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Yamuna Nagar News: जंगल सफारी का दायरा छह किमी बढ़ाने पर मंथन
Wed, 11 Dec 2024 03:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 11 Dec 2024 03:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शिवालिक की पहाड़ियों की तलहटी में 11570 एकड़ में बसा कलेसर नेशनल पार्क की जंगल सफारी का पर्यटकों को और अधिक आनंद मिलने वाला है। मौजूदा समय में जहां 14 किमी. की जंगल सफारी कराई जा रही है, वहीं अब इसे छह किमी बढ़ाकर 20 किमी करने के लिए विभाग की तरफ से मंथन किया जा रहा है।
करीब 11570 एकड़ क्षेत्र बसा खूबसूरत कलेसर जंगल सैलानियों को खूब पसंद आ रहा है। यहां जंगल सफारी की शुरूआत होते ही सैलानियों की भीड़ पहले से अधिक जुटने लगी है। जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर नेशनल कलेसर पार्क में जहां पर्यटकों को जंगल सफारी का आनंद उठा रहे, वहीं उन्हें यहां पर कई प्रकार के सुंदर दुर्लभ प्राणी भी देखने को मिलते हैं।
इस जंगल में तेंदुए, सांबर, बिल्ली, चित्तल, नीलगाय, भालू, जंगली धब्बेदार बिल्ली, हाथी, लंगूर, बंदर, जंगली मुर्गे जैसे अन्य जानवरों की प्रजातियां हैं। जंगली सुअर और मोंगोज भी यहां पाए जाते हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से भी कई बार बाघ और हाथी इस क्षेत्र में आ जाते हैं। खासकर शनिवार और रविवार या छुट्टियों में जंगल सफारी के लिए पहले से भीड़ बढ़ने लगती है।
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इस साल जब से जंगल सफारी शुरू हुई है तब से यहां सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। यहां दिल्ली, हिसार, गुरुग्राम तथा पंजाब तक अन्य जगहों से सैलानी पहुंच रहे हैं। सैलानियों की संख्या बढ़ने से सफारी से राजस्व में भी बढ़ोतरी हो रही है। बता दें कलेसर नेशनल पार्क बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इसे सीमा तीन राज्यों हिमाचल, उत्तरांचल और उत्तरप्रदेश से लगी हुई है। यहां बने कलेसर मठ (शिव) मंदिर के नाम पर इस पार्क का कलेसर नामकरण हुआ है।
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यमुनानगर। शिवालिक की पहाड़ियों की तलहटी में 11570 एकड़ में बसा कलेसर नेशनल पार्क की जंगल सफारी का पर्यटकों को और अधिक आनंद मिलने वाला है। मौजूदा समय में जहां 14 किमी. की जंगल सफारी कराई जा रही है, वहीं अब इसे छह किमी बढ़ाकर 20 किमी करने के लिए विभाग की तरफ से मंथन किया जा रहा है।
करीब 11570 एकड़ क्षेत्र बसा खूबसूरत कलेसर जंगल सैलानियों को खूब पसंद आ रहा है। यहां जंगल सफारी की शुरूआत होते ही सैलानियों की भीड़ पहले से अधिक जुटने लगी है। जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर नेशनल कलेसर पार्क में जहां पर्यटकों को जंगल सफारी का आनंद उठा रहे, वहीं उन्हें यहां पर कई प्रकार के सुंदर दुर्लभ प्राणी भी देखने को मिलते हैं।
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इस जंगल में तेंदुए, सांबर, बिल्ली, चित्तल, नीलगाय, भालू, जंगली धब्बेदार बिल्ली, हाथी, लंगूर, बंदर, जंगली मुर्गे जैसे अन्य जानवरों की प्रजातियां हैं। जंगली सुअर और मोंगोज भी यहां पाए जाते हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से भी कई बार बाघ और हाथी इस क्षेत्र में आ जाते हैं। खासकर शनिवार और रविवार या छुट्टियों में जंगल सफारी के लिए पहले से भीड़ बढ़ने लगती है।
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इस साल जब से जंगल सफारी शुरू हुई है तब से यहां सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। यहां दिल्ली, हिसार, गुरुग्राम तथा पंजाब तक अन्य जगहों से सैलानी पहुंच रहे हैं। सैलानियों की संख्या बढ़ने से सफारी से राजस्व में भी बढ़ोतरी हो रही है। बता दें कलेसर नेशनल पार्क बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इसे सीमा तीन राज्यों हिमाचल, उत्तरांचल और उत्तरप्रदेश से लगी हुई है। यहां बने कलेसर मठ (शिव) मंदिर के नाम पर इस पार्क का कलेसर नामकरण हुआ है।