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Yamuna Nagar News: घोषणा, टेंडर व शिलान्यास, नहीं मिला निगम को नया भवन
Wed, 22 May 2024 04:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 22 May 2024 04:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सीएम घोषणा के पांच साल बाद भी नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी को नया भवन नहीं मिल पाया है। हालांकि इसके लिए पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा की जमीन चिह्नित कर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर काम का शिलान्यास हो चुका था। लेकिन भवन निर्माण का विरोध कर गोबिंदपुरा के लोगों ने कोर्ट में केस डाल दिया। जिससे यहां भवन का निर्माण कार्य नहीं लगा और न अफसर अन्य जगह भवन के लिए जमीन तय कर पाए हैं।
वर्ष-2018 में सीएम मनोहर लाल ने नगर निगम कार्यालय के नए भवन के निर्माण कराने की घोषणा की थी। इसके निर्माण के लिए मार्च-2018 में 28.28 करोड़ की अनुमानित लागत पर टेंडर हुआ। इसके बाद पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा में लगती जमीन को नगर निगम के नए भवन के लिए चिह्नित किया गया। जहां निर्माण के लिए एक सितंबर 2018 को सीएम ने शिलान्यास भी किया, पर जमीनी विवाद में यहां काम अटक गया।
गोबिंदपुरा की जमीन का विवाद देख निगम अफसर अन्य जगह भी नगर निगम के भवन के लिए जमीन तलाश कर चुके हैं, पर अभी तक जमीन तय नहीं कर पाए हैं। नगर निगम का नया भवन न बनने से जगाधरी व यमुनानगर में नगर निगम के पुराने कार्यालयों को वाहन पार्किंग कांप्लेक्स बनाने की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। जिससे दोनों शहरों में कहीं भी सरकारी स्तर पर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं मिल पाई है। मौजूदा समय में नगर निगम कार्यालय तीन स्थानों पर चल रहा है।
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यमुनानगर का मुख्य कार्यालय रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह पार्क के पास है। नगर निगम का यह कार्यालय जर्जर हो चुका है और यहां पार्किंग की भी बड़ी समस्या है। दूसरा कार्यालय कन्हैया साहिब चौक समीप है, जहां इंजीनियरिंग ब्रांच व प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठे हैं।
तीसरा कार्यालय जगाधरी के झंडा चौक पर है। अलग-अलग कार्यों के लिए शहरवासी एक से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। इसलिए नगर निगम की ओर से दोनों शहरों के बीचों-बीच एक ही छत के नीचे निगम के सभी ब्रांच कार्यालय लाने को नए भवन के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस संबंध में संबंधित अफसर से बात करेंगे। कार्य कहां तक हुआ, इस बारे में पता कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। सीएम घोषणा के पांच साल बाद भी नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी को नया भवन नहीं मिल पाया है। हालांकि इसके लिए पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा की जमीन चिह्नित कर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर काम का शिलान्यास हो चुका था। लेकिन भवन निर्माण का विरोध कर गोबिंदपुरा के लोगों ने कोर्ट में केस डाल दिया। जिससे यहां भवन का निर्माण कार्य नहीं लगा और न अफसर अन्य जगह भवन के लिए जमीन तय कर पाए हैं।
वर्ष-2018 में सीएम मनोहर लाल ने नगर निगम कार्यालय के नए भवन के निर्माण कराने की घोषणा की थी। इसके निर्माण के लिए मार्च-2018 में 28.28 करोड़ की अनुमानित लागत पर टेंडर हुआ। इसके बाद पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा में लगती जमीन को नगर निगम के नए भवन के लिए चिह्नित किया गया। जहां निर्माण के लिए एक सितंबर 2018 को सीएम ने शिलान्यास भी किया, पर जमीनी विवाद में यहां काम अटक गया।
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गोबिंदपुरा की जमीन का विवाद देख निगम अफसर अन्य जगह भी नगर निगम के भवन के लिए जमीन तलाश कर चुके हैं, पर अभी तक जमीन तय नहीं कर पाए हैं। नगर निगम का नया भवन न बनने से जगाधरी व यमुनानगर में नगर निगम के पुराने कार्यालयों को वाहन पार्किंग कांप्लेक्स बनाने की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। जिससे दोनों शहरों में कहीं भी सरकारी स्तर पर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं मिल पाई है। मौजूदा समय में नगर निगम कार्यालय तीन स्थानों पर चल रहा है।
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यमुनानगर का मुख्य कार्यालय रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह पार्क के पास है। नगर निगम का यह कार्यालय जर्जर हो चुका है और यहां पार्किंग की भी बड़ी समस्या है। दूसरा कार्यालय कन्हैया साहिब चौक समीप है, जहां इंजीनियरिंग ब्रांच व प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठे हैं।
तीसरा कार्यालय जगाधरी के झंडा चौक पर है। अलग-अलग कार्यों के लिए शहरवासी एक से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। इसलिए नगर निगम की ओर से दोनों शहरों के बीचों-बीच एक ही छत के नीचे निगम के सभी ब्रांच कार्यालय लाने को नए भवन के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस संबंध में संबंधित अफसर से बात करेंगे। कार्य कहां तक हुआ, इस बारे में पता कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।