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Yamuna Nagar News: नीट में फैक्टरी सुपरवाइजर के बेटे की 835वीं रैंक

Sun, 19 Jul 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 19 Jul 2026 12:20 AM IST
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Factory supervisor's son secures 835th rank in NEET
मुकंद लाल नेशनल स्कूल में मनीष का मुंह मीठा कराते प्राचार्य । संवाद - फोटो : सांकेतिक
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। शहर की शिवपुरी कॉलोनी निवासी एवं प्लाईवुड फैक्टरी में सुपरवाइजर कन्हैया यादव के बेटे मनीष ने नीट के पहले ही प्रयास में बड़ी उपलब्धि हासिल की। मनीष यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में देशभर में 835वीं रैंक और ओबीसी श्रेणी में 257 रैंक प्राप्त किया है।
मनीष ने शहर के मुकंद लाल राष्ट्रीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। 12वीं में 95.08 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में प्रथम स्थान पाया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा चांदपुर स्थित न्यू एवरेस्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की है। माता बबीता देवी गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े मनीष की छोटी बहन सोनम 11वीं कक्षा और छोटा भाई दूसरी कक्षा में पढ़ता है।
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उन्होंने बताया कि परिवार ने आर्थिक सीमाओं के बावजूद शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। दो वर्ष से नियमित रूप से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। मनीष ने बताया कि पहली बार हुई और बाद में रद्द हुई नीट परीक्षा में उनके 697 अंक बन रहे थे, जबकि इस बार 720 में से 661 अंक और 99.95 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं।
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उनका लक्ष्य अब प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर एक सफल चिकित्सक बनना है। उनकी उपलब्धि पर विद्यालय, शिक्षकों, कोचिंग सेंटर में मनीष का फूल माला पहना व मुंह मीठा करवाकर बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस दौरान एमएलएन स्कूल के प्राचार्य एसके नरूला, केमिस्ट्री अध्यापक रवि कुमार, बायोलॉजी की चारूल सांगी, फिजिक्स की हिमांशी और विशाल, न्यू एवरेस्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य राजेश कुमार ने स्कूल में सम्मानित किया।

मेहनत ही है सफलता की कुंजी
मनीष ने बताया कि स्कूल और कोचिंग के बाद वह प्रतिदिन सात से आठ घंटे स्वयं पढ़ाई करते थे। परीक्षा के समय अध्ययन का समय बढ़ाकर 10 से 12 घंटे कर देते थे। स्वयं अध्ययन के लिए समय निर्धारित किया। अगले दिन के लिए एक टॉपिक पहले से ही चुनकर प्लानिंग के साथ पढ़ाई करते थे। उनका कहना है कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और सकारात्मक रहना है।
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