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Yamuna Nagar News: हथिनी चंचल और लक्ष्मी की मनाई सालगिरह
Mon, 28 Apr 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। खंड छछरौली के बने चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र रह रही हथिनी चंचल और लक्ष्मी का रविवार को बन संतौर में आगमन की 12 वीं सालगिरह मनाई गई। इस दौरान केंद्र में रह रही सभी मादा हाथियों को स्पेशल ट्रीट देकर खुशी मनाई गई।
मौजूदा समय में पुनर्वास केंद्र में चंचल व लक्ष्मी के अलावा अन्य दो और हथिनियां रह रही हैं। रोजाना सभी मादा हथियों को जंगल में सैर के लिए बने 10 किलोमीटर के ट्रैक पर घुमाया जाता है। वाइल्डलाइफ एसओएस के आशीष ने बताया कि 2012 में समालखा से लक्ष्मी व चंचल को रेस्क्यू किया गया था। रेस्क्यू करने के बाद दोनों मादा हाथियों को चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास के में लाया गया था। केंद्र में लक्ष्मी और चंचल के 12 साल पूरे हो गए हैं। हाथी पुनर्वास केंद्र में सभी महावत वाइल्डलाइफ एसओएस की तरफ से नियुक्त किए हुए हैं। वाइल्डलाइफ एसओएस संस्था जब से चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बना हुआ है पहले दिन से ही यहां पर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र वन्यजीव एसओएस के सहयोग से हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई एक परियोजना है। जिनके साथ मालिकों या संचालकों व महावतों की ओर से क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया गया हो या ऐसे हाथी जो अवैध हिरासत में हों या जिनके पास कानूनों का उल्लंघन करते हुए अनुचित व अधूरे स्वामित्व के कागजात हों। ऐसे हाथियों को रेस्क्यू कर पुनर्वास के लिए हाथी पुनर्वास केंद्र में लाया जाता है।
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छछरौली। खंड छछरौली के बने चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र रह रही हथिनी चंचल और लक्ष्मी का रविवार को बन संतौर में आगमन की 12 वीं सालगिरह मनाई गई। इस दौरान केंद्र में रह रही सभी मादा हाथियों को स्पेशल ट्रीट देकर खुशी मनाई गई।
मौजूदा समय में पुनर्वास केंद्र में चंचल व लक्ष्मी के अलावा अन्य दो और हथिनियां रह रही हैं। रोजाना सभी मादा हथियों को जंगल में सैर के लिए बने 10 किलोमीटर के ट्रैक पर घुमाया जाता है। वाइल्डलाइफ एसओएस के आशीष ने बताया कि 2012 में समालखा से लक्ष्मी व चंचल को रेस्क्यू किया गया था। रेस्क्यू करने के बाद दोनों मादा हाथियों को चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास के में लाया गया था। केंद्र में लक्ष्मी और चंचल के 12 साल पूरे हो गए हैं। हाथी पुनर्वास केंद्र में सभी महावत वाइल्डलाइफ एसओएस की तरफ से नियुक्त किए हुए हैं। वाइल्डलाइफ एसओएस संस्था जब से चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बना हुआ है पहले दिन से ही यहां पर कार्य कर रही है।
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उन्होंने बताया कि चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र वन्यजीव एसओएस के सहयोग से हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई एक परियोजना है। जिनके साथ मालिकों या संचालकों व महावतों की ओर से क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया गया हो या ऐसे हाथी जो अवैध हिरासत में हों या जिनके पास कानूनों का उल्लंघन करते हुए अनुचित व अधूरे स्वामित्व के कागजात हों। ऐसे हाथियों को रेस्क्यू कर पुनर्वास के लिए हाथी पुनर्वास केंद्र में लाया जाता है।
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