील करने को कहा था : संजू
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि कुछ दिन पहले भी भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी अपने शिष्ट मंडल के साथ डीसी से मिले थे। तब डीसी ने कहा था कि वह अपना फैसला दे चुके हैं। आप कमिश्नर के पास अपील करें। किसान कमिश्नर के पास गए और कमिश्नर ने डीसी साहब के पास फाइल भेज दी। डीसी ने एसडीएम की ड्यूटी लगा दी, लेकिन किसानों को कुछ नहीं बताया गया की कमेटी ने क्या फैसला किया है। रेट बढ़ाया है या नहीं, किसानों को कितना देंगे कोई जानकारी इस बारे में नहीं दी गई। बिना किसानों से बात किया सीधे फोर्स भेज कर टावर लगाने की कोशिश की गई।
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