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Yamuna Nagar News: स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की जांच करेगा शिक्षा विभाग

Sun, 05 Apr 2026 03:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 05 Apr 2026 03:57 AM IST
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Education department to check books of private publishers in schools
समाचार पत्र में प्रका​शित खबरें। आर्काइव
जगाधरी। निजी स्कूलों में किताबों के नाम पर चल हो रही मनमानी पर शिक्षा विभाग ने जांच का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से खंड सहित जिलास्तर पर विशेष टीमें बनाई हैं। ये टीमें स्कूलों में पहुंचकर निजी प्रकाशकों की किताबों को लगाने की जांच और कार्रवाई करेगी। इसके बाद जिला मौलिक शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारी की टीमें भी निरीक्षण करेंगी। बता दें कि निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों की जेब पर कैंची से संबंधित खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने अधिकारियों की बैठक लेकर खंड सहित जिलास्तर पर टीमें गठित कर दी हैँ।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता बक्शी, जिला परियोजना समन्वयक एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी केएस संधावा के नेतृत्व में बैठक के बाद कार्यालय की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को किताबों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबों और एनसीईआरटी की किताबों की जांच की जाएगी। जिन विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की किताबें लगाई गई हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिन स्कूलों ने औपचारिक रूप से एनसीईआरटी के साथ निजी प्रकाशकों की किताबें लगाई हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार मार्च में ही निजी विद्यालयों में दाखिले शुृरू हो गए थे। दाखिले के दौरान अभिभावकों को निर्धारित दुकान से किताबें खरीदने के लिए विवश किया गया। वहीं, एनसीईआरटी के बजाए निजी प्रकाशकों की किताबें लगाई गई। इसके अलावा वर्दियों के नाम पर भी अभिभावकों से अधिक राशि वसूलने से संबंधित मामले को जब समाचार पत्र में मुद्दा उठाया गया, तो शिक्षा विभाग ने की जांच के लिए टीमें बना दी हैं। वहीं, अधिवक्ता वरयाम सिंह ने बताया कि निजी प्रकाशकों की पुस्तकें, वर्दी व फीस के नाम पर अभिभावकों से अधिक राशि वसूलने पर विभाग की ओर से संस्थान को बंद भी कर सकता है। संवाद
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वर्जन
स्कूलों में केवल एनसीईआरटी की किताबें ही लगाई जा सकती हैं। वहीं, यह किताबें खरीदने के लिए स्कूल अभिभावकों को निश्चित दुकान से खरीदने के लिए विवश नहीं कर सकते हैं। इसके लिए विभाग की ओर से जांच टीमें बनाई गई हैं। टीमें स्कूलों की जांच कर रिपोर्ट बनाएगी।

प्रेम लता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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वर्जन
स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगाने और स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए टीमों का गठन किया गया है। खंड से जिलास्तर पर टीमें इसकी जांच करेंगी। अनियमितता बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।

समाचार पत्र में प्रकाशित खबरें। आर्काइव

समाचार पत्र में प्रकाशित खबरें। आर्काइव

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