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Yamuna Nagar News: वैदिक संस्कृति व राष्ट्र रक्षा पर किया मंथन
Mon, 02 Feb 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तीन दिवसीय 47वें वार्षिकोत्सव के तहत आयोजित महावेबिनार का रविवार को समापन हो गया। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल आर्य के नेतृत्व में आयोजित वेबिनार के दूसरे दिन राष्ट्र रक्षा यज्ञ, स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी और राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी सत्र संपन्न हुए।
वैदिक विद्वान आचार्य अखिलेश्वर ने राष्ट्र रक्षा यज्ञ कराते हुए यज्ञ की महिमा और उसके लाभों पर प्रकाश डाला। स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी सत्र में वक्ताओं ने उनके राष्ट्रवादी विचारों और गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना को ऐतिहासिक योगदान बताया। विदेशों से जुड़े वक्ताओं ने गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति, युवा सशक्तिकरण और जातिवाद उन्मूलन पर विचार रखे।
नई दिल्ली से वैदिक विद्वान आचार्य गवेंद्र शास्त्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और आर्य समाज में देशभक्ति की भावना प्रशंसनीय है। डॉ. अनिल आर्य ने कहा कि समाज के ज्वलंत मुद्दों का समाधान कर आर्य समाज विश्व को नेतृत्व दे सकता है। राष्ट्रीय कवि गोष्ठी सत्र का संयोजन प्रो. नरेंद्र आहूजा विवेक ने किया, जिसमें प्रसिद्ध कवियों ने प्रेरणादायक काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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रादौर। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तीन दिवसीय 47वें वार्षिकोत्सव के तहत आयोजित महावेबिनार का रविवार को समापन हो गया। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल आर्य के नेतृत्व में आयोजित वेबिनार के दूसरे दिन राष्ट्र रक्षा यज्ञ, स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी और राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी सत्र संपन्न हुए।
वैदिक विद्वान आचार्य अखिलेश्वर ने राष्ट्र रक्षा यज्ञ कराते हुए यज्ञ की महिमा और उसके लाभों पर प्रकाश डाला। स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी सत्र में वक्ताओं ने उनके राष्ट्रवादी विचारों और गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना को ऐतिहासिक योगदान बताया। विदेशों से जुड़े वक्ताओं ने गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति, युवा सशक्तिकरण और जातिवाद उन्मूलन पर विचार रखे।
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नई दिल्ली से वैदिक विद्वान आचार्य गवेंद्र शास्त्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और आर्य समाज में देशभक्ति की भावना प्रशंसनीय है। डॉ. अनिल आर्य ने कहा कि समाज के ज्वलंत मुद्दों का समाधान कर आर्य समाज विश्व को नेतृत्व दे सकता है। राष्ट्रीय कवि गोष्ठी सत्र का संयोजन प्रो. नरेंद्र आहूजा विवेक ने किया, जिसमें प्रसिद्ध कवियों ने प्रेरणादायक काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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