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Yamuna Nagar News: परिवार पहचान पत्र में गलतियां नहीं हो रही दूर
Fri, 05 Dec 2025 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 05 Dec 2025 01:26 AM IST
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क्रिड कार्यालय में गलतियां ठीक कराने क लिए लगी भीड़। संवाद
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) में हो रही गलतियों ने उनकी नींद उड़ा दी है। एडीसी कार्यालय के क्रिड कार्यालय में फैमिली आईडी में हो रही गलतियों को ठीक कराने के लिए लोगों का भीड़ लगी है। गलतियों को ठीक कराने के लिए लोग धक्के खाने को मजबूर हो गए हैं।
लोग कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सेंटर के पास जाते हैं तो कभी बीडीपीओ कार्यालयों में बैठे क्रिड कर्मचारियों के पास। परंतु दोनों ही एक दूसरे के पास चक्कर काट रहे हैं। इसके लिए लोगों को बार-बार सीएससी संचालकों को पैसे देने पड़ रहे हैं। फिर भी समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही। कहीं ऐसा तो नहीं कि बीडीपीओ कार्यालयों में बैठे कर्मचारी जानबूझ कर लोगों को सीएससी संचालकों के पास भेज रहे हैं। यदि ऐसा है तो यह जांच का विषय है। कैल निवासी रघुबीर सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करता है और परिवार में अपनी पत्नी के साथ रहता है। आधार कार्ड में उसकी उम्र 1965 थी। जिसके आधार पर उसकी बुढ़ापा पेंशन लग गई थी। पेंशन आने से उसे घर का खर्च चलाने में थोड़ी मदद मिलने लगी थी। परंतु अधिकारियों ने अपने आप ही फैमिली आईडी में उसकी उम्र 1965 के बजाय 1968 कर दी।
इससे उसकी वृद्धावस्था पेंशन मिलनी बंद हो गई। कई माह से वह अपनी उम्र ठीक कराने के लिए बीडीपीओ कार्यालय, सीएससी और एडीसी कार्यालय में चक्कर काट रहा है। कांसापुर के राजकुमार ने बताया कि उसे अपनी फैमिली आईडी में अपने पौता व पौती का नाम चढ़वाना है। वह कई दिन से चक्कर काट रहा है, लेकिन दोनों बच्चों के नाम फैमिली आईडी में नहीं जुड़ रहे। वह सबसे पहले सीएससी में गया था। वहां से अप्लाई करने के बाद दोबारा सीएससी में गया।
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जिसकी फैमिली आईडी में गलतियां हैं वह उसे ठीक कराने के लिए सीएससी या फिर खुद भी रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। कुछ दिन में कमी दूर कर दी जाती है। वहीं बीडीपीओ कार्यालय में बैठे कर्मचारी यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी कर रहे हैं तो इसकी भी जांच करवाई जाएगी। -नवीन आहूजा, एडीसी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) में हो रही गलतियों ने उनकी नींद उड़ा दी है। एडीसी कार्यालय के क्रिड कार्यालय में फैमिली आईडी में हो रही गलतियों को ठीक कराने के लिए लोगों का भीड़ लगी है। गलतियों को ठीक कराने के लिए लोग धक्के खाने को मजबूर हो गए हैं।
लोग कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सेंटर के पास जाते हैं तो कभी बीडीपीओ कार्यालयों में बैठे क्रिड कर्मचारियों के पास। परंतु दोनों ही एक दूसरे के पास चक्कर काट रहे हैं। इसके लिए लोगों को बार-बार सीएससी संचालकों को पैसे देने पड़ रहे हैं। फिर भी समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही। कहीं ऐसा तो नहीं कि बीडीपीओ कार्यालयों में बैठे कर्मचारी जानबूझ कर लोगों को सीएससी संचालकों के पास भेज रहे हैं। यदि ऐसा है तो यह जांच का विषय है। कैल निवासी रघुबीर सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करता है और परिवार में अपनी पत्नी के साथ रहता है। आधार कार्ड में उसकी उम्र 1965 थी। जिसके आधार पर उसकी बुढ़ापा पेंशन लग गई थी। पेंशन आने से उसे घर का खर्च चलाने में थोड़ी मदद मिलने लगी थी। परंतु अधिकारियों ने अपने आप ही फैमिली आईडी में उसकी उम्र 1965 के बजाय 1968 कर दी।
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इससे उसकी वृद्धावस्था पेंशन मिलनी बंद हो गई। कई माह से वह अपनी उम्र ठीक कराने के लिए बीडीपीओ कार्यालय, सीएससी और एडीसी कार्यालय में चक्कर काट रहा है। कांसापुर के राजकुमार ने बताया कि उसे अपनी फैमिली आईडी में अपने पौता व पौती का नाम चढ़वाना है। वह कई दिन से चक्कर काट रहा है, लेकिन दोनों बच्चों के नाम फैमिली आईडी में नहीं जुड़ रहे। वह सबसे पहले सीएससी में गया था। वहां से अप्लाई करने के बाद दोबारा सीएससी में गया।
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जिसकी फैमिली आईडी में गलतियां हैं वह उसे ठीक कराने के लिए सीएससी या फिर खुद भी रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। कुछ दिन में कमी दूर कर दी जाती है। वहीं बीडीपीओ कार्यालय में बैठे कर्मचारी यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी कर रहे हैं तो इसकी भी जांच करवाई जाएगी। -नवीन आहूजा, एडीसी, यमुनानगर।