{"_id":"6848784f6d284458770823d4","slug":"employees-protest-work-affected-in-district-hospital-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-139126-2025-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: कर्मचारियों का प्रदर्शन, जिला अस्पताल में प्रभावित रहा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: कर्मचारियों का प्रदर्शन, जिला अस्पताल में प्रभावित रहा काम
Tue, 10 Jun 2025 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को उस वक्त हालात खराब हो गए जब हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों ने काम करने से इन्कार कर दिया। इससे ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में काम प्रभावित रहा। इमरजेंसी में पर्ची बनाने के लिए डॉक्टर के केबिन से कर्मचारी की व्यवस्था करना पड़ी।
यहां तक की शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया। पोस्टमार्टम कराने के लिए उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी से कर्मचारी बुलाना पड़ा। इसके अलावा कर्मचारियों ने स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन हरियाणा के बैनर तले जिला नागरिक अस्पताल में नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
मंगलवार को सुबह की शिफ्ट में करीब 35 कर्मचारी थे। जिन्होंने विरोध स्वरूप अपना काम नहीं किया। इससे अस्पताल का काम प्रभावित हुआ। यह कर्मचारी इमरजेंसी के अलावा पोस्टमार्टम हाउस, ऑप्रेशन थियेटर, सिक्योरिटी गार्ड, वार्ड सर्वेंट, प्लास्टर रूम, लेबर रूम समेत अन्य जगहों पर कार्यरत थे। कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम हाउस में आए शवों का पोस्टमार्टम करने से भी मना कर दिया।
विज्ञापन
अस्पताल के प्लास्टर रूम में जिस कर्मचारी की ड्यूटी थी वह भी काम पर नहीं थे। हड्डी रोग के मरीज प्लास्टर कटवाने व चढ़वाने के लिए चक्कर काटते रहे, लेकिन कर्मचारी न होने से उन्हें वापस लौटना पड़ा। इमरजेंसी में भी जब मरीजों की पर्ची नहीं कट पाई तो अन्य जगह से कर्मचारी बुलाकर किसी तरह काम चलाना पड़ा।
स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विजय कुमार, कोषाध्यक्ष अनिल जुड्डा, करनैल, रणबीर, कर्ण, संजीव, राजीव, राेहित, परवेश, नीलम, रीना ने बताया कि वह 12 से 15 वर्ष पहले जिला अस्पताल में बतौर सफाई कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से लगे थे।
अस्पताल में वार्ड सर्वेंट, प्लास्टर रूम, लेबर रूम, इमरजेंसी, स्वीपर, सिक्योरिटी गार्ड व हेल्पर समेत अन्य कार्य लिए जाने लगे। इसके बाद उन्हें हरियाणा कौशल रोजगार निगम में रख लिया गया। कौशल रोजगार में भी उनकी पोस्ट सफाई कर्मचारी की दिखाई गई है। इस पर अधिकारी उन्हें मौखिक तौर पर कहते रहे कि वह अपना काम करते रहो, उन्हें न तो कोई हटाएगा।
सोमवार से रखा है भाई का शव : शीशपाल
बलाचौर निवासी शीशपाल ने बताया कि उसका भाई सतीश मजदूरी करता था। सोमवार दोपहर वह काम से लंच टाइम में घर पर भोजन करने आया था। भोजन करने के बाद जब वह वापस काम पर जा रहा था तो गांव के अड्डे के पास कार ने उसे टक्कर मार दी थी। इससे उसकी मौत हो गई। उसका शव सोमवार से पोस्टमार्टम हाउस में रखा है। मंगलवार दोपहर तक भी उसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पोस्टमार्टम करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं था। इस पर सिविल सर्जन व पीएमओ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा दो अन्य शव पोस्टमार्टम के लिए आए थे। इसके बाद जगाधरी के अस्पताल से कर्मचारी बुलाया गया।
