{"_id":"68815979ad7283a597054b24","slug":"do-not-let-rain-water-collect-near-houses-parth-gupta-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-141220-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों के पास न जमा होने दें बारिश का पानी : पार्थ गुप्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों के पास न जमा होने दें बारिश का पानी : पार्थ गुप्ता
Thu, 24 Jul 2025 03:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 24 Jul 2025 03:21 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। बरसात के दिनों में एक जगह गंदा पानी खड़ा होने से अनेक प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती है। क्योंकि गड्ढों में पानी खड़ा होने से इसमें मक्खी, मच्छर पनपते है जो अनेकों बीमारियों का कारण बनते है।
उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास बरसात के पानी को जमा न होने दें तथा गडढ़ों को मिट्टी आदि से भर दें तथा घरों के आस-पास उगी जहरीली गाजर घास के पौधों को स्वयं उखाड़ कर नष्ट करें व आस-पास के लोगों को भी गाजर घास से होने वाले नुकसान के बारे में बताए।
डीसी पार्थ गुप्ता ने कहा कि मच्छरों के काटने से बचने के लिए रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। वह अपने घरों के आसपास व किसान अपने खेतों में उगी घास को उखाड़ कर पूर्ण रूप से नष्ट कर दें, क्योंकि इस जहरीले घास में पारथेनियम नामक पदार्थ होता है जो मानव व पशु, पक्षियों के साथ-साथ फसलों के लिए भी हानिकारक होता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नालियों के आसपास इस घास के उगने से नालियों के बहते पानी में भी रुकावट होती है। इस जहरीले गाजर घास को उखाड़ने की जिम्मेदारी हम सभी लोगों की बनती है। इसके अलावा नाले में कूड़ा डालने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। संवाद
विज्ञापन
उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास बरसात के पानी को जमा न होने दें तथा गडढ़ों को मिट्टी आदि से भर दें तथा घरों के आस-पास उगी जहरीली गाजर घास के पौधों को स्वयं उखाड़ कर नष्ट करें व आस-पास के लोगों को भी गाजर घास से होने वाले नुकसान के बारे में बताए।
विज्ञापन
डीसी पार्थ गुप्ता ने कहा कि मच्छरों के काटने से बचने के लिए रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। वह अपने घरों के आसपास व किसान अपने खेतों में उगी घास को उखाड़ कर पूर्ण रूप से नष्ट कर दें, क्योंकि इस जहरीले घास में पारथेनियम नामक पदार्थ होता है जो मानव व पशु, पक्षियों के साथ-साथ फसलों के लिए भी हानिकारक होता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नालियों के आसपास इस घास के उगने से नालियों के बहते पानी में भी रुकावट होती है। इस जहरीले गाजर घास को उखाड़ने की जिम्मेदारी हम सभी लोगों की बनती है। इसके अलावा नाले में कूड़ा डालने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। संवाद