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Yamuna Nagar News: एक साल बाद भी ट्रामा सेंटर का काम अधूरा
Wed, 31 Dec 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 31 Dec 2025 12:52 AM IST
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ट्रामा सेंटर यमुनानगर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण का कार्य जनवरी 2025 तक पूरा होकर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर हो जाना चाहिए था, लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अब तो जनवरी 2026 की शुरुआत होने जा रही है, फिर भी ट्रामा सेंटर में काम चल ही रहा है।
हालात यह हैं कि पहले जहां ट्रामा सेंटर दो मंजिला भवन में संचालित होता था, वहीं अब जिला नागरिक अस्पताल के एक छोटे से हॉल में सिमट कर रह गया है। जगह की कमी के चलते इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए पांच बेड बरामदे में लगाने पड़ रहे हैं।
ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण कार्य कब तक पूरा होगा, इसे लेकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि काम पूरा हो गया है, केवल बिजली का कार्य बाकी है। ऐसे ही करते-करते पूरा साल बीत गया, लेकिन अभी तक यह स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका।
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करीब डेढ़ दशक पुराने ट्रामा सेंटर के भवन का लगभग 80 से 82 लाख रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जा रहा है। इसके लिए जून 2024 में ट्रामा सेंटर को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के ब्लॉक-ए में शिफ्ट किया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 47 लाख रुपये पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर करने के बाद अगस्त 2024 में ठेकेदार ने काम शुरू किया।
काम का भुगतान न मिलने के कारण ठेकेदार ने सितंबर में काम बंद कर दिया। भुगतान होने के बाद बड़ी मुश्किल से काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तभी पीडब्ल्यूडी को बिजली से संबंधित कार्य कराने की याद आई और सिविल वर्क को बीच में ही रुकवा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने बिजली कार्य के लिए राशि जमा करा दी, लेकिन पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग ने कई महीनों तक टेंडर ही नहीं लगाया। बाद में किसी तरह काम शुरू हुआ जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
हालांकि सिविल वर्क अब पूरा हो चुका है। इसके तहत ट्रामा सेंटर के भूतल को ऊंचा उठाया गया है ताकि बारिश के दौरान पानी न भरे। टाइलें, दरवाजे, शौचालय, पेंट और दीवारों में बदलाव का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। छत में फॉल सिलिंग लगा दी गई है। वेस्ट पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन को सिविल अस्पताल से जोड़ा गया है। इससे जलभराव की समस्या के समाधान की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक कार्य अभी भी अधूरा है। सीसीटीवी, फायर सेफ्टी उपकरण उपकरण अब तक नहीं लग पाए हैं। पहले 17 सितंबर और फिर 26 सितंबर 2025 को ट्रामा सेंटर हैंडओवर करने की तारीख तय की गई थी, लेकिन दोनों ही डेडलाइन पूरी नहीं हो सकीं। नवीनीकरण में हो रही इस देरी का सीधा खामियाजा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
ट्रामा सेंटर के भूतल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसे हैंडओवर करने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से बात हुई है। जल्द ही हैंडओवर करने का आश्वासन मिला है। इसके बाद इमरजेंसी को ट्रामा सेंटर में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा। - डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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यमुनानगर। जिले के ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण का कार्य जनवरी 2025 तक पूरा होकर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर हो जाना चाहिए था, लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अब तो जनवरी 2026 की शुरुआत होने जा रही है, फिर भी ट्रामा सेंटर में काम चल ही रहा है।
हालात यह हैं कि पहले जहां ट्रामा सेंटर दो मंजिला भवन में संचालित होता था, वहीं अब जिला नागरिक अस्पताल के एक छोटे से हॉल में सिमट कर रह गया है। जगह की कमी के चलते इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए पांच बेड बरामदे में लगाने पड़ रहे हैं।
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ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण कार्य कब तक पूरा होगा, इसे लेकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि काम पूरा हो गया है, केवल बिजली का कार्य बाकी है। ऐसे ही करते-करते पूरा साल बीत गया, लेकिन अभी तक यह स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका।
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करीब डेढ़ दशक पुराने ट्रामा सेंटर के भवन का लगभग 80 से 82 लाख रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जा रहा है। इसके लिए जून 2024 में ट्रामा सेंटर को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के ब्लॉक-ए में शिफ्ट किया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 47 लाख रुपये पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर करने के बाद अगस्त 2024 में ठेकेदार ने काम शुरू किया।
काम का भुगतान न मिलने के कारण ठेकेदार ने सितंबर में काम बंद कर दिया। भुगतान होने के बाद बड़ी मुश्किल से काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तभी पीडब्ल्यूडी को बिजली से संबंधित कार्य कराने की याद आई और सिविल वर्क को बीच में ही रुकवा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने बिजली कार्य के लिए राशि जमा करा दी, लेकिन पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग ने कई महीनों तक टेंडर ही नहीं लगाया। बाद में किसी तरह काम शुरू हुआ जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
हालांकि सिविल वर्क अब पूरा हो चुका है। इसके तहत ट्रामा सेंटर के भूतल को ऊंचा उठाया गया है ताकि बारिश के दौरान पानी न भरे। टाइलें, दरवाजे, शौचालय, पेंट और दीवारों में बदलाव का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। छत में फॉल सिलिंग लगा दी गई है। वेस्ट पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन को सिविल अस्पताल से जोड़ा गया है। इससे जलभराव की समस्या के समाधान की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक कार्य अभी भी अधूरा है। सीसीटीवी, फायर सेफ्टी उपकरण उपकरण अब तक नहीं लग पाए हैं। पहले 17 सितंबर और फिर 26 सितंबर 2025 को ट्रामा सेंटर हैंडओवर करने की तारीख तय की गई थी, लेकिन दोनों ही डेडलाइन पूरी नहीं हो सकीं। नवीनीकरण में हो रही इस देरी का सीधा खामियाजा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
ट्रामा सेंटर के भूतल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसे हैंडओवर करने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से बात हुई है। जल्द ही हैंडओवर करने का आश्वासन मिला है। इसके बाद इमरजेंसी को ट्रामा सेंटर में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा। - डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।

ट्रामा सेंटर यमुनानगर। संवाद