डीजी हेल्थ के आदेश आए हैं कि जिस कर्मचारी का रिकॉर्ड में जो पद ह,ै उससे वही काम लिया जाए। कर्मचारियों का असली पद सफाई कर्मचारी का है। इसलिए डीजी के आदेशों के अनुसार ही उन्हें सफाई कार्य करने के लिए कहा जा रहा है। जो काम प्रभावित हुआ है उसके लिए अन्य व्यवस्था की गई है। - डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन यमुनानगर।
विज्ञापन
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को उस वक्त हालात खराब हो गए जब हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों ने काम करने से इन्कार कर दिया। इससे ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में काम प्रभावित रहा। इमरजेंसी में पर्ची बनाने के लिए डॉक्टर के केबिन से कर्मचारी की व्यवस्था करना पड़ी।
यहां तक की शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया। पोस्टमार्टम कराने के लिए उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी से कर्मचारी बुलाना पड़ा। इसके अलावा कर्मचारियों ने स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन हरियाणा के बैनर तले जिला नागरिक अस्पताल में नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
विज्ञापन
मंगलवार को सुबह की शिफ्ट में करीब 35 कर्मचारी थे। जिन्होंने विरोध स्वरूप अपना काम नहीं किया। इससे अस्पताल का काम प्रभावित हुआ। यह कर्मचारी इमरजेंसी के अलावा पोस्टमार्टम हाउस, ऑप्रेशन थियेटर, सिक्योरिटी गार्ड, वार्ड सर्वेंट, प्लास्टर रूम, लेबर रूम समेत अन्य जगहों पर कार्यरत थे। कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम हाउस में आए शवों का पोस्टमार्टम करने से भी मना कर दिया।
विज्ञापन
अस्पताल के प्लास्टर रूम में जिस कर्मचारी की ड्यूटी थी वह भी काम पर नहीं थे। हड्डी रोग के मरीज प्लास्टर कटवाने व चढ़वाने के लिए चक्कर काटते रहे, लेकिन कर्मचारी न होने से उन्हें वापस लौटना पड़ा। इमरजेंसी में भी जब मरीजों की पर्ची नहीं कट पाई तो अन्य जगह से कर्मचारी बुलाकर किसी तरह काम चलाना पड़ा।
स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विजय कुमार, कोषाध्यक्ष अनिल जुड्डा, करनैल, रणबीर, कर्ण, संजीव, राजीव, राेहित, परवेश, नीलम, रीना ने बताया कि वह 12 से 15 वर्ष पहले जिला अस्पताल में बतौर सफाई कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से लगे थे।
अस्पताल में वार्ड सर्वेंट, प्लास्टर रूम, लेबर रूम, इमरजेंसी, स्वीपर, सिक्योरिटी गार्ड व हेल्पर समेत अन्य कार्य लिए जाने लगे। इसके बाद उन्हें हरियाणा कौशल रोजगार निगम में रख लिया गया। कौशल रोजगार में भी उनकी पोस्ट सफाई कर्मचारी की दिखाई गई है। इस पर अधिकारी उन्हें मौखिक तौर पर कहते रहे कि वह अपना काम करते रहो, उन्हें न तो कोई हटाएगा।
सोमवार से रखा है भाई का शव : शीशपाल
बलाचौर निवासी शीशपाल ने बताया कि उसका भाई सतीश मजदूरी करता था। सोमवार दोपहर वह काम से लंच टाइम में घर पर भोजन करने आया था। भोजन करने के बाद जब वह वापस काम पर जा रहा था तो गांव के अड्डे के पास कार ने उसे टक्कर मार दी थी। इससे उसकी मौत हो गई। उसका शव सोमवार से पोस्टमार्टम हाउस में रखा है। मंगलवार दोपहर तक भी उसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पोस्टमार्टम करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं था। इस पर सिविल सर्जन व पीएमओ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा दो अन्य शव पोस्टमार्टम के लिए आए थे। इसके बाद जगाधरी के अस्पताल से कर्मचारी बुलाया गया।
डीजी हेल्थ के आदेश आए हैं कि जिस कर्मचारी का रिकॉर्ड में जो पद ह,ै उससे वही काम लिया जाए। कर्मचारियों का असली पद सफाई कर्मचारी का है। इसलिए डीजी के आदेशों के अनुसार ही उन्हें सफाई कार्य करने के लिए कहा जा रहा है। जो काम प्रभावित हुआ है उसके लिए अन्य व्यवस्था की गई है। - डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन यमुनानगर।