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Yamuna Nagar News: विकास कार्य से जलनिकासी ठप
Mon, 02 Sep 2024 03:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 02 Sep 2024 03:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जल निकासी बेहतर करने के लिए कई मुख्य मार्गों पर नगर निगम ने नालों का निर्माण कार्य शुरू किया। इससे जो जलनिकासी थी वो भी ठप हो गई है। साथ ही सड़कों के किनारे से खोदाई के बाद निकला मलबा मार्ग पर फैला होने से वाहन चालक जाम की स्थिति झेल रहे हैं।
दुकानदार व ग्राहक भी नाले निर्माण के लिए खोदे गड्ढों से मशक्कत कर दुकानों में आ-जा रहे हैं। गड्ढों व मलबे पर कोई संकेतक या सूचक न होने से हादसे की डर है। यह हालात गत दो माह से हैं, जिस पर लोग निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से वार्ड नौ में शहीद भगत सिंह चौक से गुरु नानक खालसा कॉलेज रोड तक एक ओर अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाने व सीसी रोड का निर्माण कार्य हो रहा है। वार्ड 15 के गोल्डनपुरी से ओपी जिंदल पार्क तक नाला बन रहा है। दोनों जगह पहले खोदाई कर कई हफ्ते तक मलबा सड़क पर छोड़ा जा रहा है और काम भी बार-बार कई दिनों तक रोका जा रहा है। इससे राहगीरों काे निकलने और आसपास के लोगों को जलनिकासी ठप होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी व दुकानदार सोनू, संजय, गुरविंद्र, बंटी का कहना है कि सड़क व उनके किनारे खोद देने से जो जलनिकासी थी, वह भी बारिश के सीजन में ठप हो गई है। पुराने नाले-नालियों को तोड़ने से बने गड्ढों में गंदा पानी भर रहा है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं और निवासियों को मलेरिया जैसी बीमारी फैलने का खतरा सता रहा है। इसलिए यह काम जल्द से जल्द पूरे कराने चाहिए।
मलबे व गड्ढों से हादसों का डर
निवासियों ने बताया कि खोदाई में निकला मलबा भी परेशानी का सबब बन रहा है। एक ओर आधी सड़क तक बिखरे मलबे से ट्रैफिक जाम की स्थिति हो रही है, वहीं यह मलबा सड़क हादसों की भी वजह बन सकता है। मलबे पर किसी तरह के संकेतक या सूचक नहीं है। कई जगह तो मलबा बिखर कर सड़क के बीच आ रहा है। नालों में दीवार के लिए सरिये डाले जा रहे हैं। खासकर रात के अंधेरे में गड्ढों व मलबे से हादसे का डर है। इन्हीं गड्ढों के ऊपर दुकानदारों ने दुकानों में आने जाने के लिए लकड़ी के फट्टे रखे हैं, जिससे दुकानदार व ग्राहक मशक्कत कर आ-जा रहे हैं।
संबंधित शाखा के अफसरों को मलबे का साथ के साथ उठान करने व निर्माण कार्य जल्द पूरा करने बारे में निर्देश देंगे। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होने जी जाएगी - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। जल निकासी बेहतर करने के लिए कई मुख्य मार्गों पर नगर निगम ने नालों का निर्माण कार्य शुरू किया। इससे जो जलनिकासी थी वो भी ठप हो गई है। साथ ही सड़कों के किनारे से खोदाई के बाद निकला मलबा मार्ग पर फैला होने से वाहन चालक जाम की स्थिति झेल रहे हैं।
दुकानदार व ग्राहक भी नाले निर्माण के लिए खोदे गड्ढों से मशक्कत कर दुकानों में आ-जा रहे हैं। गड्ढों व मलबे पर कोई संकेतक या सूचक न होने से हादसे की डर है। यह हालात गत दो माह से हैं, जिस पर लोग निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
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नगर निगम की ओर से वार्ड नौ में शहीद भगत सिंह चौक से गुरु नानक खालसा कॉलेज रोड तक एक ओर अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाने व सीसी रोड का निर्माण कार्य हो रहा है। वार्ड 15 के गोल्डनपुरी से ओपी जिंदल पार्क तक नाला बन रहा है। दोनों जगह पहले खोदाई कर कई हफ्ते तक मलबा सड़क पर छोड़ा जा रहा है और काम भी बार-बार कई दिनों तक रोका जा रहा है। इससे राहगीरों काे निकलने और आसपास के लोगों को जलनिकासी ठप होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी व दुकानदार सोनू, संजय, गुरविंद्र, बंटी का कहना है कि सड़क व उनके किनारे खोद देने से जो जलनिकासी थी, वह भी बारिश के सीजन में ठप हो गई है। पुराने नाले-नालियों को तोड़ने से बने गड्ढों में गंदा पानी भर रहा है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं और निवासियों को मलेरिया जैसी बीमारी फैलने का खतरा सता रहा है। इसलिए यह काम जल्द से जल्द पूरे कराने चाहिए।
मलबे व गड्ढों से हादसों का डर
निवासियों ने बताया कि खोदाई में निकला मलबा भी परेशानी का सबब बन रहा है। एक ओर आधी सड़क तक बिखरे मलबे से ट्रैफिक जाम की स्थिति हो रही है, वहीं यह मलबा सड़क हादसों की भी वजह बन सकता है। मलबे पर किसी तरह के संकेतक या सूचक नहीं है। कई जगह तो मलबा बिखर कर सड़क के बीच आ रहा है। नालों में दीवार के लिए सरिये डाले जा रहे हैं। खासकर रात के अंधेरे में गड्ढों व मलबे से हादसे का डर है। इन्हीं गड्ढों के ऊपर दुकानदारों ने दुकानों में आने जाने के लिए लकड़ी के फट्टे रखे हैं, जिससे दुकानदार व ग्राहक मशक्कत कर आ-जा रहे हैं।
संबंधित शाखा के अफसरों को मलबे का साथ के साथ उठान करने व निर्माण कार्य जल्द पूरा करने बारे में निर्देश देंगे। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होने जी जाएगी - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।