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Yamuna Nagar News: शुद्धता के पैमाने पर खरी यमुनानगर भू जल की एक-एक बूंद
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जिला वाटर टेस्टिंग लैब कार्यालय। संवाद
दीपेंद्र कुमार, यमुनानगर। जिले के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। यमुनानगर जिले में भूगर्भ जल की एक-एक बूंद पानी शुद्धता के पैमाने पर खरी है। अलग-अलग क्षेत्रों से सैंपल लेकर की गई जांच में यह बात सामने आई है। यमुनानगर जिले में ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है। जहां पर पीने के पानी में किसी तरह की अशुद्धता हो। जिले की वाटर टेस्टिंग लैब में समय-समय पर पानी के नमूनों की जांच होती है।
इन दिनों जल प्रदूषण को लेकर तमाम प्रकरण सामने आते हैं। खास बात यह है कि कई शहरों में भूगर्भ जल पीने लायक नहीं बचा है। जिसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने 18 जिलों में वाटर टेस्टिंग लैब की स्थापना की है। जिससे समय समय पर पानी के नमूनों की जांच की जा सके। यमुनानगर में जगाधरी रोड पर लैब है। जहां पर प्रति वर्ष चार हजार से अधिक नमूनों की जांच होती है। यह नमूने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लिए जाते हैं।
लैब के सीनियर केमिस्ट नीरज छिब्बर की माने तो जिले में पीने के पानी में किसी तरह की अशुद्धता नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच में स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले में पानी में वह सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में हैं जो शुद्ध पानी में होने चाहिए।
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प्रतिवर्ष होगी है चार हजार सैंपलों की जांच
जिला वाटर टेस्टिंग लैब में प्रतिवर्ष 4500 नमूनों की जांच होती है। यह नमूने अलग-अलग क्षेत्रों से लिए जाते हैं। इसके साथ ही जिले में तीन सब डिविजन लैब भी हैं। पानी के नमूने की 15 अलग-अलग टेस्ट किए जाते हैं। जिसमें घुलनशील ठोस तत्व, केल्श्यिम कार्बोनेट, कैलशियम, मैगनिशियम, क्लोराइड, फ्लोराइड, नाईट्रेट, 25 डिग्री सेल्सियस पर पीएच मान आदि की जांच महत्वपूर्ण है।
जिले में पानी के सैंपल लेने में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का भी सहयोग लिया जाता है। महिलाएं अलग-अलग क्षेत्रों में जाती हैं सैंपल लेकर जांच को भेजती हैं। इसके लिए उन्हें प्रति सैंपल 40 रुपये का अनुदान दिया जाता है।
फैक्ट फाइल
तत्व पाए गए लिमिट
घुलनशील ठोस 374 500
कैल्शियम कॉर्बोनेट 191.1 200
कैल्शियम 51.01 75
मैग्नीशियम 15.47 30
क्लोराइड 44.98 25
फ्लोराइड 0.44 1
नाइट्रेट 1.52 45
पीएम (25डिग्री स.) 7.72 6.5-8.5
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इन दिनों जल प्रदूषण को लेकर तमाम प्रकरण सामने आते हैं। खास बात यह है कि कई शहरों में भूगर्भ जल पीने लायक नहीं बचा है। जिसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने 18 जिलों में वाटर टेस्टिंग लैब की स्थापना की है। जिससे समय समय पर पानी के नमूनों की जांच की जा सके। यमुनानगर में जगाधरी रोड पर लैब है। जहां पर प्रति वर्ष चार हजार से अधिक नमूनों की जांच होती है। यह नमूने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लिए जाते हैं।
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लैब के सीनियर केमिस्ट नीरज छिब्बर की माने तो जिले में पीने के पानी में किसी तरह की अशुद्धता नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच में स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले में पानी में वह सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में हैं जो शुद्ध पानी में होने चाहिए।
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प्रतिवर्ष होगी है चार हजार सैंपलों की जांच
जिला वाटर टेस्टिंग लैब में प्रतिवर्ष 4500 नमूनों की जांच होती है। यह नमूने अलग-अलग क्षेत्रों से लिए जाते हैं। इसके साथ ही जिले में तीन सब डिविजन लैब भी हैं। पानी के नमूने की 15 अलग-अलग टेस्ट किए जाते हैं। जिसमें घुलनशील ठोस तत्व, केल्श्यिम कार्बोनेट, कैलशियम, मैगनिशियम, क्लोराइड, फ्लोराइड, नाईट्रेट, 25 डिग्री सेल्सियस पर पीएच मान आदि की जांच महत्वपूर्ण है।
जिले में पानी के सैंपल लेने में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का भी सहयोग लिया जाता है। महिलाएं अलग-अलग क्षेत्रों में जाती हैं सैंपल लेकर जांच को भेजती हैं। इसके लिए उन्हें प्रति सैंपल 40 रुपये का अनुदान दिया जाता है।
फैक्ट फाइल
तत्व पाए गए लिमिट
घुलनशील ठोस 374 500
कैल्शियम कॉर्बोनेट 191.1 200
कैल्शियम 51.01 75
मैग्नीशियम 15.47 30
क्लोराइड 44.98 25
फ्लोराइड 0.44 1
नाइट्रेट 1.52 45
पीएम (25डिग्री स.) 7.72 6.5-8.5