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सरोवरों को लिखा टैंक, होर्डिंग में दूरी गलत
बिलासपुर।
Updated Thu, 19 Sep 2013 12:57 AM IST
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सरकार प्रसिद्ध ऐतिहासिक तीर्थ स्थल कपालमोचन को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए तो करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन पर्यटन विभाग की ओर से बिलासपुर और कपाल मोचन में जगह-जगह मार्ग दिखाने के बोर्डों में ही कई कमियां हैं।
विभाग ने होर्डिंग के ऊपर सरोवरों को टैंक बना दिया और कपालमोचन सरोवर की जगह बिलासपुर लिख दिया। लोगों का कहना है कि इससे प्रशासन की लापरवाही साफ प्रतीत होती है।
समाजसेवी संस्थाओं और संतों में रोष
प्रशासन की इस गलती को लेकर संत समाज, समाजसेवी संस्थाओं और क्षेत्र के लोगाें में रोष है। कपालमोचन के षटदर्शन समाज सोसाइटी कपालमोचन एवं संत समाज के बलजिंद्र दास, घमंडीदास, महंत बलदेव, विजय मुनि, झंडदास, प्राचार्य अरुणेश्वर झा, प्रधान रणजीत सिंह, राम स्वरूप, रवीगिरी, भूपाल, पृथ्वी सिंह, विपिन सिंगला और प्रवीन शर्मा का कहना है कि पर्यटन विभाग ने जो होर्डिंग लगाए हैं उन पर कपालमोचन टैंक, सूरजकुंड टैक, ऋण मोचन टैंक लिख दिया, जिससे लाखों संतों और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। यह धार्मिक भावना से खिलवाड़ है। इस बारे में एसडीएम से मिलकर मांग करेंगे कि इन होर्डिंग पर तीर्थ स्थलों के जो नाम गलत लिखे हैं, उन्हें सही लिखा जाए।
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बोर्ड पर लिखी दूरी भी गलत
प्रशासन की ओर से दूरी के लिए लगाए गए मील स्टोन पर बिलासपुर से कपालमोचन की दूरी भी गलत लिख दी गई। बिलासपुर-जगाधरी रोड पर पुराने पेट्रोल पंप से कपालमोचन, सूरजकुंड एवं ऋण मोचन पवित्र सरोवरोें की दूरी साढे़ तीन किलोमीटर दिखाई गई, जबकि बिलासपुर शिव चौक व अग्रसेन चौक के बीच लगाए गए बोर्ड पर कपालमोचन के पवित्र सरोवरों की दूरी घटाने के बजाय बढ़ाकर चार किलोमीटर दर्शाई गई है।
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विभाग ने होर्डिंग के ऊपर सरोवरों को टैंक बना दिया और कपालमोचन सरोवर की जगह बिलासपुर लिख दिया। लोगों का कहना है कि इससे प्रशासन की लापरवाही साफ प्रतीत होती है।
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समाजसेवी संस्थाओं और संतों में रोष
प्रशासन की इस गलती को लेकर संत समाज, समाजसेवी संस्थाओं और क्षेत्र के लोगाें में रोष है। कपालमोचन के षटदर्शन समाज सोसाइटी कपालमोचन एवं संत समाज के बलजिंद्र दास, घमंडीदास, महंत बलदेव, विजय मुनि, झंडदास, प्राचार्य अरुणेश्वर झा, प्रधान रणजीत सिंह, राम स्वरूप, रवीगिरी, भूपाल, पृथ्वी सिंह, विपिन सिंगला और प्रवीन शर्मा का कहना है कि पर्यटन विभाग ने जो होर्डिंग लगाए हैं उन पर कपालमोचन टैंक, सूरजकुंड टैक, ऋण मोचन टैंक लिख दिया, जिससे लाखों संतों और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। यह धार्मिक भावना से खिलवाड़ है। इस बारे में एसडीएम से मिलकर मांग करेंगे कि इन होर्डिंग पर तीर्थ स्थलों के जो नाम गलत लिखे हैं, उन्हें सही लिखा जाए।
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बोर्ड पर लिखी दूरी भी गलत
प्रशासन की ओर से दूरी के लिए लगाए गए मील स्टोन पर बिलासपुर से कपालमोचन की दूरी भी गलत लिख दी गई। बिलासपुर-जगाधरी रोड पर पुराने पेट्रोल पंप से कपालमोचन, सूरजकुंड एवं ऋण मोचन पवित्र सरोवरोें की दूरी साढे़ तीन किलोमीटर दिखाई गई, जबकि बिलासपुर शिव चौक व अग्रसेन चौक के बीच लगाए गए बोर्ड पर कपालमोचन के पवित्र सरोवरों की दूरी घटाने के बजाय बढ़ाकर चार किलोमीटर दर्शाई गई है।