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Yamuna Nagar News: गर्मी से निजात दिलाने को बदली हथिनियों की डाइट
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बन संतौर में मादा हाथियों के लिए बढ़ती गर्मी को देखते हुए डाइट प्लान चेंज कर दिया गया है। हथिनियों को डाइट में ठंडी चीजें देना शुरू कर दी गई है। जिससे हथिनियां गर्मी से भी निजात पाएंगी और उनके शरीर का वाटर लेवल भी सामान्य बना रहेगा।
इसके साथ हथिनियों की गर्मी दूर करने के लिए पुनर्वास केंद्र में बने पानी के हौद में पानी छोड़ दिया गया है। गर्म हवाएं व लूं से बचने के लिए हाथी पानी के हौद में जी भरकर सारा दिन मस्ती करते हुए नजर आ रही हैं। हाथी पुनर्वास केंद्र बन संतौर के केयर टेकर आशीष बतूरा ने बताया कि केंद्र में चार मादा हथिनियों को रखा हुआ है। मौसम के हिसाब से हथिनियों की डाइट में परिवर्तन किया जाता है। सर्दी के मौसम में गर्म डाइट दी जाती है और जब गर्मी होती है तो डाइट में ठंडी चीजें बदल दी जाती है।
हथिनियों की डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी व कद्दू यह शुरू कर दिया गया है। हथिनियों को गर्मी से बचाने के लिए केंद्र में बनाए गए पानी के हौद में रोजाना ताजा में ठंडा पानी भरा जा रहा है, जिसमें हथिनियों सारा दिन अठखेलियां करती हुई नजर आती हैं। उन्होंने बताया कि वैसे भी हाथिनी को पानी में नहाना वह खेलना बहुत ही अच्छा लगता है।
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गर्मी के मौसम में हाथी को अगर उनके शरीर की जरूरत के अनुसार नहाने व पीने के लिए पानी मिलता रहे तो वह गर्मी को बहुत ही कम महसूस करते हैं। अगर गर्मी के मौसम में उनकी शरीर की जरूरत के हिसाब से पानी ना मिले तो उनके स्वभाव में भी चिड़चिड़ापन आ जाता है।
सुबह-शाम कराई जाती है सैर
आशीष बतूरा ने बताया कि सुबह-शाम सभी हथिनियों को सैर भी कराई जाती है। इसके साथ टारगेट अभ्यास भी कराया जाता है जिसमें हथिनियों को इशारे की भाषा से चलाया जाता है। इसके अलावा सर्दी के मौसम की अपेक्षा गर्मी के मौसम में हथिनियों का ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। गर्मी के मौसम में उनके पास और नाखूनों पर विशेष ध्यान देना होता है। जिसमें पैरों के नाखूनों की ट्रीमिंग सबसे जरूरी होती है। हाथी के पैर के नाखून बढ़ने से हाथी का वजन नाखूनों के ऊपर आने लगता है। जैसे हाथी को चलने में बहुत ही दिक्कत होती है। हथिनियों की देखभाल करने के लिए प्रशिक्षित स्पेशल स्टाफ भी लगाया गया है।
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छछरौली। चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बन संतौर में मादा हाथियों के लिए बढ़ती गर्मी को देखते हुए डाइट प्लान चेंज कर दिया गया है। हथिनियों को डाइट में ठंडी चीजें देना शुरू कर दी गई है। जिससे हथिनियां गर्मी से भी निजात पाएंगी और उनके शरीर का वाटर लेवल भी सामान्य बना रहेगा।
इसके साथ हथिनियों की गर्मी दूर करने के लिए पुनर्वास केंद्र में बने पानी के हौद में पानी छोड़ दिया गया है। गर्म हवाएं व लूं से बचने के लिए हाथी पानी के हौद में जी भरकर सारा दिन मस्ती करते हुए नजर आ रही हैं। हाथी पुनर्वास केंद्र बन संतौर के केयर टेकर आशीष बतूरा ने बताया कि केंद्र में चार मादा हथिनियों को रखा हुआ है। मौसम के हिसाब से हथिनियों की डाइट में परिवर्तन किया जाता है। सर्दी के मौसम में गर्म डाइट दी जाती है और जब गर्मी होती है तो डाइट में ठंडी चीजें बदल दी जाती है।
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हथिनियों की डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी व कद्दू यह शुरू कर दिया गया है। हथिनियों को गर्मी से बचाने के लिए केंद्र में बनाए गए पानी के हौद में रोजाना ताजा में ठंडा पानी भरा जा रहा है, जिसमें हथिनियों सारा दिन अठखेलियां करती हुई नजर आती हैं। उन्होंने बताया कि वैसे भी हाथिनी को पानी में नहाना वह खेलना बहुत ही अच्छा लगता है।
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गर्मी के मौसम में हाथी को अगर उनके शरीर की जरूरत के अनुसार नहाने व पीने के लिए पानी मिलता रहे तो वह गर्मी को बहुत ही कम महसूस करते हैं। अगर गर्मी के मौसम में उनकी शरीर की जरूरत के हिसाब से पानी ना मिले तो उनके स्वभाव में भी चिड़चिड़ापन आ जाता है।
सुबह-शाम कराई जाती है सैर
आशीष बतूरा ने बताया कि सुबह-शाम सभी हथिनियों को सैर भी कराई जाती है। इसके साथ टारगेट अभ्यास भी कराया जाता है जिसमें हथिनियों को इशारे की भाषा से चलाया जाता है। इसके अलावा सर्दी के मौसम की अपेक्षा गर्मी के मौसम में हथिनियों का ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। गर्मी के मौसम में उनके पास और नाखूनों पर विशेष ध्यान देना होता है। जिसमें पैरों के नाखूनों की ट्रीमिंग सबसे जरूरी होती है। हाथी के पैर के नाखून बढ़ने से हाथी का वजन नाखूनों के ऊपर आने लगता है। जैसे हाथी को चलने में बहुत ही दिक्कत होती है। हथिनियों की देखभाल करने के लिए प्रशिक्षित स्पेशल स्टाफ भी लगाया गया है।